कर्नाटक का KEO: डिजिटल शिक्षा में क्रांति लाने वाला एआई-सक्षम कंप्यूटर
कर्नाटक सरकार ने हाल ही में एक नया कदम उठाया है KEO नामक कॉम्पैक्ट और कम लागत वाला एआई-रेडी पर्सनल कंप्यूटर लॉन्च करके। इस पहल का उद्देश्य राज्यभर में डिजिटल शिक्षा की खाई को पाटना है। यह डिवाइस कर्नाटक इलेक्ट्रॉनिक्स डेवेलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (KEONICS) के सहयोग से विकसित किया गया है और छात्रों, परिवारों तथा सरकारी संस्थानों तक कंप्यूटिंग की पहुँच बढ़ाने का प्रयास है।
पहल का उद्देश्य
राज्य सरकार ने बताया कि भारत के केवल लगभग 10 प्रतिशत घरों में ही कंप्यूटर उपलब्ध हैं, और कर्नाटक की स्थिति भी इससे थोड़ी ही बेहतर है। इस कमी के कारण कई छात्रों की डिजिटल शिक्षा में भागीदारी सीमित हो जाती है, जिससे ड्रॉपआउट दरें बढ़ती हैं। KEO को एक समावेशी और सुलभ उपकरण के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो शिक्षा, कौशल विकास और डिजिटल आजीविका को समर्थन देगा।
तकनीकी विशेषताएँ और एआई क्षमताएँ
KEO को ओपन-सोर्स RISC-V प्रोसेसर पर विकसित किया गया है और यह लिनक्स आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलता है। इसमें 4G, वाई-फाई, ईथरनेट, USB-A और USB-C पोर्ट, HDMI आउटपुट और ऑडियो सपोर्ट जैसी सुविधाएँ दी गई हैं।इसकी सबसे खास बात इसका ऑन-डिवाइस एआई कोर है, जो बिना इंटरनेट के स्थानीय रूप से डेटा प्रोसेस कर सकता है। यह डिवाइस BUDDH नामक एआई टूल के साथ प्रीलोडेड आता है, जो कर्नाटक DSERT पाठ्यक्रम पर आधारित है और कम कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों के छात्रों को सहायता प्रदान करता है।
विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग
KEO का उपयोग ऑनलाइन लर्निंग, प्रोग्रामिंग, बेसिक मशीन कंट्रोल, और विजुअल कंप्यूटिंग जैसे कार्यों में किया जा सकता है। यह न केवल स्कूल और कॉलेज स्तर की शिक्षा के लिए उपयोगी है, बल्कि सरकारी दफ्तरों, स्वास्थ्य केंद्रों और पुलिस थानों में भी दस्तावेज़ीकरण तथा वेब-आधारित कार्यों में सहायक साबित होगा।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- KEO कर्नाटक सरकार और KEONICS द्वारा विकसित एक एआई-रेडी पर्सनल कंप्यूटर है।
- यह 64-बिट क्वाड-कोर RISC-V प्रोसेसर और लिनक्स आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलता है।
- डिवाइस में ऑन-डिवाइस एआई कोर है, जिसकी प्रोसेसिंग क्षमता लगभग 4–5 TOPS है।
- KEO में BUDDH नामक एआई एजेंट पहले से मौजूद है, जो DSERT पाठ्यक्रम पर आधारित है।
वितरण और विस्तार योजना
KEONICS इस डिवाइस के वितरण की जिम्मेदारी संभाल रहा है, और प्रारंभिक प्री-ऑर्डर स्कूलों के लिए दिए जा चुके हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य इसे पंचायत पुस्तकालयों, स्कूलों, कॉलेजों, छात्रावासों और विभिन्न सरकारी विभागों तक पहुँचाना है। आने वाले समय में, कर्नाटक सरकार चाहती है कि KEO के माध्यम से राज्य में डिजिटल भागीदारी और सुलभ कंप्यूटिंग को व्यापक रूप से बढ़ावा दिया जाए।