कर्नाटक में संपत्ति स्वामित्व परिवर्तन के लिए स्वत: म्यूटेशन प्रणाली शुरू
कर्नाटक सरकार ने राज्य भर में भूमि और संपत्ति लेनदेन की प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए स्वचालित संपत्ति म्यूटेशन प्रणाली (Auto-Mutation System) की शुरुआत की है। यह सुधार भूमि रिकॉर्ड को डिजिटल बनाने की दिशा में राज्य सरकार के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है और संपत्ति स्थानांतरण के बाद स्वामित्व अद्यतन में लगने वाले समय और प्रक्रियात्मक बाधाओं को कम करेगा।
स्वत: म्यूटेशन प्रणाली क्या है?
वर्तमान व्यवस्था में, संपत्ति की बिक्री, उपहार या अन्य लेनदेन के बाद खरीदार को स्वामित्व परिवर्तन (mutation) के लिए राजस्व विभाग में अलग से आवेदन करना होता है। इस प्रक्रिया में 7 से 15 दिन की नोटिस अवधि लगती है, जिससे कई बार देरी और विवाद उत्पन्न होते हैं। नई प्रणाली के तहत, जैसे ही रजिस्ट्री पूरी होती है, स्वामित्व रिकॉर्ड स्वतः अपडेट हो जाएंगे। अब राजस्व विभाग में अलग से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी।
डिजिटल भूमि रिकॉर्ड से एकीकरण
यह पहल राज्य के भूमि प्रशासन के डिजिटलीकरण की दिशा में कर्नाटक सरकार द्वारा चलाए जा रहे सुधारों पर आधारित है। पहले से मौजूद भूमि रिकॉर्ड पोर्टल “भूमि” के माध्यम से नागरिक आरटीसी (Record of Rights, Tenancy and Crops) और म्यूटेशन की स्थिति ऑनलाइन देख सकते हैं। नई प्रणाली में पंजीकरण कार्यालयों को भूमि रिकॉर्ड डेटाबेस से जोड़ा गया है, जिससे स्वामित्व डेटा का रीयल-टाइम अपडेट संभव होगा।
खरीदारों और संपत्ति बाजार के लिए लाभ
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि यह सुधार होमबायर्स, विक्रेताओं और निवेशकों के लिए नौकरशाही अड़चनों को काफी हद तक कम करेगा। म्यूटेशन की स्वत: प्रक्रिया से पारदर्शिता में वृद्धि, स्वामित्व विवादों में कमी, और कानूनी स्पष्टता सुनिश्चित होगी। यह सुधार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को भी बढ़ावा देगा और संपत्ति बाजार में डिजिटल विश्वास को सुदृढ़ करेगा।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- म्यूटेशन का अर्थ है राजस्व रिकॉर्ड में संपत्ति के स्वामित्व विवरण का अद्यतन।
- “भूमि पोर्टल” कर्नाटक सरकार की भूमि रिकॉर्ड और आरटीसी की डिजिटल प्रणाली है।
- ऑटो-म्यूटेशन में संपत्ति की रजिस्ट्री के साथ ही राजस्व रिकॉर्ड अपने आप अपडेट हो जाते हैं।
- आंध्र प्रदेश और चंडीगढ़ जैसे राज्यों/संघ-शासित क्षेत्रों में भी ऐसी व्यवस्था मौजूद है।
कार्यान्वयन चुनौतियाँ और आगे की राह
हालांकि यह सुधार कुशलता और पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम है, परंतु पहले ई-खाता और RTC सिस्टम में सामने आए तकनीकी समस्याएं और डेटा सटीकता को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। इस नई प्रणाली की सफलता के लिए तकनीकी स्थिरता, शिकायत निवारण तंत्र, और जनसामान्य के लिए स्पष्ट जानकारी अत्यंत आवश्यक है।
यदि सफलतापूर्वक लागू किया गया, तो यह सुधार संपत्ति स्वामित्व परिवर्तन की प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और न्यूनतम मानवीय हस्तक्षेप के साथ संभव बनाएगा, जो एक डिजिटल और भरोसेमंद भूमि प्रशासन प्रणाली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।