उन्नाव में मधुमक्खियों के हमले से अंपायर की मौत, खेल मैदानों की सुरक्षा पर सवाल
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में अंडर-13 क्रिकेट लीग का एक सामान्य मुकाबला उस समय दुखद घटना में बदल गया, जब मधुमक्खियों के झुंड ने खिलाड़ियों और अधिकारियों पर हमला कर दिया। इस हमले में अनुभवी अंपायर मणिक गुप्ता की मृत्यु हो गई। घटना बुधवार सुबह गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र स्थित राहुल सप्रू ग्राउंड में हुई, जहाँ कानपुर और लखनऊ के युवा खिलाड़ी निर्धारित मैच के लिए एकत्र हुए थे। अचानक हुए इस हमले से मैदान में अफरा-तफरी मच गई और मैच कुछ ही मिनटों में बाधित हो गया।
सुबह के मैच के दौरान झुंड का हमला
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मैदान की बाउंड्री दीवार से सटे एक बरगद के पेड़ पर मधुमक्खियों का बड़ा छत्ता था। सुबह से ही मधुमक्खियाँ मंडरा रही थीं। लगभग सुबह 7 बजे डंक मारने की पहली घटना सामने आई, जिसके बाद करीब 8 बजे फिर कुछ लोगों को मधुमक्खियों ने निशाना बनाया। स्थिति लगभग 8:30 बजे तब गंभीर हो गई, जब पूरा झुंड खिलाड़ियों, अंपायरों और ग्राउंड स्टाफ पर टूट पड़ा।
करीब 15 मिनट तक मैदान में अफरा-तफरी का माहौल रहा। लगभग 40 से 45 लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते रहे। कुल मिलाकर 40 से 50 लोगों को मधुमक्खियों ने डंक मारा, जिनमें से कम से कम 10 को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
अंपायर मणिक गुप्ता की हालत बिगड़ी
65 वर्षीय मणिक गुप्ता, जो कानपुर के निवासी थे और लगभग तीन दशकों से कानपुर क्रिकेट एसोसिएशन से जुड़े अनुभवी अंपायर थे, इस हमले का शिकार बने। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब झुंड का हमला तेज हुआ तो वे भागने का प्रयास करते हुए गिर पड़े। बताया जाता है कि 50 से अधिक मधुमक्खियों ने उन्हें कई मिनट तक डंक मारे।
गुप्ता पहले से हृदय रोग से पीड़ित बताए जा रहे थे। लगातार डंक लगने और घबराहट के कारण उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी और वे अचेत हो गए। उन्हें पहले एक निजी नर्सिंग होम ले जाया गया, फिर कानपुर के लाला लाजपत राय अस्पताल (हैलट अस्पताल) रेफर किया गया। हालांकि रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई और अस्पताल पहुँचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
चिकित्सकीय प्रतिक्रिया और जांच
परिजनों और स्थानीय क्रिकेट अधिकारियों ने आरोप लगाया कि कुछ अस्पतालों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए तुरंत भर्ती करने में हिचक दिखाई। फिलहाल प्रशासन इस मामले की जांच कर रहा है। यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मधुमक्खियों का छत्ता किसी क्रिकेट बॉल या अन्य बाहरी कारण से प्रभावित हुआ था या नहीं, जिससे झुंड आक्रामक हो गया।
मधुमक्खियों के हमले विशेष रूप से बुजुर्गों या हृदय रोगियों में एनाफिलैक्टिक शॉक का कारण बन सकते हैं, जो जानलेवा साबित हो सकता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
* उन्नाव जिला उत्तर प्रदेश के मध्य भाग में कानपुर और लखनऊ के बीच स्थित है।
* मधुमक्खियों के सामूहिक हमले से एनाफिलैक्टिक शॉक हो सकता है, जो आपात स्थिति मानी जाती है।
* लाला लाजपत राय अस्पताल, कानपुर क्षेत्र का प्रमुख सरकारी चिकित्सालय है।
* अंडर-13 क्रिकेट लीग भारत में जमीनी स्तर पर प्रतिभा विकास की महत्वपूर्ण कड़ी मानी जाती है।
यह घटना सार्वजनिक खेल मैदानों की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है। विशेष रूप से पर्यावरणीय जोखिमों, जैसे खुले छत्तों या अन्य प्राकृतिक खतरों, की नियमित जांच और प्रबंधन आवश्यक है। स्थानीय प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस एहतियाती कदम उठाए जाएँ, ताकि खेल मैदान सुरक्षित और संरक्षित बने रहें।