ओडिशा बनेगा भारत का पहला राज्य जो शुरू करेगा पूर्ण क्रॉनिक किडनी रोग (CKD) रजिस्ट्ररी

ओडिशा बनेगा भारत का पहला राज्य जो शुरू करेगा पूर्ण क्रॉनिक किडनी रोग (CKD) रजिस्ट्ररी

ओडिशा जल्द ही भारत का पहला राज्य बनने जा रहा है, जो क्रॉनिक किडनी रोग (CKD) के लिए एक संपूर्ण राज्य स्तरीय रजिस्ट्ररी स्थापित करने की योजना बना चुका है। यह पहल 31 मार्च तक लागू किए जाने की संभावना है और इसका उद्देश्य विश्वसनीय आंकड़ों के आधार पर नीतिगत निर्णय लेने में सहायता करना और किडनी रोगों के बढ़ते बोझ से निपटना है।

CKD रजिस्ट्ररी का उद्देश्य और महत्व

राज्य के स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल भारत के किसी भी राज्य में CKD रजिस्ट्ररी का पूर्ण कवरेज नहीं है। यद्यपि नेफ्रोलॉजिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा एक राष्ट्रीय रजिस्ट्ररी की शुरुआत की गई थी, लेकिन वर्तमान में वह सक्रिय नहीं है और उसमें सीमित डेटा ही उपलब्ध है। ऐसे में ओडिशा की यह पहल रोग की प्रारंभिक पहचान, उपचार योजना और दीर्घकालीन प्रबंधन के लिए संरचित राज्यव्यापी डेटाबेस तैयार करेगी।

संस्थागत ढांचा और तकनीकी सहयोग

राज्य के अतिरिक्त निदेशक (गैर-संचारी रोग) सुसंत कुमार स्वैन ने बताया कि इस पहल के तहत मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 12-सदस्यीय राज्य टास्क फोर्स गठित की गई है। इसके साथ ही 17 सदस्यीय तकनीकी उप-समिति (वर्किंग ग्रुप) भी बनाई गई है, जिसमें AIIMS, ICMR, स्वास्थ्य संस्थानों, ओडिशा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जल आपूर्ति, भूविज्ञान और पंचायती राज विभाग के विशेषज्ञ शामिल हैं।

नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) इस रजिस्ट्ररी के लिए विशेष सॉफ्टवेयर विकसित कर रहा है और इसके लिए आवश्यक वित्तीय प्रावधान भी कर दिए गए हैं।

रोग भार और डेटा कवरेज

यह रजिस्ट्ररी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर मेडिकल कॉलेजों तक सभी स्तरों पर CKD मामलों को दर्ज करेगी। फिलहाल उपलब्ध डेटा मुख्यतः डायलिसिस मरीजों से संबंधित है, जो कुल CKD मामलों का मात्र 10% है। 90% मरीज प्रारंभिक चरण में होते हैं, जिनकी जानकारी वर्तमान में कम है।

कुल CKD मामलों में लगभग 60% मामले डायबिटीज और हाइपरटेंशन से संबंधित हैं, जबकि 40% CKD अज्ञात कारणों (CKDu) से जुड़ी हुई है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • ओडिशा पहला भारतीय राज्य होगा जो पूर्ण CKD रजिस्ट्ररी की योजना बना रहा है।
  • ओडिशा में 15 वर्ष से ऊपर की जनसंख्या में CKD की व्यापकता लगभग 14% है।
  • डायबिटीज और हाइपरटेंशन CKD के लगभग 60% मामलों के लिए ज़िम्मेदार हैं।
  • NIC (नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर) CKD रजिस्ट्ररी सॉफ्टवेयर का विकास कर रहा है।

शोध और नीति निर्माण का आधार

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, ओडिशा में पिछले तीन वर्षों में 19,888 CKD मामले और 4,718 संबंधित मौतें दर्ज की गई हैं। प्रस्तावित रजिस्ट्ररी आगे चलकर शोध, महामारी विज्ञान विश्लेषण और लक्षित सार्वजनिक स्वास्थ्य हस्तक्षेपों के लिए एक आधाररेखा (baseline) का कार्य करेगी। इसका उद्देश्य CKD से होने वाली रुग्णता और मृत्यु दर को घटाना है।

यह पहल दर्शाती है कि यदि वैज्ञानिक डेटा संग्रहण और अंतर्विभागीय समन्वय को प्राथमिकता दी जाए, तो गंभीर गैर-संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।

Originally written on January 14, 2026 and last modified on January 14, 2026.

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