एशियाई तीरंदाजी चैंपियनशिप में भारत का शानदार प्रदर्शन
ढाका में आयोजित एशियाई तीरंदाजी चैंपियनशिप में भारत के कंपाउंड तीरंदाजों ने दमदार प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीते। महिला और मिश्रित टीमों ने सधी हुई निशानेबाज़ी से स्वर्ण पर कब्जा किया, जबकि पुरुष टीम मामूली अंतर से स्वर्ण से चूककर रजत पर संतोष करना पड़ा। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर एशियाई मंच पर भारत की तीरंदाजी क्षमता को उजागर किया।
महिला टीम ने जीता स्वर्ण
भारतीय महिला कंपाउंड टीम ज्योति Surekha वेणम, दीपशिखा और पृथिका प्रदीप ने रोमांचक फाइनल में कोरिया को 236–234 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मैच में भारतीय टीम ने 59 और 58 अंकों के शानदार राउंड के साथ सटीकता और संयम का प्रदर्शन किया। उनके लगातार बेहतर स्कोर ने अंतिम पलों में निर्णायक भूमिका निभाई।
मिश्रित टीम ने दिलाया दूसरा स्वर्ण
भारत के लिए दूसरा स्वर्ण मिश्रित टीम ने जीता। अनुभवी अभिषेक वर्मा और दीपशिखा की जोड़ी ने बांग्लादेश को 153–151 के अंतर से मात दी। दोनों ने पूरे मुकाबले में 38-38 अंकों के स्थिर राउंड बनाए रखे, जिससे उनका नियंत्रण और आत्मविश्वास स्पष्ट झलकता रहा। इस जीत ने भारत की कंपाउंड तीरंदाजी में बढ़ती गहराई और निरंतरता को रेखांकित किया।
पुरुष टीम को मिला रजत
पुरुष कंपाउंड टीम अभिषेक वर्मा, साहिल राजेश जाधव और प्रथamesh भालचंद्र फुगे ने कजाकिस्तान के खिलाफ कड़े मुकाबले में 229–230 के मामूली अंतर से हारकर रजत पदक जीता। मैच अंतिम तीर तक रोमांचक रहा, लेकिन कजाकिस्तान की टीम ने एक अंक की बढ़त बनाए रखी।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- भारत ने एशियाई तीरंदाजी चैंपियनशिप में कुल दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीते।
- महिला कंपाउंड टीम ने कोरिया को 236–234 से हराया।
- मिश्रित टीम ने बांग्लादेश को 153–151 से हराकर स्वर्ण हासिल किया।
- पुरुष टीम को कजाकिस्तान से 229–230 के अंतर से हार का सामना करना पड़ा।
एशियाई चैंपियनशिप में यह प्रदर्शन भारत की कंपाउंड तीरंदाजी में निरंतर प्रगति का संकेत है। अनुभवी तीरंदाजों के साथ नई प्रतिभाओं के उभरने से भारत आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भी मजबूत दावेदारी पेश करने की स्थिति में है।