ईरान ने खोर्रमशहर-4 बैलिस्टिक मिसाइल का प्रदर्शन कर अमेरिका को दिया रणनीतिक संदेश

ईरान ने खोर्रमशहर-4 बैलिस्टिक मिसाइल का प्रदर्शन कर अमेरिका को दिया रणनीतिक संदेश

पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच ईरान ने अपनी शक्तिशाली मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल ‘खोर्रमशहर-4’ का नाटकीय वीडियो जारी किया है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब अमेरिका के विमानवाहक पोत फारस की खाड़ी के आसपास सक्रिय हैं। इस प्रदर्शन को व्यापक रूप से एक रणनीतिक संदेश और प्रतिरोध क्षमता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जिससे क्षेत्रीय शक्ति संतुलन और अधिक संवेदनशील हो गया है।

खोर्रमशहर-4 की क्षमता और विशेषताएँ

खोर्रमशहर-4 को ईरान की सबसे शक्तिशाली मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों में से एक माना जाता है। इसकी अनुमानित मारक क्षमता लगभग 2,000 किलोमीटर है, जो इसे क्षेत्र में स्थित कई सामरिक ठिकानों तक पहुंचने में सक्षम बनाती है। भारी पेलोड वहन क्षमता के कारण यह मिसाइल सैन्य ठिकानों और नौसैनिक संसाधनों को लक्ष्य बनाने में सक्षम मानी जाती है।

पिछले दो दशकों में ईरान ने अपने बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम में व्यापक निवेश किया है। यह कार्यक्रम उसकी राष्ट्रीय रक्षा और प्रतिरोध रणनीति का प्रमुख आधार बन चुका है। पारंपरिक सैन्य सीमाओं की भरपाई के लिए लंबी दूरी की मारक क्षमता को ईरान अपनी सुरक्षा नीति का अहम तत्व मानता है।

अमेरिकी नौसैनिक उपस्थिति को संकेत

हाल ही में अमेरिका के विमानवाहक पोत ‘यूएसएस अब्राहम लिंकन’ और ‘यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड’ फारस की खाड़ी के समीप तैनात रहे हैं। अमेरिका के लिए इस प्रकार की तैनाती सामान्य सैन्य गतिविधि है, लेकिन ईरान इसे बारीकी से देखता है।

विश्लेषकों का मानना है कि मिसाइल का वीडियो जारी कर ईरान ने यह स्पष्ट करने की कोशिश की है कि क्षेत्र में मौजूद विदेशी सैन्य संसाधन उसकी मारक क्षमता के दायरे में हैं। ईरानी अधिकारियों का दावा है कि उनका मिसाइल कार्यक्रम रक्षात्मक है और इसका उद्देश्य किसी संघर्ष को उकसाना नहीं, बल्कि संभावित आक्रामकता को रोकना है।

क्षेत्रीय सुरक्षा और रणनीतिक प्रभाव

फारस की खाड़ी वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का एक अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। यहां किसी भी प्रकार की सैन्य गतिविधि या शक्ति प्रदर्शन का अंतरराष्ट्रीय प्रभाव पड़ता है। ऐसे में मिसाइल प्रदर्शन का समय और संदर्भ क्षेत्रीय सुरक्षा पर गहरा असर डाल सकता है।

ईरान की प्रतिरोध नीति अब मिसाइल पहुंच और असममित क्षमताओं पर आधारित है, जिसके माध्यम से वह अमेरिका की पारंपरिक सैन्य श्रेष्ठता का संतुलन साधने का प्रयास करता है। इस प्रकार के प्रदर्शन घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तरों पर रणनीतिक संदेश देने का माध्यम बनते हैं।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

* फारस की खाड़ी वैश्विक तेल व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण सामरिक जलमार्ग है।
* मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों की मारक क्षमता सामान्यतः 1,000 से 3,000 किलोमीटर के बीच होती है।
* विमानवाहक पोत अमेरिका की शक्ति-प्रदर्शन और नौसैनिक प्रतिरोध रणनीति का केंद्रीय तत्व हैं।
* बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम अक्सर क्षेत्रीय प्रतिरोध और सामरिक संतुलन से जुड़े होते हैं।

खोर्रमशहर-4 के प्रदर्शन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पश्चिम एशिया में शक्ति संतुलन का खेल केवल सैन्य तैनाती तक सीमित नहीं है, बल्कि रणनीतिक संदेश और तकनीकी क्षमता के प्रदर्शन भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लगातार बढ़ते तनाव के बीच ऐसी गतिविधियां क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा पर दूरगामी प्रभाव डाल सकती हैं।

Originally written on February 18, 2026 and last modified on February 18, 2026.

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