इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद को मिला नया प्रमुख
इजरायल ने अपनी बाहरी खुफिया एजेंसी मोसाद के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए मेजर जनरल रोमन गोफमैन को नया प्रमुख नियुक्त किया है। 13 अप्रैल 2026 को इस निर्णय को औपचारिक रूप दिया गया। गोफमैन 2 जून 2026 को पदभार संभालेंगे और वे डेविड बार्निया का स्थान लेंगे, जिनका पांच वर्षीय कार्यकाल पूरा हो रहा है। यह नियुक्ति इसलिए चर्चा में है क्योंकि गोफमैन का खुफिया एजेंसियों में पूर्व अनुभव नहीं रहा है, जिससे यह निर्णय पारंपरिक प्रक्रिया से अलग माना जा रहा है।
असामान्य नियुक्ति और इसके पीछे का कारण
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू द्वारा यह नियुक्ति दिसंबर 2025 में ही तय कर ली गई थी। आमतौर पर मोसाद के प्रमुख के रूप में अनुभवी खुफिया अधिकारियों को चुना जाता है, लेकिन इस बार एक सैन्य अधिकारी को यह जिम्मेदारी दी गई है। विश्लेषकों के अनुसार, यह निर्णय नेतन्याहू की उस रणनीति को दर्शाता है जिसमें वे भरोसेमंद और अपने दृष्टिकोण से मेल खाने वाले सैन्य अधिकारियों को महत्वपूर्ण पदों पर लाना पसंद करते हैं। इस कदम को इजरायल की सुरक्षा नीति में बदलाव के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है।
रोमन गोफमैन का सैन्य करियर और पृष्ठभूमि
रोमन गोफमैन का जन्म 1976 में बेलारूस में हुआ था और वे 14 वर्ष की आयु में इजरायल आ गए थे। उन्होंने 1995 में इजरायली सेना में शामिल होकर अपने करियर की शुरुआत की। वे आर्मर्ड कोर में सेवा करते हुए धीरे-धीरे उच्च पदों तक पहुंचे और राष्ट्रीय इन्फैंट्री प्रशिक्षण केंद्र के कमांडर बने। उनके सैन्य अनुभव में कई महत्वपूर्ण अभियानों में भागीदारी शामिल है। 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के बाद शुरू हुए संघर्ष के दौरान वे गाजा सीमा के पास स्देरोत में गंभीर रूप से घायल भी हुए थे।
गाजा संघर्ष के बाद भूमिका और राजनीतिक जुड़ाव
घायल होने के बाद स्वस्थ होकर गोफमैन अप्रैल 2024 में प्रधानमंत्री कार्यालय से जुड़े। उन्हें नेतन्याहू की राष्ट्रवादी विचारधारा के करीब माना जाता है। उनकी शिक्षा वेस्ट बैंक के एली येशिवा में हुई, जो धार्मिक ज़ायनिस्ट विचारधारा से जुड़ा संस्थान है। इस प्रकार उनका उदय सैन्य अनुभव और राजनीतिक निकटता के मिश्रण के रूप में देखा जा रहा है, जो वर्तमान इजरायली नेतृत्व की प्राथमिकताओं को दर्शाता है।
इजरायल की खुफिया रणनीति पर प्रभाव
यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब इजरायल की खुफिया प्रणाली पर 7 अक्टूबर 2023 के हमले को लेकर सवाल उठे थे। हालांकि मोसाद सीधे तौर पर जिम्मेदार नहीं था, लेकिन आंतरिक सुरक्षा एजेंसी शिन बेट और सैन्य खुफिया एजेंसी अमन के प्रमुखों ने जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया था। ऐसे में गोफमैन का नेतृत्व खुफिया तंत्र में सैन्य दृष्टिकोण को मजबूत कर सकता है। उनसे विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और क्षेत्रीय सुरक्षा में सक्रिय रणनीति बनाए रखने की अपेक्षा की जा रही है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- मोसाद इजरायल की बाहरी खुफिया एजेंसी है, जो विदेशी अभियानों के लिए जिम्मेदार होती है।
- शिन बेट इजरायल की आंतरिक सुरक्षा एजेंसी है, जबकि अमन सैन्य खुफिया का कार्य संभालती है।
- 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के बाद इजरायल में बहु-स्तरीय संघर्ष शुरू हुआ था।
- इस हमले के बाद खुफिया तंत्र की विफलताओं को लेकर कई उच्च अधिकारियों ने इस्तीफा दिया।
रोमन गोफमैन की नियुक्ति इजरायल की खुफिया व्यवस्था में एक नई दिशा का संकेत देती है। यह बदलाव न केवल नेतृत्व शैली में अंतर लाएगा, बल्कि देश की सुरक्षा रणनीति को भी प्रभावित कर सकता है। आने वाले समय में उनका कार्यकाल यह तय करेगा कि यह असामान्य निर्णय कितना प्रभावी साबित होता है।