एआई तकनीक से पेंटेड स्टॉर्क के व्यवहार अध्ययन में नई सफलता
भारत में शोधकर्ताओं ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मदद से पेंटेड स्टॉर्क पक्षियों के घोंसले चयन व्यवहार (नेस्ट साइट फिडेलिटी) की निगरानी कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह अध्ययन दिल्ली के राष्ट्रीय प्राणी उद्यान में किया गया, जहां “रिंगो” नामक एक नर स्टॉर्क को 2022 से 2025 तक चार प्रजनन मौसमों में ट्रैक किया गया। इस शोध ने यह साबित किया कि बिना किसी शारीरिक हस्तक्षेप के डिजिटल तकनीकों के माध्यम से वन्यजीवों के व्यवहार का सटीक अध्ययन किया जा सकता है।
अध्ययन का उद्देश्य और प्रजाति का व्यवहार
पेंटेड स्टॉर्क (Mycteria leucocephala) एक बड़ी जलपक्षी प्रजाति है, जो आमतौर पर समूहों में घोंसला बनाती है। नेस्ट साइट फिडेलिटी का अर्थ है कि पक्षी बार-बार उसी स्थान पर लौटकर प्रजनन करते हैं। इस व्यवहार को समझना संरक्षण की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है, खासकर शहरी और अर्ध-प्राकृतिक वातावरण जैसे चिड़ियाघरों में। यह जानकारी पक्षियों के आवास संरक्षण और प्रबंधन रणनीतियों को बेहतर बनाने में मदद करती है।
डेटा संग्रह और चित्र डेटासेट
इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने एक ऐसे नर स्टॉर्क को चुना, जिसकी गर्दन पर एक विशिष्ट निशान (स्कार) था, जिससे उसकी पहचान आसान हो सके। कुल 2,349 उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरें एकत्र की गईं, जिनमें पक्षी के दोनों ओर के दृश्य और पंखों के पैटर्न शामिल थे। इसके अलावा, अन्य स्टॉर्क के 1,755 चित्र भी एकत्र किए गए ताकि तुलना के लिए एक व्यापक डेटासेट तैयार किया जा सके। इन आंकड़ों के आधार पर व्यक्तिगत पहचान अत्यंत सटीक तरीके से संभव हुई।
एआई और कंप्यूटर विज़न का उपयोग
शोध में डीप ट्रांसफर लर्निंग (DTL) तकनीक का उपयोग किया गया, जो पहले से प्रशिक्षित मॉडल को नए कार्यों के लिए अनुकूलित करती है। इसके साथ ही स्केल-इनवेरिएंट फीचर ट्रांसफॉर्म (SIFT) एल्गोरिद्म का उपयोग कर पक्षी के विशिष्ट लक्षणों की पहचान की गई। गर्दन पर मौजूद निशान और पंखों के पैटर्न को जैविक पहचान चिन्ह के रूप में इस्तेमाल किया गया। एआई मॉडल ने 98% सटीकता के साथ उस स्टॉर्क की पहचान की और यह पुष्टि की कि वह हर वर्ष उसी घोंसले पर लौटता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- पेंटेड स्टॉर्क (Mycteria leucocephala) दक्षिण एशिया में पाया जाने वाला एक बड़ा जलपक्षी है।
- डीप ट्रांसफर लर्निंग (DTL) पहले से प्रशिक्षित एआई मॉडल को नए कार्यों के लिए उपयोग करने की तकनीक है।
- SIFT एक कंप्यूटर विज़न एल्गोरिद्म है, जो चित्रों में विशिष्ट विशेषताओं की पहचान करता है।
- रॉयल सोसाइटी ओपन साइंस एक पीयर-रिव्यूड ओपन-एक्सेस वैज्ञानिक जर्नल है।
यह अध्ययन वन्यजीव संरक्षण और व्यवहारिक पारिस्थितिकी के क्षेत्र में एक नई दिशा प्रस्तुत करता है। एआई आधारित यह गैर-आक्रामक तकनीक न केवल अधिक सटीक परिणाम देती है, बल्कि जानवरों को बिना परेशान किए दीर्घकालिक निगरानी की सुविधा भी प्रदान करती है। भविष्य में इस तरह की तकनीकों का उपयोग अन्य संवेदनशील प्रजातियों के अध्ययन और संरक्षण में भी किया जा सकता है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को और मजबूती मिलेगी।