एशियाई शूटिंग चैंपियनशिप में मनु भाकर को रजत, शूट-ऑफ में गोल्ड से चूकीं
ओलंपिक दोहरी कांस्य पदक विजेता मनु भाकर ने एशियाई शूटिंग चैंपियनशिप के महिला 25 मीटर पिस्टल फाइनल में रजत पदक जीता, लेकिन वे शूट-ऑफ में सुनहरे अवसर से चूक गईं। यह मुकाबला बेहद रोमांचक उतार-चढ़ाव और सटीकता के लिए याद किया जाएगा, जिसने एशिया में महिला पिस्टल शूटिंग की गहराई और प्रतिस्पर्धा को उजागर किया।
शूट-ऑफ में निर्णायक क्षण
फाइनल में मनु भाकर और वियतनाम की Nguyen Thuy Trang के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। दोनों ने नियमित शृंखलाओं में 35 अंक प्राप्त किए, जिससे मुकाबला शूट-ऑफ में गया।
Trang ने इस निर्णायक क्षण में अधिक संयम दिखाया और गोल्ड मेडल अपने नाम किया, जबकि मनु को सिल्वर से संतोष करना पड़ा। पूरी प्रतियोगिता के दौरान दोनों निशानेबाजों के बीच बेहद कम अंतर बना रहा।
भारतीय निशानेबाजों का प्रभावशाली प्रदर्शन
फाइनल में भारत की तीन निशानेबाजों—मनु भाकर, ईशा सिंह, और रिदम सांगवान—की भागीदारी रही।
ईशा ने प्रतियोगिता की शुरुआत परफेक्ट ओपनिंग सीरीज़ के साथ की, जबकि मनु और Trang लगातार उनके क़रीब बनी रहीं।
हर सीरीज़ के बाद अंक तालिका में बदलाव होते रहे, जिससे तनाव और प्रतिस्पर्धा की तीव्रता बढ़ती गई।
पल-पल बदलता मुकाबला
Trang ने छठी सीरीज़ में शानदार प्रदर्शन कर बढ़त बनाई, लेकिन सातवीं सीरीज़ में चूक ने मुकाबले को फिर से बराबरी पर ला दिया।
मनु और ईशा ने इस मौके का फायदा उठाया और फाइनल को फिर से ओपन कर दिया।
आठवीं सीरीज़ के बाद ईशा सिंह ने थोड़ी बढ़त बनाई, लेकिन नौवीं सीरीज़ में सभी निशाने चूकने के कारण उनका गोल्ड का सपना टूट गया और उन्होंने कांस्य पदक जीता।
मनु ने अंत में जोरदार वापसी की और मुकाबला शूट-ऑफ तक पहुंचाया, लेकिन Trang ने अंतिम क्षणों में दबाव को बेहतर तरीके से संभाला।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- एशियाई शूटिंग चैंपियनशिप एशियन शूटिंग कन्फेडरेशन द्वारा आयोजित एक प्रमुख महाद्वीपीय प्रतियोगिता है।
- 25 मीटर पिस्टल प्रतियोगिता में प्रिसिजन और रैपिड फायर दोनों चरण शामिल होते हैं।
- भारत अक्सर एशियाई स्तर पर महिला पिस्टल इवेंट्स में कई फाइनलिस्ट भेजता है।
- यदि नियमित स्कोर बराबर हों तो शूट-ऑफ द्वारा पदक विजेता तय किए जाते हैं।
अन्य श्रेणियों में भी भारत की सफलता
योग्यता दौर में ईशा सिंह ने 589 अंकों के साथ टॉप किया, जबकि मनु भाकर 584 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। तीनों भारतीय निशानेबाज फाइनल में पहुंचीं।
टीम स्पर्धा में भारत ने कुल 1,751 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता।
जूनियर वर्ग में नाम्या कपूर ने 25 मीटर पिस्टल फाइनल में एक और शूट-ऑफ जीतकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
यह प्रदर्शन दर्शाता है कि भारत की निशानेबाजी में नई प्रतिभाओं की गहराई और अनुभव की स्थिरता लगातार मजबूत हो रही है, जो भविष्य के लिए शुभ संकेत है।