कर्नाटक में नई मेंढक प्रजाति ‘काली नाइट फ्रॉग’ की खोज

कर्नाटक में नई मेंढक प्रजाति ‘काली नाइट फ्रॉग’ की खोज

भारत के कर्नाटक राज्य में हाल ही में एक नई मेंढक प्रजाति “नाइक्टिबैट्राकस काली” (Nyctibatrachus kali), जिसे आमतौर पर काली नाइट फ्रॉग कहा जाता है, की खोज की गई है। यह खोज पश्चिमी घाट की समृद्ध जैव विविधता को उजागर करती है और संरक्षित क्षेत्रों में निरंतर पारिस्थितिक अनुसंधान के महत्व को रेखांकित करती है। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह प्रजाति न केवल जैव विविधता के अध्ययन में महत्वपूर्ण है, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन को समझने में भी मदद करती है।

नाइक्टिबैट्राकस काली के बारे में

नाइक्टिबैट्राकस काली, नाइट फ्रॉग की एक नई प्रजाति है, जो नाइक्टिबैट्राकस वंश से संबंधित है। यह वंश भारत के लिए स्थानिक (एंडेमिक) है और मुख्य रूप से पश्चिमी घाट में पाया जाता है। इस प्रजाति का नाम काली नदी के नाम पर रखा गया है, जो इसके खोज क्षेत्र से जुड़ी हुई है। यह मेंढक मुख्यतः रात्रिचर होता है और जंगलों की नमी वाली धाराओं और जल स्रोतों के पास पाया जाता है।

खोज और विशिष्ट विशेषताएं

इस प्रजाति की खोज कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले में स्थित काली टाइगर रिजर्व में की गई। इसे एक ‘क्रिप्टिक’ प्रजाति कहा गया है, क्योंकि यह दिखने में अन्य प्रजातियों, विशेष रूप से 2014 में खोजे गए कुंबारा नाइट फ्रॉग (Nyctibatrachus kumbara) से काफी मिलती-जुलती है। इसकी सबसे खास पहचान इसकी अनोखी आवाज है, जो जंगल में लकड़ी काटने जैसी ध्वनि उत्पन्न करती है, जिससे शोधकर्ताओं को इसे पहचानने में मदद मिली।

आवास और पारिस्थितिक महत्व

यह प्रजाति पश्चिमी घाट के घने जंगलों में पाई जाती है, जो दुनिया के प्रमुख जैव विविधता हॉटस्पॉट में से एक है। उभयचर जीव जैसे यह मेंढक पर्यावरण के ‘बायो-इंडिकेटर’ होते हैं, जो पारिस्थितिकी तंत्र की सेहत को दर्शाते हैं। इनकी उपस्थिति स्वच्छ जल स्रोतों और स्थिर पर्यावरणीय परिस्थितियों का संकेत देती है, इसलिए इनके संरक्षण का विशेष महत्व है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • नाइक्टिबैट्राकस काली कर्नाटक में खोजी गई नई मेंढक प्रजाति है।
  • यह नाइक्टिबैट्राकस वंश से संबंधित है, जो भारत में स्थानिक है।
  • इसकी खोज काली टाइगर रिजर्व, उत्तर कन्नड़ में हुई।
  • यह एक क्रिप्टिक प्रजाति है, जो नाइक्टिबैट्राकस कुंबारा से मिलती-जुलती है।

काली टाइगर रिजर्व का महत्व

काली टाइगर रिजर्व कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले में स्थित एक महत्वपूर्ण संरक्षित क्षेत्र है, जिसमें डांडेली वन्यजीव अभयारण्य और अंशी राष्ट्रीय उद्यान शामिल हैं। यहां से बहने वाली काली नदी क्षेत्र के लिए एक प्रमुख जल स्रोत है। यह क्षेत्र अर्ध-सदाबहार और नम पर्णपाती वनों, बांस के जंगलों और घास के मैदानों से समृद्ध है। यहां बाघ, तेंदुआ, हाथी, गौर, जंगली कुत्ते, सांभर और चीतल जैसे अनेक वन्यजीव पाए जाते हैं।

अंततः, काली नाइट फ्रॉग की यह खोज न केवल वैज्ञानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह हमें प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और जैव विविधता के महत्व के प्रति जागरूक भी करती है, जो भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है।

Originally written on March 30, 2026 and last modified on March 30, 2026.

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