उत्तर प्रदेश में व्यावसायिक संपत्तियों पर गिफ्ट डीड की स्टाम्प ड्यूटी ₹5,000 तक सीमित: कैबिनेट का बड़ा फैसला

उत्तर प्रदेश में व्यावसायिक संपत्तियों पर गिफ्ट डीड की स्टाम्प ड्यूटी ₹5,000 तक सीमित: कैबिनेट का बड़ा फैसला

उत्तर प्रदेश सरकार ने पारिवारिक स्तर पर व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियों के हस्तांतरण को सरल बनाने हेतु एक महत्वपूर्ण सुधार को मंजूरी दी है। अब राज्य में ऐसे संपत्ति उपहार-पत्र (गिफ्ट डीड) पर स्टाम्प ड्यूटी की अधिकतम सीमा ₹5,000 तय की गई है। यह कदम पारदर्शिता को बढ़ावा देने, लेन-देन की लागत कम करने और संपत्ति हस्तांतरण को विधिसम्मत दस्तावेजों के माध्यम से करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

अब वाणिज्यिक और औद्योगिक संपत्तियाँ भी होंगी लाभान्वित

इससे पहले यह रियायत केवल कृषि और आवासीय संपत्तियों तक सीमित थी। अगस्त 2023 में इसे शुरू किया गया था, लेकिन व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियाँ इससे वंचित थीं और उन पर अभी भी सर्किल रेट के आधार पर पूर्ण स्टाम्प ड्यूटी लगती थी। अब यह छूट परिवार के सदस्यों के बीच होने वाले सभी प्रकार की अचल संपत्तियों के हस्तांतरण पर लागू होगी।

कानूनी ढांचा और नीति का आधार

राज्य के स्टाम्प एवं पंजीकरण मंत्री रविंद्र जायसवाल के अनुसार, भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 के तहत अचल संपत्तियों पर उपहार-पत्र को सामान्य विक्रय-पत्र के समान कर-योग्य माना जाता रहा है। साथ ही, पंजीकरण अधिनियम, 1908 के अनुसार ऐसे दस्तावेजों का पंजीकरण अनिवार्य होता है। 2022 तक परिवार के सदस्यों के बीच संपत्ति उपहार में देने पर भी पूर्ण स्टाम्प शुल्क लगता था, जिससे लोग अक्सर अनौपचारिक या अपंजीकृत तरीके अपनाते थे।

पारदर्शिता और व्यापारिक सुगमता को मिलेगा बढ़ावा

इस निर्णय को व्यापारिक परिवारों और औद्योगिक समूहों के लिए एक बड़ी राहत माना जा रहा है। उत्तराधिकार योजना, संपत्ति स्वामित्व में स्पष्टता और विवादों की संभावना को कम करने जैसे उद्देश्यों की पूर्ति के लिए यह नीति एक महत्वपूर्ण कदम है। अधिकारियों का कहना है कि इस निर्णय से संपत्ति के हस्तांतरण में अनौपचारिकता और संपत्ति मूल्यांकन में हेरफेर की प्रवृत्ति पर भी लगाम लगेगी।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • उत्तर प्रदेश में अब परिवार के भीतर संपत्ति उपहार-पत्र पर स्टाम्प ड्यूटी अधिकतम ₹5,000 तक सीमित है।
  • यह रियायत कृषि, आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक सभी प्रकार की अचल संपत्तियों पर लागू होगी।
  • स्टाम्प ड्यूटी का प्रावधान भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 के तहत होता है।
  • उपहार-पत्रों का पंजीकरण पंजीकरण अधिनियम, 1908 के तहत अनिवार्य है।

व्यापक प्रभाव और लागू होने की प्रक्रिया

संशोधित नियम राजकीय गजट में प्रकाशन की तिथि से प्रभावी होंगे। सरकार को उम्मीद है कि यह सुधार संपत्तियों के औपचारिक पंजीकरण को प्रोत्साहित करेगा, मुकदमेबाज़ी को कम करेगा और राज्य में व्यापारिक गतिविधियों को सुगम बनाएगा। यह नीति न केवल वित्तीय बोझ को कम करती है, बल्कि संपत्ति लेन-देन की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और कानूनी दृष्टि से सुरक्षित बनाती है।

Originally written on January 7, 2026 and last modified on January 7, 2026.

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