ईरान की सोरया आघाई बनीं IOC की पहली महिला सदस्य: ओलंपिक इतिहास में ऐतिहासिक कदम
अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) ने 4 फरवरी 2026 को ईरान की सोरया आघाई को अपनी सदस्यता के लिए चुना, जो न केवल ईरान से पहली महिला सदस्य बनीं, बल्कि इस समय की सबसे कम उम्र की IOC सदस्य भी हैं। यह चुनाव वैश्विक ओलंपिक आंदोलन और ईरान दोनों के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
ऐतिहासिक चयन और IOC में ईरान का प्रतिनिधित्व
सोरया आघाई को IOC की 107वीं सदस्य के रूप में भारी बहुमत (95–2 मतों) से चुना गया। वे IOC की केवल तीसरी ईरानी प्रतिनिधि बनीं, और 2004 के बाद पहली। उनका चयन समिति की समावेशिता, पीढ़ीगत बदलाव और भौगोलिक विविधता को बढ़ावा देने की नीति का स्पष्ट संकेत है। उनका नाम अब वैश्विक खेल शासन में उभरते पश्चिम एशियाई नेतृत्व का प्रतीक बन गया है।
सोरया आघाई का प्रोफ़ाइल और ओलंपिक पृष्ठभूमि
सिर्फ 30 वर्ष की आयु में, सोरया ईरानी ओलंपिक समिति की एथलीट्स कमीशन की सदस्य हैं। वे इससे पहले टोक्यो समर ओलंपिक में भाग लेकर ईरान की पहली महिला बैडमिंटन ओलंपियन बन चुकी हैं। उनका खेल अनुभव और खिलाड़ियों की प्राथमिकताओं की समझ उन्हें ओलंपिक शासन प्रणाली में एथलीट केंद्रित सुधारों और नीतिगत निर्णयों में एक महत्वपूर्ण आवाज प्रदान करेगा।
IOC में बदलता प्रतिनिधित्व और महिला सशक्तिकरण
सोरया आघाई ऐसे समय में IOC में शामिल हुई हैं जब समिति एक नए युग में प्रवेश कर रही है। IOC की वर्तमान अध्यक्ष कर्स्टी कोवेंट्री हैं, जो इस संस्था के 132 वर्षों के इतिहास में पहली महिला अध्यक्ष बनी हैं। वर्तमान में IOC की सदस्यता में महिलाओं की भागीदारी लगभग 45% है, जो लैंगिक संतुलन की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति को दर्शाता है। इस सत्र में अफगानिस्तान की समीरा असघरी को भी पुनः चुना गया, जो क्षेत्रीय महिला नेतृत्व में निरंतरता को इंगित करता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) की स्थापना 1894 में हुई थी।
- IOC का मुख्य कार्य ओलंपिक खेलों की मेजबानी करने वाले शहरों का चयन करना है।
- वर्तमान में IOC की सदस्यता में लगभग 45% महिलाएं शामिल हैं।
- 2036 समर ओलंपिक की मेजबानी का निर्णय IOC द्वारा ही लिया जाएगा।
कार्यकाल और व्यापक महत्व
सोरया आघाई का कार्यकाल आठ वर्षों का होगा, जिसमें वे 2036 के ओलंपिक मेजबान शहर के चयन जैसे प्रमुख निर्णयों में मतदान करेंगी। यह न केवल खेल नीति के स्तर पर उनकी भागीदारी को सुनिश्चित करेगा, बल्कि ईरान की महिलाओं के लिए भी प्रेरणादायक सिद्ध होगा। यह चुनाव दर्शाता है कि वैश्विक खेल मंच पर अब पश्चिम एशिया और महिलाओं की भागीदारी में उल्लेखनीय विस्तार हो रहा है।
सोरया आघाई का यह नया दायित्व केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि एक ऐसे बदलाव का प्रतीक है जो वैश्विक खेल प्रणाली को अधिक समावेशी, युवा और संतुलित दिशा में ले जा रहा है।