उद्योगपति अरुणाचलम वेल्लैयन का निधन, मुरुगप्पा समूह ने खोया दूरदर्शी नेता

उद्योगपति अरुणाचलम वेल्लैयन का निधन, मुरुगप्पा समूह ने खोया दूरदर्शी नेता

प्रसिद्ध उद्योगपति और मुरुगप्पा समूह के पूर्व चेयरमैन अरुणाचलम वेल्लैयन का 72 वर्ष की आयु में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वे मुरुगप्पा परिवार की चौथी पीढ़ी के सदस्य थे और अपने नेतृत्व, नैतिकता तथा संस्थागत दृष्टिकोण के लिए भारतीय उद्योग जगत में अत्यंत सम्मानित व्यक्तित्व माने जाते थे।

125 वर्ष पुराने समूह के विकास में अग्रणी भूमिका

अरुणाचलम वेल्लैयन ने मुरुगप्पा समूह जो भारत के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित औद्योगिक घरानों में से एक है को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में कई दशक समर्पित किए। उनके कार्यकाल में समूह ने कृषि, रसायन, इंजीनियरिंग, साइकिल, और वित्तीय सेवाओं सहित अनेक क्षेत्रों में विस्तार किया। रणनीतिक दृष्टिकोण, अनुशासित प्रबंधन और मूल्यों के प्रति उनकी निष्ठा ने समूह की पहचान को मजबूती प्रदान की।

प्रमुख बोर्डों में सहभागिता और कॉर्पोरेट योगदान

वेल्लैयन ने समूह की प्रमुख कंपनियों कोरमंडल इंटरनेशनल और ईआईडी पेरी के निदेशक मंडलों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके अलावा उन्होंने कनोरीया केमिकल्स, एक्सिम बैंक और इंडियन ओवरसीज बैंक जैसी संस्थाओं में भी अपनी विशेषज्ञता से योगदान दिया। उनके मार्गदर्शन ने मुरुगप्पा समूह की साख को “सुदृढ़ प्रशासन और दीर्घकालिक दृष्टि” के प्रतीक के रूप में स्थापित किया।

उद्योग जगत और शिक्षा में सक्रिय नेतृत्व

कॉर्पोरेट क्षेत्र से परे भी वेल्लैयन ने राष्ट्रीय उद्योग संगठनों में उल्लेखनीय भूमिका निभाई। वे सदर्न इंडिया चैंबर ऑफ कॉमर्स, फर्टिलाइज़र एसोसिएशन ऑफ इंडिया, इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन और ऑल इंडिया साइकिल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन जैसे प्रतिष्ठित निकायों के अध्यक्ष रहे। शिक्षा के क्षेत्र में भी उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा वे भारतीय प्रबंधन संस्थान, कोझिकोड (IIM Kozhikode) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष थे।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • अरुणाचलम वेल्लैयन मुरुगप्पा समूह के पूर्व चेयरमैन और कोरमंडल इंटरनेशनल के चेयरमैन एमेरिटस थे।
  • उन्होंने ईआईडी पेरी, एक्सिम बैंक और इंडियन ओवरसीज बैंक के बोर्डों में भी सेवा दी।
  • वे फर्टिलाइज़र एसोसिएशन ऑफ इंडिया और सदर्न इंडिया चैंबर ऑफ कॉमर्स जैसी संस्थाओं के अध्यक्ष रहे।
  • उन्होंने दून स्कूल, एसआरसीसी, एस्टन यूनिवर्सिटी और वारविक बिजनेस स्कूल से शिक्षा प्राप्त की थी।

नेतृत्व और नैतिकता की विरासत

स्पष्ट दृष्टि, व्यावसायिक ईमानदारी और नैतिक मूल्यों के प्रतीक वेल्लैयन को तमिलनाडु एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी और एस्टन यूनिवर्सिटी से मानद डॉक्टरेट की उपाधि मिली थी। उनका जीवन भारतीय उद्योग जगत में नेतृत्व, पारदर्शिता और जिम्मेदारी का आदर्श बना रहेगा। मुरुगप्पा समूह और भारतीय कॉर्पोरेट जगत के लिए उनका योगदान एक स्थायी प्रेरणा के रूप में याद किया जाएगा।

Originally written on November 18, 2025 and last modified on November 18, 2025.

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