‘कलारी लीप’ समुद्री अभ्यास से लक्षद्वीप में सुदृढ़ हुआ संयुक्त द्वीपीय रक्षा तंत्र

‘कलारी लीप’ समुद्री अभ्यास से लक्षद्वीप में सुदृढ़ हुआ संयुक्त द्वीपीय रक्षा तंत्र

भारतीय वायुसेना की दक्षिणी वायु कमान ने लक्षद्वीप और मिनिकॉय द्वीपसमूह में उच्च-गति संयुक्त समुद्री अभ्यास ‘कलारी लीप’ का सफल आयोजन किया। इस अभ्यास का उद्देश्य संयुक्त योजना निर्माण, त्वरित बल प्रक्षेपण और जटिल समुद्री वातावरण में सटीक अभियानों की क्षमता का परीक्षण करना था। यह अभ्यास रणनीतिक रूप से संवेदनशील जलक्षेत्रों में एकीकृत द्वीपीय रक्षा और समुद्री डोमेन जागरूकता पर भारत के बढ़ते फोकस को दर्शाता है।

एकीकृत समुद्री संचालन का परीक्षण

‘कलारी लीप’ में भारतीय वायुसेना, सशस्त्र बल विशेष अभियान प्रभाग और भारतीय तटरक्षक बल ने समन्वित रूप से भाग लिया। अभ्यास का उद्देश्य वायु, समुद्री और विशेष अभियान इकाइयों के बीच निर्बाध समन्वय और पारस्परिक संचालन क्षमता (इंटरऑपरेबिलिटी) को परखना था।

अभ्यास के दौरान एंटी-शिप स्ट्राइक सिमुलेशन और समुद्री खोज एवं बचाव अभियान जैसे परिचालन ड्रिल आयोजित किए गए। इन गतिविधियों के माध्यम से द्वीपीय क्षेत्रों में समुद्री आपात स्थितियों के प्रति त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का आकलन किया गया।

बहु-क्षेत्रीय संसाधनों की तैनाती

अभ्यास में भारतीय वायुसेना के विभिन्न संसाधनों के साथ भारतीय तटरक्षक बल के पोत, जेमिनी नौकाएं और डोर्नियर 228 विमान शामिल किए गए। विविध प्लेटफॉर्मों के उपयोग से निगरानी, आक्रमण क्षमता और मानवीय सहायता जैसे परिदृश्यों का यथार्थ अभ्यास संभव हुआ।

इस प्रकार का बहु-क्षेत्रीय समन्वय भारत के द्वीपीय क्षेत्रों और आसपास की समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

द्वीपीय रक्षा तैयारी को मजबूती

लक्षद्वीप और मिनिकॉय द्वीपसमूह अरब सागर में अपनी सामरिक स्थिति के कारण अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इन द्वीपों के निकट प्रमुख समुद्री व्यापार मार्ग गुजरते हैं, जिससे उनकी सुरक्षा राष्ट्रीय हित से जुड़ी हुई है।

‘कलारी लीप’ जैसे अभ्यास दक्षिणी वायु कमान की उस तैयारी को प्रदर्शित करते हैं, जिसके तहत चुनौतीपूर्ण समुद्री भूभाग में एकीकृत मिशनों को प्रभावी ढंग से अंजाम दिया जा सकता है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • दक्षिणी वायु कमान का मुख्यालय तिरुवनंतपुरम में स्थित है।
  • लक्षद्वीप और मिनिकॉय अरब सागर में स्थित रणनीतिक द्वीप क्षेत्र हैं।
  • डोर्नियर 228 विमान समुद्री निगरानी और टोही कार्यों में प्रयुक्त होते हैं।
  • भारतीय तटरक्षक बल रक्षा मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।

‘कलारी लीप’ अभ्यास ने सशस्त्र बलों की त्वरित बल प्रक्षेपण और समन्वित समुद्री संचालन क्षमता को पुनः प्रमाणित किया। यह अभ्यास क्षेत्र में द्वीपीय सुरक्षा, समुद्री निगरानी और एकीकृत रक्षा तैयारी को सुदृढ़ करने की दिशा में भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

Originally written on February 27, 2026 and last modified on February 27, 2026.

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