एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी की अमेरिका यात्रा: हिंद-प्रशांत सहयोग को नई दिशा
भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी छह दिवसीय अमेरिका दौरे पर हैं, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच नौसैनिक सहयोग को मजबूत करना और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षित, मुक्त एवं नियम-आधारित व्यवस्था को बढ़ावा देना है। यह यात्रा 12 से 17 नवम्बर 2025 तक निर्धारित है और भारत की बढ़ती समुद्री रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
उच्च स्तरीय रक्षा वार्ताएं और रणनीतिक संवाद
एडमिरल त्रिपाठी अपनी यात्रा के दौरान अमेरिकी नौसैनिक नेतृत्व के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इनमें अमेरिकी इंडो-पैसिफिक कमांड के प्रमुख एडमिरल सैमुअल जे. पापारो और पैसिफिक फ्लीट के कमांडर एडमिरल स्टीफन टी. कोहलर शामिल हैं। इन मुलाकातों में मौजूदा सहयोग की समीक्षा की जाएगी और भविष्य में द्विपक्षीय नौसैनिक संबंधों को और मजबूत करने की संभावनाओं पर चर्चा होगी। यह बैठकें दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच पारस्परिक विश्वास और रणनीतिक तालमेल को और सुदृढ़ करेंगी।
यात्रा के प्रमुख क्षेत्र और सहयोग की प्राथमिकताएं
भारतीय नौसेना के अनुसार, इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य परिचालन समन्वय को और सशक्त बनाना, सूचनाओं के आदान-प्रदान की व्यवस्था को उन्नत करना तथा विभिन्न कमांड स्तरों पर आपसी तालमेल को मजबूत करना है। एडमिरल त्रिपाठी अमेरिका के प्रमुख नौसैनिक संस्थानों और परिचालन केंद्रों का भी दौरा करेंगे, जिससे दोनों पक्ष व्यावहारिक सहयोग और साझा रणनीति के नए मार्ग तलाश सकें।
बहुपक्षीय मंचों के माध्यम से क्षेत्रीय स्थिरता
भारत और अमेरिका की नौसेनाएं इस यात्रा के दौरान “मिलन” और “कंबाइंड मेरीटाइम फोर्सेज” जैसे बहुपक्षीय मंचों में सहयोग को लेकर भी विचार-विमर्श करेंगी। “मिलन” अभ्यास भारत द्वारा द्विवार्षिक रूप से आयोजित किया जाता है, और इसका अगला संस्करण फरवरी 2026 में होने वाला है, जिसमें 50 से अधिक देशों की भागीदारी की संभावना है। वहीं, “कंबाइंड मेरीटाइम फोर्सेज” में 40 से अधिक राष्ट्र शामिल हैं, जो समुद्री सुरक्षा और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए संयुक्त रूप से कार्यरत हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी की अमेरिका यात्रा: 12–17 नवम्बर 2025
- प्रमुख बैठकें: यूएस इंडो-पैसिफिक कमांडर और पैसिफिक फ्लीट प्रमुख से
- “मिलन 2026” में 50 से अधिक देशों की संभावित भागीदारी
- यात्रा के दौरान “मालाबार” नौसैनिक अभ्यास भी चल रहा है
मालाबार अभ्यास और सामरिक महत्व
एडमिरल त्रिपाठी की यह यात्रा “मालाबार” नौसैनिक अभ्यास के साथ मेल खा रही है, जो उत्तरी प्रशांत क्षेत्र में आयोजित हो रहा है। इस अभ्यास में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया की नौसेनाएं भाग ले रही हैं। 1992 में एक द्विपक्षीय अभ्यास के रूप में शुरू हुआ “मालाबार” अब चतुर्भुज साझेदारी का एक अहम स्तंभ बन चुका है, जो संयुक्त परिचालन क्षमता और क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देता है।