इज़राइल की बहु-स्तरीय वायु रक्षा प्रणाली कैसे काम करती है

इज़राइल की बहु-स्तरीय वायु रक्षा प्रणाली कैसे काम करती है

इज़राइल दुनिया की सबसे उन्नत बहु-स्तरीय वायु रक्षा प्रणालियों में से एक संचालित करता है। यह प्रणाली मुख्य रूप से बैलिस्टिक मिसाइलों, रॉकेटों और अन्य हवाई खतरों से सुरक्षा के लिए विकसित की गई है, विशेष रूप से ईरान और उसके क्षेत्रीय सहयोगी समूहों से संभावित हमलों को ध्यान में रखते हुए। इस नेटवर्क में लंबी दूरी, मध्यम दूरी और कम दूरी के अवरोधन तंत्र शामिल हैं। इसके साथ ही नई लेज़र आधारित तकनीक और अमेरिका समर्थित प्रणालियाँ भी इस सुरक्षा ढांचे का हिस्सा हैं, जिससे एक व्यापक रक्षात्मक ढाल तैयार होती है।

एरो प्रणाली: लंबी दूरी की मिसाइल रक्षा

एरो-2 और एरो-3 प्रणाली इज़राइल की वायु रक्षा व्यवस्था के सबसे ऊपरी स्तर का प्रतिनिधित्व करती हैं। इनका विकास इज़राइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज ने अमेरिकी कंपनी बोइंग के सहयोग से किया है। यह प्रणाली विशेष रूप से लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिए बनाई गई है।

एरो-2 वायुमंडल के भीतर आने वाली मिसाइलों को नष्ट करता है, जबकि एरो-3 वायुमंडल के बाहर भी अवरोधन करने में सक्षम है। ऊंचाई पर इस तरह का अवरोधन संभावित परमाणु या अन्य खतरनाक वारहेड के प्रभाव को कम करने में मदद करता है। इस प्रणाली का उद्देश्य दुश्मन की उन्नत बैलिस्टिक मिसाइलों को इज़राइली हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही निष्क्रिय करना है।

डेविड्स स्लिंग: मध्यम दूरी की सुरक्षा

डेविड्स स्लिंग प्रणाली मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिए विकसित की गई है, जो लगभग 100 से 200 किलोमीटर की दूरी से दागी जाती हैं। इसका संयुक्त विकास राफेल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम्स और अमेरिका की आरटीएक्स कॉर्पोरेशन ने किया है।

यह प्रणाली मिसाइलों के अलावा विमान, ड्रोन और क्रूज़ मिसाइलों को भी रोकने में सक्षम है। डेविड्स स्लिंग लंबी दूरी की एरो प्रणाली और छोटी दूरी की आयरन डोम प्रणाली के बीच की सुरक्षा खाई को भरती है, जिससे वायु रक्षा नेटवर्क अधिक मजबूत और प्रभावी बनता है।

आयरन डोम और आयरन बीम: कम दूरी की रक्षा

आयरन डोम 2011 से संचालित एक प्रसिद्ध वायु रक्षा प्रणाली है, जिसे कम दूरी के रॉकेट, मोर्टार और ड्रोन को नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें मोबाइल बैटरियों का उपयोग किया जाता है, जिनमें रडार-निर्देशित इंटरसेप्टर मिसाइलें होती हैं जो हवा में ही खतरों को नष्ट कर देती हैं।

इस प्रणाली की खासियत यह है कि यह केवल उन रॉकेटों को रोकती है जो आबादी वाले क्षेत्रों की ओर बढ़ रहे होते हैं। इससे लागत और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होता है। वर्ष 2017 में इसका एक नौसैनिक संस्करण भी तैनात किया गया, जो समुद्री परिसंपत्तियों की सुरक्षा करता है।

आयरन डोम के साथ आयरन बीम नामक लेज़र आधारित प्रणाली भी विकसित की गई है, जिसे 2025 के अंत में संचालन योग्य घोषित किया गया। यह प्रणाली छोटे हवाई खतरों जैसे मानव रहित विमान और मोर्टार को लक्षित करती है। लेज़र ऊर्जा का उपयोग करने के कारण इसकी लागत पारंपरिक मिसाइल इंटरसेप्टर की तुलना में काफी कम होती है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • एरो-3 प्रणाली वायुमंडल के बाहर बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने में सक्षम है।
  • डेविड्स स्लिंग लंबी दूरी और छोटी दूरी की रक्षा प्रणालियों के बीच की सुरक्षा परत को पूरा करता है।
  • आयरन डोम केवल उन रॉकेटों को रोकता है जो आबादी वाले क्षेत्रों की ओर जा रहे होते हैं।
  • थाड (THAAD) प्रणाली बैलिस्टिक मिसाइलों को उनकी अंतिम उड़ान चरण में नष्ट करती है।

इन प्रणालियों के अतिरिक्त अमेरिका ने इज़राइल में थाड (टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस) प्रणाली भी तैनात की है, जो उच्च ऊंचाई पर बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने में सक्षम है। इसके अलावा अमेरिकी नौसैनिक जहाज और इज़राइली लड़ाकू विमान भी ड्रोन और अन्य हवाई खतरों को रोकने में सहयोग करते हैं। इन सभी प्रणालियों के संयुक्त उपयोग से इज़राइल ने एक मजबूत और बहु-स्तरीय वायु रक्षा ढांचा तैयार किया है, जो क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों के बीच देश की रक्षा क्षमता को मजबूत बनाता है।

Originally written on March 4, 2026 and last modified on March 4, 2026.

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