ओडिशा के गंजाम में ₹10,000 करोड़ की सौर ऊर्जा परियोजना को मंजूरी, टाटा पॉवर बनाएगा एकीकृत निर्माण इकाई

ओडिशा के गंजाम में ₹10,000 करोड़ की सौर ऊर्जा परियोजना को मंजूरी, टाटा पॉवर बनाएगा एकीकृत निर्माण इकाई

ओडिशा कैबिनेट ने एक ऐतिहासिक निर्णय में टाटा पॉवर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड को राज्य के गंजाम जिले में एक एकीकृत सौर निर्माण इकाई स्थापित करने की अनुमति दे दी है। ₹10,000 करोड़ की इस परियोजना को राज्य की सबसे बड़ी हरित ऊर्जा निवेशों में से एक माना जा रहा है, जो ओडिशा की औद्योगिक संरचना और रोजगार परिदृश्य को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

कैबिनेट की स्वीकृति और निवेश का स्वरूप

यह सौर परियोजना टाटा स्पेशल इकॉनमिक ज़ोन (SEZ), गंजाम में दो चरणों में स्थापित की जाएगी। राज्य सरकार ने इस प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए इसे हरित विनिर्माण की दिशा में एक निर्णायक पहल बताया है। अधिकारियों के अनुसार, यह निवेश राज्य की औद्योगिक नीति और अधोसंरचना तैयारियों में बढ़ते निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है।

निर्माण क्षमता और तकनीकी विशेषताएँ

जब यह इकाई पूर्ण रूप से चालू हो जाएगी, तब इसमें 10 गीगावॉट की इनगट और वेफर निर्माण क्षमता तथा 5 गीगावॉट की सोलर सेल उत्पादन क्षमता होगी। यह ओडिशा की पहली अपस्ट्रीम सौर निर्माण इकाई होगी, जो सौर मूल्य श्रृंखला के महत्वपूर्ण चरणों को कवर करेगी।

इससे भारत की आयात पर निर्भरता कम होगी और घरेलू उत्पादन को बल मिलेगा — जो आत्मनिर्भर भारत और स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों की पूर्ति के लिए आवश्यक है।

रोजगार और सहायक उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा

इस परियोजना से राज्य में 5,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियों के सृजन की संभावना है, जिनमें से कई पद उच्च कौशल आधारित होंगे। इसके अतिरिक्त, यह इकाई कांच निर्माण, रसायन, पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स और परिशुद्ध यंत्रों जैसे सहायक उद्योगों को भी गति देगी, जिससे MSME इकाइयों और स्थानीय उद्यमों के लिए नए अवसर सृजित होंगे।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • टाटा पॉवर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड भारत के प्रमुख हरित ऊर्जा खिलाड़ियों में से एक है।
  • यह परियोजना गंजाम जिले के टाटा SEZ में स्थापित की जाएगी।
  • इसमें इनगट, वेफर और सोलर सेल जैसे अपस्ट्रीम सौर घटकों का निर्माण होगा।
  • भारत का लक्ष्य 2030 तक 100 GW घरेलू सौर मॉड्यूल क्षमता प्राप्त करना है।

हरित औद्योगिकीकरण की दिशा में ओडिशा का कदम

राज्य सरकार के अनुसार, यह परियोजना ओडिशा के ग्रीन इंडस्ट्रियलाइजेशन, हाई-टेक विनिर्माण, और औद्योगिक विविधीकरण के दृष्टिकोण के साथ मेल खाती है। साथ ही, यह भारत के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों, ऊर्जा सुरक्षा, और घरेलू मूल्य श्रृंखला के सुदृढ़ीकरण में योगदान करेगी, जिससे ओडिशा को हरित ऊर्जा उपकरण निर्माण का उभरता केंद्र बनाने की दिशा में बल मिलेगा।

यह परियोजना न केवल एक औद्योगिक पहल है, बल्कि ओडिशा के लिए हरित विकास और सतत भविष्य की ओर अग्रसर होने का प्रतीक भी है।

Originally written on January 10, 2026 and last modified on January 10, 2026.

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