ओपीटी कार्यक्रम पर नया अमेरिकी विधेयक: अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए राहत

ओपीटी कार्यक्रम पर नया अमेरिकी विधेयक: अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए राहत

संयुक्त राज्य अमेरिका में एक द्विदलीय सांसद समूह ने ‘कीप इनोवेटर्स इन अमेरिका एक्ट’ नामक नया विधेयक पेश किया है, जिसका उद्देश्य ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (OPT) कार्यक्रम को सुरक्षित करना है। यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए पढ़ाई के बाद रोजगार को लेकर अनिश्चितता बढ़ रही है। यह विधेयक छात्रों और नियोक्ताओं दोनों को स्थिरता प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

ओपीटी कार्यक्रम क्या है

ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (OPT) एक ऐसा कार्यक्रम है, जो एफ-1 वीजा पर अध्ययन कर रहे अंतरराष्ट्रीय छात्रों को अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद अमेरिका में काम करने की अनुमति देता है। इसके तहत छात्र 12 महीने तक कार्य अनुभव प्राप्त कर सकते हैं। वहीं, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) क्षेत्र के छात्रों को अतिरिक्त दो वर्षों का विस्तार मिलता है। यह कार्यक्रम अक्सर एच-1बी जैसे दीर्घकालिक कार्य वीजा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाता है।

प्रस्तावित विधेयक की प्रमुख विशेषताएं

‘कीप इनोवेटर्स इन अमेरिका एक्ट’ का मुख्य उद्देश्य ओपीटी कार्यक्रम को कानूनी रूप से स्थापित करना है। इससे पहली बार इस कार्यक्रम को विधिक मान्यता मिलेगी, जिससे अचानक नीति बदलाव की आशंका कम हो जाएगी। यह कदम अमेरिकी उद्योगों के लिए भी महत्वपूर्ण है, जो कुशल अंतरराष्ट्रीय प्रतिभा पर निर्भर रहते हैं।

भारतीय छात्रों के लिए महत्व

अमेरिका में अध्ययन करने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों में भारतीय छात्रों की संख्या सबसे अधिक है। वर्ष 2024–25 में लगभग 3.63 लाख भारतीय छात्र अमेरिका में अध्ययनरत थे, जिनमें से करीब 1.43 लाख ओपीटी कार्यक्रम का हिस्सा हैं। ऐसे में यह विधेयक भारतीय छात्रों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह उन्हें वैश्विक स्तर पर कार्य अनुभव और बेहतर करियर अवसर प्रदान कर सकता है।

आर्थिक और नीतिगत प्रभाव

इस विधेयक के समर्थकों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय छात्र अमेरिकी अर्थव्यवस्था और नवाचार तंत्र में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। कुशल स्नातकों को बनाए रखने से अमेरिका तकनीकी और अनुसंधान क्षेत्रों में अपनी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को मजबूत कर सकता है। यह कदम वैश्विक स्तर पर प्रतिभा को आकर्षित करने की होड़ को भी दर्शाता है, जहां विभिन्न देश अनुकूल नीतियों के माध्यम से कुशल मानव संसाधन को अपने यहां बनाए रखना चाहते हैं।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • ओपीटी कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय छात्रों को पढ़ाई के बाद अमेरिका में काम करने की अनुमति देता है।
  • STEM छात्रों को ओपीटी में दो वर्ष का अतिरिक्त विस्तार मिलता है।
  • एफ-1 वीजा अमेरिका में अध्ययन करने वाले छात्रों को जारी किया जाता है।
  • एच-1बी वीजा कुशल पेशेवरों के लिए एक प्रमुख कार्य वीजा है।

अंततः, यह विधेयक न केवल अंतरराष्ट्रीय छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने का प्रयास है, बल्कि यह अमेरिका की वैश्विक प्रतिभा को बनाए रखने की रणनीति का भी हिस्सा है। यदि यह कानून बनता है, तो यह शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में स्थिरता और अवसर दोनों प्रदान कर सकता है।

Originally written on March 25, 2026 and last modified on March 25, 2026.

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