इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का तीसरा दिन: जिम्मेदार एआई और वैश्विक निवेश की नई दिशा

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का तीसरा दिन: जिम्मेदार एआई और वैश्विक निवेश की नई दिशा

नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के तीसरे दिन ने नागरिक भागीदारी और वैश्विक तकनीकी निवेश के मामले में नए कीर्तिमान स्थापित किए। कार्यक्रम का मुख्य फोकस “रिस्पॉन्सिबल एआई”, डिजिटल कनेक्टिविटी, प्रतिभा विकास और उच्च स्तरीय कंप्यूट क्षमता के विस्तार पर रहा। भारत ने खुद को उभरते बाजारों में एआई शासन और तैनाती के लिए एक प्रमुख मंच के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस संकेत दिए।

जिम्मेदार एआई प्रतिज्ञा के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड

केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि भारत ने 24 घंटे में एआई जिम्मेदारी अभियान के तहत सर्वाधिक प्रतिज्ञाएं प्राप्त करने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। 16 से 17 फरवरी के बीच 24 घंटे की अवधि में कुल 2,50,946 वैध प्रतिज्ञाएं दर्ज की गईं।

इस अभियान में कॉलेजों और छात्र नेटवर्क के माध्यम से व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की गई। इसका उद्देश्य नवाचार के साथ-साथ भरोसे पर आधारित एआई अपनाने को बढ़ावा देना था, जिससे तकनीक के प्रति सामाजिक विश्वास मजबूत हो सके।

गूगल की ‘अमेरिका-इंडिया कनेक्ट’ पहल

गूगल ने “अमेरिका-इंडिया कनेक्ट” नामक एक नई कनेक्टिविटी पहल की घोषणा की, जिसके तहत अमेरिका, भारत और दक्षिणी गोलार्ध के विभिन्न स्थानों को जोड़ने वाले रणनीतिक फाइबर-ऑप्टिक मार्ग विकसित किए जाएंगे। इसमें समुद्र के नीचे बिछाई जाने वाली केबल क्षमता का विस्तार और भारत में एक नया अंतरराष्ट्रीय गेटवे स्थापित करना शामिल है।

इसके अतिरिक्त, गूगल ने 30-30 मिलियन डॉलर के दो चैलेंज फंड की भी घोषणा की—एक “एआई फॉर गवर्नमेंट इनोवेशन” के लिए और दूसरा “एआई फॉर साइंस” के लिए। इन पहलों का उद्देश्य सार्वजनिक सेवा वितरण में सुधार और वैज्ञानिक अनुसंधान में एआई आधारित नवाचार को प्रोत्साहन देना है। कौशल विकास के लिए कर्मयोगी भारत और अन्य सार्वजनिक संस्थानों के साथ साझेदारी की भी बात कही गई।

माइक्रोसॉफ्ट, ओपनएआई और योटा की विस्तार योजनाएं

माइक्रोसॉफ्ट ने 2030 तक ‘ग्लोबल साउथ’ के देशों में एआई पहुंच बढ़ाने के लिए 50 अरब डॉलर तक निवेश की योजना जताई। ओपनएआई ने भारतीय उच्च शिक्षण संस्थानों के साथ सहयोग की घोषणा की, जिनमें आईआईटी दिल्ली, आईआईएम अहमदाबाद, एम्स नई दिल्ली, मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन, यूपीईएस और पर्ल एकेडमी शामिल हैं। इसका लक्ष्य अगले वर्ष में एक लाख से अधिक छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को जिम्मेदार एआई उपयोग के लिए सशक्त बनाना है।

वहीं, योटा डेटा सर्विसेज ने एनवीडिया के नवीनतम चिप्स पर 2 अरब डॉलर से अधिक निवेश कर एआई कंप्यूटिंग हब विकसित करने की योजना की घोषणा की। कंपनी संभावित आईपीओ से पहले पूंजी जुटाने की तैयारी भी कर रही है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

* गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स समय-सीमित सामूहिक भागीदारी उपलब्धियों को भी मान्यता देता है।
* समुद्र के नीचे बिछी फाइबर-ऑप्टिक केबलें वैश्विक इंटरनेट ट्रैफिक का अधिकांश हिस्सा वहन करती हैं।
* ‘ग्लोबल साउथ’ शब्द विकासशील और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए प्रयुक्त एक भू-राजनीतिक अवधारणा है।
* एआई कंप्यूट क्षमता विशेष जीपीयू चिप्स पर निर्भर करती है, जो बड़े मॉडलों के प्रशिक्षण और उपयोग में अहम भूमिका निभाते हैं।

समिट के तीसरे दिन की घोषणाएं स्पष्ट करती हैं कि भारत दोहरी रणनीति पर आगे बढ़ रहा है—एक ओर जिम्मेदार एआई के माध्यम से सार्वजनिक विश्वास निर्माण और दूसरी ओर कनेक्टिविटी, कौशल और कंप्यूट अवसंरचना को मजबूत कर बड़े पैमाने पर एआई तैनाती सुनिश्चित करना। सरकारी पहलों, वैश्विक निवेश और शैक्षणिक साझेदारियों के इस संगम ने भारत की एआई नीति को वैश्विक स्तर पर प्रभावशाली बनाने की दिशा में मजबूत संकेत दिए हैं।

Originally written on February 19, 2026 and last modified on February 19, 2026.

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