ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन फाइनल में फिर पहुंचे लक्ष्य सेन
भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रतिष्ठित ऑल इंग्लैंड ओपन बैडमिंटन चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बना ली है। 24 वर्षीय लक्ष्य सेन ने सेमीफाइनल में कनाडा के विक्टर लाई को कड़े मुकाबले में हराकर यह उपलब्धि हासिल की। इसके साथ ही वे इस ऐतिहासिक टूर्नामेंट के फाइनल में दूसरी बार पहुंचने वाले भारत के दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले वे 2022 में भी इस प्रतियोगिता के फाइनल तक पहुंचे थे। यह उपलब्धि अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन में भारत की बढ़ती ताकत को दर्शाती है।
कड़ा सेमीफाइनल मुकाबला
लक्ष्य सेन और विक्टर लाई के बीच सेमीफाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, जो लगभग एक घंटा 37 मिनट तक चला। इस मैच में लक्ष्य सेन ने 21-16, 18-21, 21-15 के स्कोर से जीत दर्ज की। दोनों खिलाड़ियों के बीच लंबे और थकाऊ रैलियों का आदान-प्रदान हुआ, जिनमें कई रैलियां 50 से अधिक शॉट तक चलीं।
पहले गेम में मुकाबला काफी संतुलित रहा और स्कोर 17-16 तक बेहद करीबी बना रहा। इसके बाद लक्ष्य सेन ने लगातार चार अंक जीतकर पहला गेम अपने नाम कर लिया। इस शुरुआती बढ़त ने उन्हें मैच में आत्मविश्वास दिया, हालांकि मुकाबला अंत तक रोमांचक बना रहा।
चोट के बावजूद शानदार प्रदर्शन
मुकाबले के दौरान लक्ष्य सेन को अपने दाएं पैर की उंगली में दर्दनाक छाले की समस्या का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने धैर्य और रणनीति के साथ खेल जारी रखा। दूसरे गेम में विक्टर लाई ने मजबूत वापसी की और शुरुआती बढ़त बनाकर निर्णायक गेम तक मुकाबले को खींच लिया।
निर्णायक गेम में लक्ष्य सेन ने संयम और आक्रामक शॉट्स का बेहतरीन मिश्रण दिखाया। उन्होंने 15-9 की मजबूत बढ़त बना ली। हालांकि विक्टर लाई ने स्कोर 17-15 तक पहुंचाकर थोड़ी चुनौती दी, लेकिन लक्ष्य सेन ने लगातार चार अंक जीतकर मैच अपने नाम कर लिया और फाइनल में जगह पक्की कर ली।
प्रकाश पादुकोण की उपलब्धि की बराबरी
इस उपलब्धि के साथ लक्ष्य सेन भारतीय बैडमिंटन के महान खिलाड़ी प्रकाश पादुकोण के साथ एक खास सूची में शामिल हो गए हैं। प्रकाश पादुकोण 1980 और 1981 में ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचे थे और 1980 में उन्होंने यह प्रतिष्ठित खिताब जीतकर इतिहास रचा था।
लक्ष्य सेन का दोबारा फाइनल में पहुंचना यह दर्शाता है कि भारतीय बैडमिंटन अब विश्व स्तर पर लगातार मजबूत प्रदर्शन कर रहा है और नए खिलाड़ी वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बना रहे हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- ऑल इंग्लैंड ओपन बैडमिंटन चैंपियनशिप विश्व की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित बैडमिंटन प्रतियोगिताओं में से एक है।
- भारतीय खिलाड़ी प्रकाश पादुकोण ने 1980 में यह खिताब जीतकर इतिहास रचा था।
- लक्ष्य सेन इससे पहले 2022 में भी ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप के फाइनल तक पहुंचे थे।
- यह टूर्नामेंट बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (बीडब्ल्यूएफ) वर्ल्ड टूर का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
अब फाइनल मुकाबले में लक्ष्य सेन का सामना चीनी ताइपे के खिलाड़ी लिन चुन यी से होगा। लिन चुन यी ने सेमीफाइनल में थाईलैंड के दूसरे वरीय खिलाड़ी कुनलावुत वितिदसर्न को हराकर फाइनल में प्रवेश किया है। हाल ही में इंडिया ओपन जीतने के कारण लिन भी शानदार फॉर्म में हैं। ऐसे में ऑल इंग्लैंड का फाइनल दो मजबूत खिलाड़ियों के बीच बेहद रोमांचक मुकाबला बनने की उम्मीद है।