एएसआईएसएसई सर्वे: सेवा क्षेत्र के लिए नई सांख्यिकीय पहल
भारत की सांख्यिकीय प्रणाली को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने पहली बार वार्षिक निगमित सेवा क्षेत्र उद्यम सर्वे (एएसआईएसएसई) की शुरुआत की है। यह पहल देश के सेवा क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों का व्यापक और विश्वसनीय डेटा तैयार करने के उद्देश्य से की गई है। सेवा क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था में रोजगार सृजन और आर्थिक विकास का प्रमुख आधार है, ऐसे में यह सर्वे नीति निर्माण और विश्लेषण के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगा।
एएसआईएसएसई पहल का उद्देश्य
वार्षिक निगमित सेवा क्षेत्र उद्यम सर्वे का संचालन राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के अंतर्गत किया जा रहा है। इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य संगठित सेवा क्षेत्र के प्रदर्शन, संरचना और कार्यप्रणाली से संबंधित विस्तृत जानकारी जुटाना है। अब तक इस क्षेत्र के लिए समर्पित और व्यापक डेटा का अभाव था, जिसे यह पहल दूर करेगी और नीति निर्माण को अधिक सटीक बनाएगी।
कवरेज और कार्यप्रणाली
यह सर्वे विशेष रूप से सेवा क्षेत्र में कार्यरत निगमित संस्थाओं को लक्षित करता है। इसमें कंपनी अधिनियम 1956/2013 के तहत पंजीकृत कंपनियां तथा एलएलपी अधिनियम 2008 के अंतर्गत पंजीकृत लिमिटेड लाइबिलिटी पार्टनरशिप शामिल हैं। इस सर्वे के अंतर्गत लगभग 1.21 लाख उद्यमों को शामिल किया जाएगा, जो इसे भारत के सबसे बड़े सर्वेक्षणों में से एक बनाता है। सर्वे के लिए वस्तु एवं सेवा कर नेटवर्क के डेटाबेस को सैंपलिंग फ्रेम के रूप में उपयोग किया गया है, जिससे सक्रिय उद्यमों का व्यापक और सटीक कवरेज सुनिश्चित होता है।
कानूनी ढांचा और क्रियान्वयन
एएसआईएसएसई सर्वे का संचालन सांख्यिकी संग्रह अधिनियम 2008 (2017 में संशोधित) और जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) अधिनियम 2023 के तहत किया जा रहा है। ये कानूनी प्रावधान डेटा संग्रह की प्रक्रिया को व्यवस्थित, सुरक्षित और गोपनीय बनाए रखते हैं। इस पहल से सरकार की उच्च गुणवत्ता वाली सांख्यिकी प्रणाली विकसित करने की प्रतिबद्धता भी स्पष्ट होती है।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की भूमिका
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय भारत में आधिकारिक आंकड़ों का प्रमुख संस्थान है। इसकी स्थापना 2019 में विभिन्न सांख्यिकी संस्थाओं के विलय के बाद की गई थी। यह संस्था देश में डेटा संग्रह, प्रसंस्करण और प्रसार का कार्य करती है, जिससे सरकार को साक्ष्य-आधारित नीतियां बनाने में मदद मिलती है। एएसआईएसएसई जैसे सर्वे इसके कार्यक्षेत्र को और अधिक मजबूत बनाते हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- एएसआईएसएसई भारत का पहला सर्वे है जो निगमित सेवा क्षेत्र उद्यमों पर केंद्रित है।
- यह सर्वे राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा संचालित किया जा रहा है।
- सर्वे में जीएसटीएन डेटाबेस को सैंपलिंग फ्रेम के रूप में उपयोग किया गया है।
- यह सर्वे सांख्यिकी संग्रह अधिनियम 2008 (संशोधित 2017) के तहत किया जाता है।
एएसआईएसएसई सर्वे भारतीय सेवा क्षेत्र की वास्तविक स्थिति को समझने का एक सशक्त माध्यम बनेगा। इससे प्राप्त आंकड़े न केवल नीति निर्माण को दिशा देंगे, बल्कि देश की आर्थिक प्रगति को भी गति प्रदान करेंगे।