ऑपरेशन व्हाइट हैमर: आंध्र प्रदेश में अवैध ड्रग निर्माण इकाई का भंडाफोड़
राजस्व खुफिया निदेशालय ने आंध्र प्रदेश के एनटीआर जिले के कोंडापल्ली औद्योगिक विकास क्षेत्र में एक गुप्त ड्रग निर्माण इकाई का भंडाफोड़ किया है। यह कार्रवाई “ऑपरेशन व्हाइट हैमर” के तहत 11–12 मार्च 2026 को की गई। अधिकारियों को खुफिया जानकारी मिली थी कि यहां अल्प्राजोलम नामक मनोप्रभावी पदार्थ का अवैध उत्पादन किया जा रहा है, जो भारत के मादक पदार्थ कानूनों के तहत नियंत्रित है। जांच में पता चला कि यह अवैध गतिविधि एक रासायनिक उत्पादन इकाई की आड़ में संचालित की जा रही थी।
बड़ी मात्रा में मनोप्रभावी पदार्थ की जब्ती
छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने लगभग 237 किलोग्राम अल्प्राजोलम बरामद किया, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 47 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके अतिरिक्त 800 किलोग्राम से अधिक कच्चा माल और लगभग 2,860 लीटर रसायन भी जब्त किए गए, जिनका उपयोग ड्रग उत्पादन प्रक्रिया में किया जाता था। परिसर में रिएक्टर, ड्रायर और सेंट्रीफ्यूज जैसी औद्योगिक मशीनें भी मिलीं, जिससे स्पष्ट हुआ कि यह एक पूरी तरह सक्रिय अवैध निर्माण इकाई थी जो बड़ी मात्रा में दवा तैयार करने में सक्षम थी।
संगठित नेटवर्क का खुलासा
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि इस अवैध गतिविधि का संचालन एक अनुभवी रसायनज्ञ द्वारा किया जा रहा था, जिसे रासायनिक और औषधि उद्योग में लगभग दो दशकों का अनुभव था। उसने कथित रूप से एक सहयोगी के साथ मिलकर इस नेटवर्क को संचालित किया, जो कच्चे माल की व्यवस्था और हैदराबाद में वितरण नेटवर्क का प्रबंधन करता था। आरोपियों ने औद्योगिक परिसर को किराये पर लेकर गुप्त रूप से अल्प्राजोलम का उत्पादन शुरू किया था। जांच के दौरान इस ऑपरेशन के दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
सिंथेटिक ड्रग्स के खिलाफ व्यापक कार्रवाई
यह कार्रवाई राजस्व खुफिया निदेशालय के उस व्यापक अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य अवैध रूप से निर्मित और तस्करी किए जाने वाले मादक तथा मनोप्रभावी पदार्थों पर रोक लगाना है। हाल के वर्षों में खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए जा रहे अभियानों में विशेष रूप से उन अवैध प्रयोगशालाओं को निशाना बनाया जा रहा है जो सिंथेटिक ड्रग्स का उत्पादन कर संगठित नेटवर्क के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में उनकी आपूर्ति करती हैं।
सरकार के प्रयास और अभियान
अधिकारियों के अनुसार वर्तमान वित्तीय वर्ष में राजस्व खुफिया निदेशालय ने खुफिया जानकारी के आधार पर आठ अवैध ड्रग निर्माण इकाइयों को नष्ट किया है। यह कदम सरकार के “नशा मुक्त भारत अभियान” के व्यापक उद्देश्य का हिस्सा है। इस अभियान का लक्ष्य देश में मादक पदार्थों के दुरुपयोग को कम करना, अवैध तस्करी नेटवर्क के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करना और समाज को मनोप्रभावी पदार्थों के दुष्प्रभावों से सुरक्षित रखना है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- अल्प्राजोलम एक मनोप्रभावी पदार्थ है जो नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस अधिनियम, 1985 के तहत नियंत्रित है।
- राजस्व खुफिया निदेशालय केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड के अंतर्गत कार्य करता है।
- एनडीपीएस अधिनियम मादक पदार्थों के निर्माण, कब्जे और तस्करी पर कड़े दंड का प्रावधान करता है।
- नशा मुक्त भारत अभियान भारत में नशीली दवाओं के दुरुपयोग को कम करने के लिए चलाया जाने वाला राष्ट्रीय अभियान है।