कर्नाटक ग्रामीण बैंक को राष्ट्रीय सम्मान: SHG सशक्तिकरण में उत्कृष्ट प्रदर्शन

कर्नाटक ग्रामीण बैंक को राष्ट्रीय सम्मान: SHG सशक्तिकरण में उत्कृष्ट प्रदर्शन

कर्नाटक ग्रामीण बैंक को 2024–25 के लिए स्वयं सहायता समूह (SHG) बैंक लिंकज कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने में बैंक की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।

पुरस्कार और आयोजन

यह सम्मान हैदराबाद में आयोजित वित्तीय साक्षरता और क्षमता निर्माण पर राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान प्रदान किया गया। इसी कार्यक्रम में 25वीं केंद्रीय स्तरीय समन्वय समिति की बैठक भी आयोजित की गई। यह पुरस्कार बैंक के निरंतर प्रयासों और ग्रामीण समुदायों के सशक्तिकरण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

SHG आंदोलन में योगदान

कर्नाटक ग्रामीण बैंक ने SHG-बैंक लिंकज कार्यक्रम को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जो भारत की ग्रामीण विकास रणनीति का एक प्रमुख हिस्सा है। बैंक ने 80,904 से अधिक स्वयं सहायता समूहों को लगभग ₹2,835 करोड़ का ऋण प्रदान किया है। इससे ग्रामीण परिवारों, विशेष रूप से महिलाओं को वित्तीय सहायता मिली है, जिससे वे स्वरोजगार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ सकें।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ाव

बैंक की पहल दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य सामुदायिक संस्थाओं के माध्यम से गरीबी उन्मूलन करना है। बैंक ने ऋण सुविधा और क्षमता निर्माण के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका को मजबूत करने और सामाजिक-आर्थिक स्थिरता बढ़ाने में योगदान दिया है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • SHG-बैंक लिंकज कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देता है।
  • DAY-NRLM का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से गरीबी कम करना है।
  • क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRBs) कृषि और ग्रामीण विकास के लिए स्थापित किए गए हैं।
  • ‘वन स्टेट – वन ग्रामीण बैंक’ नीति RRBs के एकीकरण के लिए लागू की गई है।

संस्थागत मजबूती और भविष्य की दिशा

कर्नाटक में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के विलय के बाद ‘वन स्टेट – वन ग्रामीण बैंक’ नीति के तहत बैंक की कार्यक्षमता और पहुंच में वृद्धि हुई है। बैंक अधिकारियों के अनुसार, यह सम्मान उनकी जिम्मेदारी को और बढ़ाता है और भविष्य में सतत ग्रामीण विकास के लिए और अधिक प्रयास करने की प्रेरणा देता है।

इस प्रकार, कर्नाटक ग्रामीण बैंक का यह सम्मान भारत में वित्तीय समावेशन और ग्रामीण सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

Originally written on March 27, 2026 and last modified on March 27, 2026.

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