‘कर्नाटक भारत गौरव ट्रेन’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन, सांस्कृतिक पर्यटन को नई पहचान
केंद्रीय रेल एवं जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने 23 फरवरी 2026 को रेल भवन में “कर्नाटक भारत गौरव ट्रेन: जर्नी ऑफ ए थाउजेंड श्राइन्स” शीर्षक कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। यह प्रकाशन भारतीय रेलवे की भारत गौरव नीति के तहत संचालित एक प्रमुख सांस्कृतिक पर्यटन पहल का दस्तावेज प्रस्तुत करता है। मंत्री ने इसे आस्था, विरासत और आधुनिक रेल अवसंरचना के समन्वय का प्रतीक बताया। इस पहल की परिकल्पना और संचालन सेवानिवृत्त आईआरटीएस अधिकारी डॉ. अनुप दयानंद द्वारा किया गया, जिसका उद्देश्य तीर्थ यात्रा को सुलभ और किफायती बनाना है।
प्रमुख तीर्थ पर्यटन पहल
कर्नाटक भारत गौरव ट्रेन को भारतीय रेलवे की एक प्रमुख तीर्थ पर्यटन परियोजना के रूप में स्थापित किया गया है। यह पहल रेलवे को केवल परिवहन सेवा प्रदाता से आगे बढ़ाकर सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संपर्क के माध्यम के रूप में प्रस्तुत करती है।
योजना के अंतर्गत कर्नाटक के 30,000 से अधिक श्रद्धालु सब्सिडी दरों पर काशी और अन्य पवित्र स्थलों की यात्रा कर चुके हैं। यह कार्यक्रम ‘देखो अपना देश’ और ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ जैसे राष्ट्रीय अभियानों के अनुरूप है, जो सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय एकीकरण को बढ़ावा देते हैं।
थीम आधारित सर्किट और समावेशी पैकेज
भारत गौरव ट्रेन विभिन्न थीम आधारित सर्किट संचालित करती है, जिनमें काशी दर्शन, ज्योतिर्लिंग दर्शन, शक्ति पीठ यात्रा, दक्षिण यात्रा, द्वारका यात्रा और पुरी जगन्नाथ यात्रा शामिल हैं।
प्रत्येक पैकेज पूर्णतः समावेशी है, जिसमें रेल यात्रा, शाकाहारी भोजन, आवास, स्थानीय परिवहन, गाइड और दर्शनीय स्थलों का भ्रमण शामिल होता है। वरिष्ठ नागरिकों और पहली बार तीर्थ यात्रा करने वाले यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है। राज्य सरकारों की सब्सिडी और नीतिगत समर्थन ने इसे किफायती बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
परिचालन सफलता और राजस्व प्रभाव
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अब तक 46 यात्राएं सफलतापूर्वक पूरी की जा चुकी हैं, जिनमें 28,786 तीर्थयात्रियों ने भाग लिया। इस पहल से भारतीय रेलवे को लगभग 25.57 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।
यह मॉडल न केवल समावेशी तीर्थ पर्यटन को बढ़ावा देता है, बल्कि रेलवे के लिए वैकल्पिक राजस्व स्रोत भी सृजित करता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- भारत गौरव नीति भारतीय रेलवे द्वारा थीम आधारित पर्यटन ट्रेनों को बढ़ावा देती है।
- ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ अभियान राष्ट्रीय एकीकरण को प्रोत्साहित करता है।
- ज्योतिर्लिंग और शक्ति पीठ भारत के प्रमुख तीर्थ सर्किटों में शामिल हैं।
- समावेशी पर्यटन पैकेज में यात्रा, आवास और स्थानीय सेवाएं एक साथ प्रदान की जाती हैं।
यह कॉफी टेबल बुक कर्नाटक भारत गौरव ट्रेन की अवधारणा और क्रियान्वयन की यात्रा को दर्शाती है, जिसे “चलती-फिरती भारत की सांस्कृतिक गैलरी” के रूप में प्रस्तुत किया गया है। विरासत, वहनीयता और आधुनिक अवसंरचना के संयोजन के माध्यम से यह पहल भारतीय रेलवे की बदलती भूमिका को रेखांकित करती है, जो देशव्यापी सांस्कृतिक एकता और आध्यात्मिक पर्यटन को सशक्त बना रही है।