ईरान में आर्थिक संकट के बीच केंद्रीय बैंक के नए गवर्नर की नियुक्ति: मुद्रा अवमूल्यन और विरोध प्रदर्शन तेज
ईरान इस समय गंभीर आर्थिक संकट और मुद्रा अवमूल्यन से जूझ रहा है, जिसके चलते देशभर में जनाक्रोश और विरोध प्रदर्शनों की लहर उठी है। इसी पृष्ठभूमि में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के केंद्रीय बैंक को नया गवर्नर मिला है। आर्थिक अस्थिरता, बढ़ती महंगाई और रियाल की ऐतिहासिक गिरावट ने सरकार को नीतिगत परिवर्तन करने के लिए विवश कर दिया है।
केंद्रीय बैंक में नया नेतृत्व
राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान की कैबिनेट ने अब्दोलनासेर हेम्मती को ईरान के केंद्रीय बैंक का नया गवर्नर नियुक्त किया है। यह जानकारी ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी IRNA ने पुष्टि की है। हेम्मती पूर्व में अर्थशास्त्र मंत्री रह चुके हैं और वे मोहम्मद रेज़ा फर्ज़िन की जगह ले रहे हैं, जिन्होंने हाल ही में बढ़ते जनविरोध के कारण पद से इस्तीफा दे दिया।
मुद्रा संकट और महंगाई का प्रभाव
यह नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब ईरानी रियाल अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 1.38 मिलियन रियाल प्रति डॉलर के ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुँच गया है। जब फर्ज़िन ने 2022 में पदभार संभाला था, तब यह दर लगभग 4.3 लाख रियाल प्रति डॉलर थी। वर्तमान में महंगाई दर लगभग 40 प्रतिशत आंकी जा रही है, जिससे खाद्य वस्तुओं और रोज़मर्रा की चीज़ों की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि हुई है। यह स्थिति पहले से पश्चिमी प्रतिबंधों के भार में दबे ईरानी परिवारों के लिए और भी चुनौतीपूर्ण बन गई है।
विरोध प्रदर्शनों का विस्तार
विरोध प्रदर्शनों की शुरुआत राजधानी तेहरान में व्यापारियों और दुकानदारों के बंद के रूप में हुई। यद्यपि सुरक्षा बलों ने राजधानी में विरोध को नियंत्रित करने की कोशिश की, परंतु अब ये आंदोलन ग्रामीण क्षेत्रों तक फैल गए हैं। चार शहरों में मौतें दर्ज की गई हैं, विशेष रूप से लूर जातीय समुदाय की आबादी वाले क्षेत्रों में। यह सामाजिक असंतोष की गहराई को दर्शाता है जो केवल आर्थिक मुद्दों तक सीमित नहीं रह गया है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- 2025–26 में ईरानी रियाल अमेरिकी डॉलर के मुकाबले इतिहास में सबसे कमजोर स्तर पर पहुँच गया है।
- ईरान में लगभग 40% महंगाई दर और कठोर पश्चिमी प्रतिबंध लागू हैं।
- ईरान का केंद्रीय बैंक मौद्रिक नीति और मुद्रा प्रबंधन का नियामक है।
- आर्थिक प्रदर्शन 2022 के महसा अमीनी आंदोलन के बाद से बार-बार देखने को मिले हैं।
अमेरिका-ईरान तनाव में वृद्धि
इन प्रदर्शनों के बीच अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक तनाव भी बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्या हुई तो अमेरिका हस्तक्षेप करेगा। ईरानी अधिकारियों ने इस चेतावनी को खारिज करते हुए इसे विदेशी हस्तक्षेप बताया और क्षेत्रीय अस्थिरता की चेतावनी दी। वरिष्ठ नेता अली लारिजानी ने अमेरिका और इज़राइल पर अशांति फैलाने का आरोप लगाया है और गंभीर परिणामों की चेतावनी दी है।
ईरान की वर्तमान स्थिति न केवल आर्थिक बल्कि राजनैतिक और सामाजिक मोर्चों पर भी बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। केंद्रीय बैंक में नया नेतृत्व इस संकट से निपटने के लिए एक दिशा प्रदान कर सकता है, परंतु समाधान केवल मौद्रिक उपायों से संभव नहीं दिखता—इसके लिए व्यापक और पारदर्शी आर्थिक सुधार आवश्यक होंगे।