ऑपरेशन शस्त्र: दिल्ली पुलिस की सोशल मीडिया पर डर फैलाने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई

ऑपरेशन शस्त्र: दिल्ली पुलिस की सोशल मीडिया पर डर फैलाने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई

दिल्ली पुलिस ने ‘ऑपरेशन शस्त्र’ के अंतर्गत सोशल मीडिया के दुरुपयोग को रोकने के लिए एक बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया है। इस कार्रवाई का उद्देश्य है ऐसे व्यक्तियों को चिन्हित करना और उन पर कार्रवाई करना जो सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ तस्वीरें पोस्ट कर या धमकी भरी भाषा का उपयोग कर डर और अपराध का माहौल बनाने की कोशिश करते हैं।

सोशल मीडिया पर भय फैलाने पर विशेष ध्यान

दक्षिणी रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त एस. के. जैन ने बताया कि यह अभियान उन लोगों पर केंद्रित है जो सोशल मीडिया के माध्यम से अपराधी छवि पेश कर समाज में भय का वातावरण बनाने की कोशिश करते हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की ऑनलाइन गतिविधियाँ अक्सर ज़मीनी स्तर पर कानून व्यवस्था को प्रभावित करती हैं।

समन्वित कार्रवाई और विशाल बल का उपयोग

ऑपरेशन शस्त्र में 500 से अधिक पुलिस टीमों और 2000 से अधिक कर्मियों को तैनात किया गया। यह समन्वित प्रयास एक ही समय में हजारों सोशल मीडिया प्रोफाइल की निगरानी और सत्यापन के लिए किया गया, जिससे त्वरित कार्रवाई संभव हो सकी।

प्राथमिकी दर्ज और अभियुक्त गिरफ्तार

पुलिस ने इस अभियान के तहत 6,000 से अधिक सोशल मीडिया प्रोफाइलों की जांच की। इसमें से संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर 61 एफआईआर दर्ज की गईं और 83 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। यह दर्शाता है कि अब डिजिटल मंचों पर अपराध के संकेत देने वाले व्यवहार को भी गंभीरता से लिया जा रहा है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • ऑपरेशन शस्त्र दिल्ली पुलिस की एक बड़ी रोकथाम रणनीति है जो डिजिटल अपराधों पर केंद्रित है।
  • सोशल मीडिया की निगरानी अब आधुनिक रोकथाम पुलिसिंग का हिस्सा बन गई है।
  • ऐसे मामलों में प्राथमिकी भारतीय दंड संहिता या भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज की जाती है।
  • इस अभियान का उद्देश्य शारीरिक अपराध से पहले ही डिजिटल अपराध संकेतों पर कार्रवाई कर कानून व्यवस्था बनाए रखना है।

दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि ऑपरेशन शस्त्र न केवल डिजिटल अपराधों पर लगाम लगाने की दिशा में एक पहल है, बल्कि यह समाज में यह संदेश देने का भी प्रयास है कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यह अभियान जनता में विश्वास बहाल करने और डिजिटल माध्यम से हो रहे अपराधों को समय रहते रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Originally written on February 7, 2026 and last modified on February 7, 2026.

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