कर्नाटक की “गृह लक्ष्मी डिजिटल मार्केटिंग” : महिलाओं के लिए डिजिटल आर्थिक सशक्तिकरण
कर्नाटक राज्य ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और डिजिटल समावेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। “गृह लक्ष्मी डिजिटल मार्केटिंग” नामक एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल लांच किया गया है, जिसका लक्ष्य राज्य भर की महिला उद्यमियों द्वारा निर्मित उत्पादों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजार से जोड़ना है। यह पहल न केवल महिला-नेतृत्व वाली उद्यमशीलता को बढ़ावा देती है बल्कि ग्रामीण महिलाओं को भी औपचारिक विपणन चैनलों और डिजिटल दुनिया से जोड़ने में मदद करेगी।
महिला सशक्तिकरण के लिए सरकारी पहल
गृह लक्ष्मी डिजिटल मार्केटिंग पोर्टल कर्नाटक की महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा शुरू किया गया है। इस प्रयास के पीछे मुख्य प्रेरणा मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार का मार्गदर्शन है। इस पहल का नेतृत्व लक्ष्मी हेब्बालकर द्वारा किया जा रहा है, जबकि जी. पद्मावती कर्नाटक स्टेट विमेंस डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन की अध्यक्ष हैं। यह कार्यक्रम inclusive growth यानी समावेशी विकास तथा महिला-केन्द्रित उद्यमशीलता के राज्यस्तरीय लक्ष्यों को रेखांकित करता है।
राज्य-समर्थित डिजिटल बाज़ार
गृह लक्ष्मी डिजिटल मार्केटिंग पोर्टल (gruhalakshmidigital.org) एक सरकारी समर्थित ई-कॉमर्स बाज़ार के रूप में कार्य करता है। यह पोर्टल महिलाओं द्वारा निर्मित विविध उत्पादों – जैसे हस्तशिल्प, घरेलू उत्पाद, जैविक वस्तुएं, ब्यूटी वेलनेस उत्पाद आदि – को प्रदर्शित करने और बेचने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसके माध्यम से महिलाएँ अपने उत्पादों को स्थानीय बाजार से बाहर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों तक पहुँचा सकती हैं।
बाजार-संबंधी बाधाओं और डिजिटल अवसंरचना की कमी ग्रामीण महिलाओं के लिए अक्सर बड़ी चुनौती होती है। इस पोर्टल के लॉन्च के साथ, उन्हें एक भरोसेमंद मंच प्राप्त हुआ है, जहाँ वे अपने उत्पादों की पहचान, ब्रांडिंग और बिक्री को सरलता से प्रबंधित कर सकती हैं। पोर्टल का उपयोगकर्ता-अनुकूल इंटरफ़ेस, सुरक्षित लेनदेन व्यवस्था और सत्यापित विक्रेता प्रणाली इसे उपभोक्ताओं के लिए भी आकर्षक बनाती है।
पोर्टल की प्रमुख विशेषताएँ
गृह लक्ष्मी डिजिटल मार्केटिंग पोर्टल की कुछ उल्लेखनीय विशेषताएँ इस प्रकार हैं:
- विविध उत्पाद श्रेणियाँ: महिला उद्यमियों द्वारा निर्मित कई प्रकार के उत्पादों का समावेश।
- सत्यापित विक्रेता प्रणाली: इससे उपभोक्ता को भरोसेमंद खरीदारी का अनुभव मिलता है।
- ग्राहक-केन्द्रित डिज़ाइन: सहज नेविगेशन और लेनदेन की सुविधा।
- बाज़ार पहुँच और पहचान: छोटे तथा ग्रामीण उत्पादकों को व्यापक दर्शक तक पहुँच प्रदान करना।
इन सुविधाओं के माध्यम से पोर्टल महिलाओं को अपनी उत्पादक क्षमता बढ़ाने, बिक्री का दायरा व्यापक बनाने और इससे स्थायी आय उत्पन्न करने में मदद करता है। यह पहल विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण है जिन्हें पारंपरिक विपणन नेटवर्क तक पहुँच नहीं है।
पंजीकरण और भागीदारी
कर्नाटक सरकार ने राज्य भर की महिला उद्यमियों से पोर्टल पर पंजीकरण के लिए आमंत्रण जारी किया है। पंजीकरण प्रक्रियाएँ ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से, जिला प्रभारी अधिकारियों के जरिये, या विभागीय मुख्यालय में जाकर पूरी की जा सकती हैं। इस पहल से महिला उद्यमियों को डिजिटल दुनिया में अपनी पहचान बनाने और आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनने का एक सुनहरा अवसर मिलता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- गृह लक्ष्मी डिजिटल मार्केटिंग कर्नाटक सरकार द्वारा महिलाओं के उत्पादों के लिए एक ई-कॉमर्स बाज़ार है।
- इस पहल का लक्ष्य महिला-नेतृत्व वाली उद्यमशीलता को राष्ट्रीय तथा वैश्विक बाजारों से जोड़ना है।
- इसका संचालन महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत किया जा रहा है।
- विशेष रूप से ग्रामीण महिला उद्यमियों, कारीगरों और छोटे उत्पादकों पर जोर दिया गया है।
समग्र रूप से “गृह लक्ष्मी डिजिटल मार्केटिंग” पहल न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाती है बल्कि उन्हें डिजिटल बाजार में प्रतिस्पर्धा करने और अपनी प्रतिभा तथा उत्पाद क्षमता को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने का अवसर भी प्रदान करती है। इस पहल से महिलाओं की आय में वृद्धि, आत्मनिर्भरता और समाज में उनकी स्थिति को और मजबूत करने में सहायता मिलेगी।