एनपीएस स्वास्थ्य पेंशन योजना (NSPS): स्वास्थ्य खर्च और सेवानिवृत्ति निधि के संयोजन की एक सीमित उपयोगिता
पेंशन फंड विनियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के अंतर्गत एक पायलट योजना के रूप में NPS स्वास्थ्य पेंशन योजना (NSPS) की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य सेवानिवृत्त व्यक्तियों को चिकित्सा खर्चों के लिए वित्तीय लचीलापन प्रदान करना है। हालांकि विचार आकर्षक है, वित्तीय विशेषज्ञ इसे केवल सीमित वर्ग के लिए उपयुक्त मानते हैं और इसे स्वास्थ्य बीमा का विकल्प नहीं मानते।
योजना किसके लिए उपयुक्त है?
वित्तीय दृष्टिकोण से यह योजना उन NPS ग्राहकों के लिए अधिक उपयुक्त है:
- जिनकी उम्र 40 वर्ष से अधिक है
- जिन्होंने पहले से ही पर्याप्त NPS कोष (कॉर्पस) अर्जित कर लिया है
प्रमुख लाभ:
- NPS के कॉमन अकाउंट बैलेंस का 30% तक हिस्सा एक विशेष हेल्थकेयर पूल में स्थानांतरित किया जा सकता है
- इसके लिए नई योगदान राशि की आवश्यकता नहीं
- डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर जैसे पुराने रोगों से पीड़ित व्यक्तियों को वार्षिक ओपीडी खर्च ₹15,000–₹30,000 तक के लिए राहत
NSPS के अंतर्गत ओपीडी खर्चों के लिए असीमित निकासी की सुविधा है, और इसमें वेटिंग पीरियड नहीं है — जबकि स्वास्थ्य बीमा में पहले से मौजूद रोगों को शुरू में कवर नहीं किया जाता।
स्वास्थ्य बीमा के विकल्प के रूप में क्यों नहीं है उपयोगी?
विशेषज्ञों के अनुसार, जिन व्यक्तियों के पास पहले से ही ₹5 लाख से ₹10 लाख तक का व्यापक स्वास्थ्य बीमा है, उनके लिए NSPS की उपयोगिता नगण्य है:
- स्वास्थ्य पूल में रिटायरमेंट कोष को लॉक करना एक उच्च अवसर लागत उत्पन्न करता है
- 65 वर्ष से ऊपर के ग्राहकों के लिए ₹50,000 की न्यूनतम अनिवार्य राशि निकासी में विलंब कर सकती है, जिससे इसका प्रायोगिक लाभ घट जाता है
आपातकालीन चिकित्सा स्थितियों में सीमाएं
जब बात बड़े अस्पताल खर्चों की आती है (जैसे ₹6–₹8 लाख तक की सर्जरी):
- स्वास्थ्य बीमा के अंतर्गत कैशलेस उपचार और सीधे अस्पताल भुगतान की सुविधा होती है
- NSPS में ग्राहक को पहले खुद भुगतान करना होता है और फिर 7 से 15 दिन बाद प्रतिपूर्ति (reimbursement) के लिए आवेदन करना पड़ता है
यह देरी अस्पतालों की तत्काल भुगतान मांगों के समय तरलता संकट (liquidity stress) उत्पन्न कर सकती है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य:
- NSPS, राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के तहत एक पायलट योजना है
- NPS कॉमन अकाउंट का 30% तक NSPS में ट्रांसफर किया जा सकता है
- योजना में ओपीडी निकासी वेटिंग पीरियड के बिना होती है
- कैशलेस अस्पताल भर्ती सुविधा NSPS में नहीं है
प्रमुख जोखिम और सीमाएं
वित्तीय विशेषज्ञों द्वारा चिन्हित किए गए जोखिम:
- संपूर्ण कोष नहीं, केवल योगदान का 25% ही एक बार में निकाला जा सकता है
- एक बड़ी चिकित्सा घटना पूरे हेल्थकेयर पूल को समाप्त कर सकती है
- योजना की लाभांश बाजार-आधारित है, जो मेडिकल महंगाई की दर से मेल नहीं खा सकती
- कैटस्ट्रोफिक निकासी के बाद, भविष्य की चिकित्सा आवश्यकताओं के लिए कोई सुरक्षा नहीं
विशेषज्ञों का स्पष्ट मत है कि NSPS एक सहायक पूरक (complementary) योजना हो सकती है, लेकिन यह स्वस्थ्य बीमा का विकल्प नहीं बन सकती। इसे अपनाने से पहले ग्राहकों को आयु, कोष आकार, मौजूदा बीमा और स्वास्थ्य स्थिति जैसे कारकों का मूल्यांकन करना आवश्यक है।
यह पहल नीतिगत दृष्टि से अभिनव है, लेकिन व्यक्तिगत वित्तीय योजना में सूझ-बूझ और विवेक से निर्णय लेना ही उपयुक्त रहेगा।