इंडोनेशिया में मिला विश्व का सबसे प्राचीन गुफा चित्र: मानव रचनात्मकता के इतिहास में नया मोड़

इंडोनेशिया में मिला विश्व का सबसे प्राचीन गुफा चित्र: मानव रचनात्मकता के इतिहास में नया मोड़

हाल ही में इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप में खोजा गया एक प्रागैतिहासिक हस्तचिह्न अब तक का विश्व का सबसे प्राचीन ज्ञात गुफा चित्र माना जा रहा है, जिसकी आयु लगभग 67,800 वर्ष आँकी गई है। यह खोज मानवीय प्रतीकात्मक सोच और अमूर्त कला की उत्पत्ति संबंधी पुराने सिद्धांतों को चुनौती देती है, जो अब तक मुख्य रूप से यूरोप से जुड़ी मानी जाती थी।

सुलावेसी की चूना पत्थर गुफाओं में खोज

यह प्राचीन चित्र सुलावेसी के चूना पत्थर वाली गुफाओं में पाया गया है, जो पहले से ही मानव रॉक कला के शुरुआती प्रमाणों के लिए प्रसिद्ध रही हैं। चित्र एक लाल रंग के हस्तचिह्न (हैंड स्टेंसिल) के रूप में है, जिसे हाथ को दीवार पर रखकर उस पर रंग फूंक कर बनाया गया था। यह तकनीक मानव सभ्यता के प्रारंभिक इमेज-मेकिंग प्रयासों में से एक मानी जाती है।

यह खोज एक अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान दल द्वारा किए गए क्षेत्रीय सर्वेक्षण और विश्लेषण के बाद सामने आई है, जो इन गुफाओं के अंदर मिली कला की वैज्ञानिक पड़ताल में संलग्न था।

वैज्ञानिक तिथिकरण और पुष्टि

वैज्ञानिकों ने इस चित्र की तिथि निर्धारण के लिए ‘यूरेनियम सीरीज़ डेटिंग’ तकनीक का प्रयोग किया, जिसमें चित्र के नीचे बने खनिज स्तरों के रेडियोधर्मी क्षय का विश्लेषण किया गया। इसके अनुसार, यह चित्र कम से कम 67,800 वर्ष पुराना है। यह निष्कर्ष प्रतिष्ठित जर्नल नेचर में प्रकाशित हुआ है, जिससे इस खोज को वैश्विक मान्यता मिली है।

इस तिथि के अनुसार, यह गुफा चित्र अब तक के ज्ञात सबसे पुराने यूरोपीय गुफा चित्रों से लगभग 15,000 वर्ष अधिक प्राचीन है, जिससे प्राचीन मानव रचनात्मकता की समयसीमा में बड़ा बदलाव आता है।

यूरोपीय केंद्रित सोच को चुनौती

यह इंडोनेशियाई हस्तचिह्न यूरोप के सबसे पुराने गुफा चित्रों से लगभग 30,000 वर्ष पहले का है, जिनमें फ्रांस की प्रसिद्ध गुफा कलाएं शामिल हैं। खास बात यह है कि इस हस्तचिह्न में उंगलियाँ जानबूझकर इस प्रकार चित्रित की गई हैं कि वे किसी जानवर के पंजे जैसी प्रतीत होती हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह प्रतीकात्मक सोच और संभवतः मानव‑पशु संबंधों के आध्यात्मिक विश्वासों का संकेत है।

यह खोज लंबे समय से चली आ रही उस धारणा को तोड़ती है जिसमें माना जाता था कि जटिल कल्पना शक्ति और कथा‑कला केवल यूरोपीय उत्तर-पाषाण काल (Upper Palaeolithic) में ही विकसित हुई थी।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • अब तक का सबसे प्राचीन ज्ञात गुफा चित्र लगभग 67,800 वर्ष पुराना है।
  • यह चित्र सुलावेसी, इंडोनेशिया की चूना पत्थर गुफाओं में मिला है।
  • चित्र हाथ की आकृति को दीवार पर रखकर और रंग फूंककर बनाया गया है।
  • यह खोज मानव विकास की यूरोपीय केंद्रित दृष्टिकोण को चुनौती देती है।

मानव विकास और रचनात्मकता पर प्रभाव

अनुसंधान दल ने इस हस्तचिह्न की तुलना सुलावेसी की अन्य चित्रकलाओं से भी की, जिनमें 48,000 वर्ष पुराना एक चित्र भी शामिल है जिसमें मानव‑पशु मिश्रित आकृति को दर्शाया गया है। ग्रिफिथ विश्वविद्यालय के प्रमुख शोधकर्ता एडम ब्रुम के अनुसार, ये प्रमाण दिखाते हैं कि प्रतीकात्मक और कथात्मक कला उस समय के प्रारंभिक आधुनिक मानव व्यवहार का हिस्सा थी।

इस खोज से यह सिद्ध होता है कि रचनात्मकता केवल किसी विशेष भूभाग या देर से आई सांस्कृतिक विशेषता नहीं है, बल्कि यह मानव जाति के विकास में गहराई से जुड़ी एक मौलिक विशेषता है।

यह खोज न केवल मानव इतिहास के बारे में हमारी समझ को व्यापक बनाती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि मानव रचनात्मकता और प्रतीकात्मकता की जड़ें कितना दूर अतीत तक फैली हुई हैं।

Originally written on January 25, 2026 and last modified on January 25, 2026.

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