उत्तर प्रदेश बजट 2026-27: विकास, अनुशासन और तकनीकी प्रगति पर बड़ा दांव

उत्तर प्रदेश बजट 2026-27: विकास, अनुशासन और तकनीकी प्रगति पर बड़ा दांव

उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹9,12,696.35 करोड़ का विशाल बजट प्रस्तुत किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 12.9 प्रतिशत अधिक है। यह बजट पूंजीगत व्यय, वित्तीय अनुशासन, कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और तकनीक आधारित विकास पर विशेष रूप से केंद्रित है। कुल बजट में 19.5 प्रतिशत राशि पूंजीगत व्यय के लिए निर्धारित की गई है, जो बुनियादी ढांचे और दीर्घकालिक विकास को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

वित्तीय अनुशासन और आर्थिक मजबूती

राज्य ने 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप वित्तीय घाटे को सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) के 3 प्रतिशत तक सीमित रखने का लक्ष्य रखा है। यह सीमा वर्ष 2030-31 तक लागू रहेगी। कोविड-19 के दौरान बढ़े कर्ज अनुपात को नियंत्रित करते हुए राज्य ने ऋण-से-GSDP अनुपात को 27 प्रतिशत से नीचे ला दिया है और 2026-27 तक इसे 23.1 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य है।

राज्य का अनुमानित GSDP 2024-25 में ₹30.25 लाख करोड़ रहने का अनुमान है, जो 13.4 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। प्रति व्यक्ति आय 2016-17 के ₹54,564 से बढ़कर ₹1,09,844 हो गई है और 2025-26 तक ₹1,20,000 तक पहुंचने का अनुमान है। यह संकेत देता है कि राज्य की अर्थव्यवस्था निरंतर विकास की दिशा में अग्रसर है।

कानून-व्यवस्था और सुरक्षा सुदृढ़ीकरण

बजट में पुलिस अवसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए ₹1,374 करोड़ गैर-आवासीय भवनों और ₹1,243 करोड़ आवासीय सुविधाओं के लिए आवंटित किए गए हैं। नए जिलों के लिए ₹346 करोड़, अग्निशमन केंद्रों के लिए ₹200 करोड़ और बहुमंजिला इमारतों में अग्निशमन प्रणाली के लिए ₹190 करोड़ की व्यवस्था की गई है।

‘मिशन शक्ति’ के अंतर्गत महिला बीट अधिकारियों के लिए ₹25 करोड़ से वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे। सरकार के अनुसार वर्ष 2016 के बाद से प्रमुख अपराधों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, जिससे निवेश और औद्योगिक विकास को सकारात्मक माहौल मिला है।

स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा का विस्तार

चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को ₹37,956 करोड़ आवंटित किए गए हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में 15 प्रतिशत अधिक है। चिकित्सा शिक्षा के लिए ₹14,997 करोड़ की व्यवस्था की गई है। राज्य में अब 81 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं और 16 अविकसित जिलों में पीपीपी मॉडल के तहत नए कॉलेज स्थापित किए जाएंगे।

एमबीबीएस सीटें 2017 की 4,540 से बढ़कर 12,800 हो गई हैं, जबकि स्नातकोत्तर सीटें 4,995 तक पहुंच चुकी हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के लिए ₹8,641 करोड़ और आयुष्मान भारत योजना के लिए ₹2,000 करोड़ का प्रावधान है। 49.22 लाख से अधिक परिवार आयुष्मान भारत–मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ उठा रहे हैं।

उद्योग, तकनीक और कृषि को प्रोत्साहन

राज्य सरकार ने नई और उभरती तकनीकों के लिए मिशन की घोषणा की है। डेटा अथॉरिटी की स्थापना और 900 मेगावाट क्षमता वाले आठ डेटा सेंटर पार्क विकसित किए जाएंगे। एआई मिशन और ‘टेक युवा समर्थ युवा योजना’ के माध्यम से युवाओं को उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा।

उत्तर प्रदेश देश में मोबाइल फोन उत्पादन का लगभग 65 प्रतिशत और इलेक्ट्रॉनिक घटकों की 55 प्रतिशत इकाइयों का योगदान देता है। इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात ₹44,744 करोड़ तक पहुंच चुका है। कृषि क्षेत्र में निर्यात हब विकसित करने, सिंचाई विस्तार, नवीकरणीय ऊर्जा और औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार की योजनाएं भी शामिल हैं, जिससे किसानों की आय और रोजगार के अवसर बढ़ाने का लक्ष्य है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • राज्यों का वित्तीय घाटा सामान्यतः GSDP के 3 प्रतिशत तक सीमित रखने की सिफारिश वित्त आयोग द्वारा की जाती है।
  • आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत प्रति परिवार प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा कवर मिलता है।
  • उत्तर प्रदेश देश में गेहूं और गन्ना उत्पादन में अग्रणी राज्यों में शामिल है।
  • सतत विकास लक्ष्य (SDG) इंडिया इंडेक्स नीति आयोग द्वारा जारी किया जाता है।

कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश का बजट 2026-27 विकास और अनुशासन के संतुलन का प्रयास है। यह बजट बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा, तकनीक और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए राज्य को एक मजबूत और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाने का रोडमैप प्रस्तुत करता है।

Originally written on February 12, 2026 and last modified on February 12, 2026.

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