ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड राज्य में घृणा भाषण के खिलाफ कड़े कानून: धार्मिक सुरक्षा और सामाजिक समरसता को मिलेगा कानूनी बल
ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड राज्य ने घृणा भाषण (Hate Speech) के विरुद्ध सख्त कानूनी सुधारों की घोषणा की है, जिसमें कुछ प्रो-पलेस्टीन नारों और उग्रवादी प्रतीकों के सार्वजनिक उपयोग को दंडनीय अपराध की श्रेणी में रखा गया है। यह निर्णय दिसंबर 2025 में बॉन्डी बीच पर हनुक्का उत्सव के दौरान हुए भीषण आतंकी हमले के बाद लिया गया है।
बॉन्डी बीच हमला और राजनीतिक पृष्ठभूमि
क्वींसलैंड के मुख्यमंत्री डेविड क्रिसाफुल्ली ने घोषणा की कि यह विधेयक राज्य की संसद में प्रस्तुत किया जाएगा।
- 15 लोगों की मृत्यु और 40 से अधिक घायल होने वाला यह हमला 1996 के पोर्ट आर्थर नरसंहार के बाद ऑस्ट्रेलिया का सबसे घातक हमला माना गया।
- यह हमला एक यहूदी धार्मिक समारोह को निशाना बनाकर किया गया था, जिससे यहूदी समुदाय और जन सुरक्षा को लेकर चिंता अत्यधिक बढ़ गई।
प्रतिबंधित नारों और प्रतीकों का दायरा
प्रस्तावित कानून के तहत क्वींसलैंड ऑस्ट्रेलिया का पहला राज्य होगा जो सार्वजनिक रूप से “From the river to the sea, Palestine will be free” जैसे नारों पर प्रतिबंध लगाएगा।
- सरकार का तर्क है कि यह नारा और “Globalise the Intifada” जैसे वाक्यांश अक्सर ऐसे तरीकों से प्रयुक्त होते हैं जो डर पैदा करते हैं, उत्पीड़न करते हैं या अपमानजनक होते हैं।
- अटॉर्नी जनरल डेब फ्रेकलिंगटन ने पुष्टि की कि ऐसे उल्लंघनों पर दो साल तक की जेल हो सकती है।
इसके अतिरिक्त, हामास, इस्लामिक स्टेट, हिजबुल्ला और नाज़ी विचारधारा से जुड़े प्रतीकों के प्रदर्शन पर भी प्रतिबंध और सज़ा का प्रावधान रखा गया है।
धार्मिक समुदायों के लिए विस्तृत सुरक्षा
नए विधेयक में धार्मिक समुदायों की सुरक्षा के लिए निम्नलिखित प्रावधान शामिल हैं:
- धार्मिक स्थलों पर जा रहे व्यक्तियों को परेशान या रोकना – अधिकतम 3 वर्ष की सज़ा
- धार्मिक पुजारियों या धार्मिक आयोजकों को धमकाना या शारीरिक हमला – अधिकतम 5 वर्ष की सज़ा
- धार्मिक स्थलों को जानबूझकर क्षति पहुँचाना – अधिकतम 7 वर्ष की सज़ा
सरकार का कहना है कि यह विधेयक घृणा-प्रेरित हिंसा को रोकने और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा की दिशा में एक प्रभावी कदम है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- क्वींसलैंड पहला ऑस्ट्रेलियाई राज्य होगा जो विशिष्ट राजनीतिक नारों पर प्रतिबंध लगाएगा।
- ऑस्ट्रेलिया में घृणा भाषण कानून राज्य स्तर पर भिन्न होते हैं, राष्ट्रीय स्तर पर समान नहीं हैं।
- बॉन्डी बीच हमला दिसंबर 2025 में हनुक्का उत्सव के दौरान हुआ।
- प्रतिबंधित चरमपंथी प्रतीकों का प्रदर्शन दंडनीय अपराध है और जेल की सज़ा हो सकती है।
समुदाय की प्रतिक्रिया और विधिक विवेचना
इस विधेयक को तैयार करने से पहले क्वींसलैंड पुलिस, क्राइम एंड करप्शन कमीशन और ह्यूमन राइट्स कमीशन से परामर्श लिया गया।
यहूदी समुदाय के नेताओं ने इसका स्वागत करते हुए कहा कि यह कदम सुरक्षा और विश्वास बहाल करने में सहायक होगा। राज्य सरकार ने इसे संवेदनशील लेकिन ठोस उत्तर करार दिया, जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सामाजिक समरसता के बीच संतुलन बनाने की कोशिश है।
यह विधायी पहल ऑस्ट्रेलिया में बढ़ते सांप्रदायिक तनाव, वैश्विक आतंकवाद और सामाजिक विघटन की चुनौतियों के संदर्भ में विधिक उत्तरदायित्व और समाज की सुरक्षा के बीच संतुलन की कोशिश को दर्शाती है।