ओडिशा का कुसुनपुर बनेगा पहला स्मार्ट गांव

ओडिशा का कुसुनपुर बनेगा पहला स्मार्ट गांव

ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले का कुसुनपुर गांव राज्य का पहला “स्मार्ट गांव” बनने जा रहा है। यह पहल वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) द्वारा तकनीक-आधारित ग्रामीण विकास कार्यक्रम के तहत शुरू की गई है। राजनगर ब्लॉक में स्थित इस गांव में लगभग 130 परिवार और करीब 700 की आबादी रहती है। इस परियोजना का उद्देश्य आधुनिक तकनीकों को ग्रामीण जीवन और कृषि में शामिल कर एक आत्मनिर्भर और टिकाऊ मॉडल तैयार करना है।

मिशन मोड में शुरू हुई परियोजना

यह स्मार्ट गांव परियोजना विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत CSIR द्वारा मिशन मोड में शुरू की गई है। यह पहल “विकसित भारत@2047” के लक्ष्य के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है। इस परियोजना के माध्यम से यह दिखाने का प्रयास किया जा रहा है कि वैज्ञानिक नवाचार कैसे ग्रामीण जीवन, बुनियादी ढांचे और आजीविका को बेहतर बना सकते हैं।

सतत जीवन के लिए तकनीकी समाधान

कुसुनपुर गांव में कई स्वदेशी तकनीकों को लागू किया जाएगा, जो दैनिक जीवन और कृषि दोनों को सुधारेंगी। इसमें धान के सुरक्षित भंडारण के लिए वैज्ञानिक तकनीकें शामिल हैं, जिससे फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम किया जा सकेगा। इसके अलावा, नवीकरणीय ऊर्जा, स्वच्छ ईंधन और सुरक्षित पेयजल जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार होगा।

बुनियादी ढांचा और आजीविका विकास

इस परियोजना में CSIR की विभिन्न संस्थाएं मिलकर काम करेंगी। CSIR-केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (CBRI) जलवायु-लचीले बुनियादी ढांचे जैसे स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र, सामुदायिक शौचालय और गांव की समग्र योजना पर कार्य करेगा। इसके साथ ही, नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियां, कृषि-वोल्टाइक (Agrivoltaic) तकनीक और बहुउद्देश्यीय चक्रवात आश्रय केंद्र भी विकसित किए जाएंगे, जिससे आपदा प्रबंधन और सुरक्षा मजबूत होगी।

कौशल विकास और स्थानीय उद्यम

इस स्मार्ट गांव मॉडल में कौशल विकास और स्थानीय उद्यमिता पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। CSIR-सीएलआरआई (CLRI) द्वारा चमड़े के उत्पादों के निर्माण का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें मछली और मुर्गी के पैरों से बने उत्पाद भी शामिल होंगे। इसके अलावा, ओडिशा की पारंपरिक वस्त्र कला को बढ़ावा देकर रोजगार के नए अवसर पैदा किए जाएंगे। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • CSIR विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है।
  • यह भारत की सबसे बड़ी अनुसंधान एवं विकास संस्थाओं में से एक है।
  • स्मार्ट गांव की अवधारणा तकनीक-आधारित ग्रामीण विकास पर केंद्रित है।
  • केंद्रपाड़ा जिला ओडिशा के तटीय क्षेत्र में स्थित है और चक्रवात से प्रभावित होता है।

कुसुनपुर का स्मार्ट गांव के रूप में विकास भारत के ग्रामीण परिवर्तन का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन सकता है। यह पहल दिखाती है कि विज्ञान, तकनीक और स्थानीय संसाधनों के समन्वय से ग्रामीण क्षेत्रों को आत्मनिर्भर और टिकाऊ बनाया जा सकता है, जो भविष्य के भारत के विकास की दिशा तय करेगा।

Originally written on March 17, 2026 and last modified on March 17, 2026.

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