एशियाई तीरंदाजी चैंपियनशिप में भारत की शानदार पांच पदक झड़ी

ढाका में आयोजित एशियाई तीरंदाजी चैंपियनशिप में भारतीय कंपाउंड तीरंदाजों ने इतिहास रच दिया। एक ही दिन में पांच पदक जीतकर उन्होंने न केवल अपनी श्रेष्ठता साबित की, बल्कि एशिया में भारत की कंपाउंड तीरंदाजी में बढ़ती ताकत को भी रेखांकित किया।

पांच पदकों की शानदार उपलब्धि

भारतीय दल ने कुल तीन स्वर्ण और दो रजत पदक अपने नाम किए। टीम, मिश्रित टीम और व्यक्तिगत वर्गों में यह प्रदर्शन अत्यंत प्रभावशाली रहा। खिलाड़ियों की सटीक निशानेबाज़ी और मानसिक दृढ़ता ने उन्हें एशिया के शीर्ष प्रतिद्वंद्वियों पर बढ़त दिलाई। इस सफलता में अनुभवी और युवा दोनों खिलाड़ियों का संयुक्त योगदान रहा।

महिला टीम ने बरकरार रखा एशियाई खिताब

शीर्ष वरीयता प्राप्त महिला कंपाउंड टीम ज्योति Surekha वेन्नम, दीपशिखा और पृथिका प्रदीप ने कोरिया को 236–234 से हराकर अपना एशियाई खिताब बरकरार रखा। भारत ने शुरुआती दो राउंड में एक-एक अंक की बढ़त बनाए रखी और अंत तक दबाव कायम रखते हुए स्वर्ण सुनिश्चित किया। यह जीत भारतीय महिला कंपाउंड टीम को एशिया की सबसे मजबूत इकाई के रूप में स्थापित करती है।

मिश्रित टीम में स्वर्ण, पुरुष टीम को रजत

दीपशिखा ने अबिषेक वर्मा के साथ मिलकर मिश्रित टीम फाइनल में बांग्लादेश को 153–151 से हराया और अपना दूसरा स्वर्ण जीता। दोनों ने शुरुआत से ही चार अंकों की बढ़त बना ली और मुकाबले में नियंत्रण बनाए रखा। वहीं पुरुष टीम अबिषेक वर्मा, साहिल राजेश जाधव और प्रथमेश भालचंद्र फुगे ने शानदार प्रदर्शन किया लेकिन कज़ाख़स्तान से मात्र एक अंक (230–229) से हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

ऑल-इंडियन फाइनल में ज्योति का जलवा

महिला व्यक्तिगत वर्ग में ऑल-इंडियन फाइनल देखने को मिला, जिसमें ज्योति Surekha वेन्नम ने 17 वर्षीय पृथिका प्रदीप को 147–145 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। एशियाई खेलों की विजेता ज्योति ने सेमीफाइनल में प्रभावशाली जीत दर्ज की थी, जबकि पृथिका ने अपने संयम और प्रदर्शन से सिल्वर हासिल कर सबका ध्यान खींचा।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • भारत ने कुल 3 स्वर्ण और 2 रजत पदक जीते।
  • महिला टीम ने कोरिया को 236–234 से हराकर खिताब बरकरार रखा।
  • दीपशिखा और अबिषेक वर्मा ने मिश्रित टीम स्वर्ण जीता (153–151)।
  • पुरुष टीम कज़ाख़स्तान से 1 अंक से हारकर रजत पर रही।
  • ज्योति वेन्नम ने व्यक्तिगत स्वर्ण और पृथिका प्रदीप ने रजत जीता।

ढाका में यह प्रदर्शन भारत की कंपाउंड तीरंदाजी में निरंतर प्रगति का प्रमाण है। इस सफलता से न केवल एशियाई मंच पर भारत की स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि आने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए भी भारतीय तीरंदाजों का आत्मविश्वास और ऊंचा हुआ है।

Originally written on November 14, 2025 and last modified on November 14, 2025.

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