इंडिगो के सह-संस्थापक राहुल भाटिया बने अंतरिम सीईओ

इंडिगो के सह-संस्थापक राहुल भाटिया बने अंतरिम सीईओ

भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के सह-संस्थापक और अरबपति उद्यमी राहुल भाटिया ने कंपनी के अंतरिम मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) का पद संभाल लिया है। यह बदलाव उस समय हुआ है जब मौजूदा सीईओ पीटर एल्बर्स ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। एयरलाइन फिलहाल कुछ परिचालन चुनौतियों का सामना कर रही है और इस संक्रमण काल में भाटिया कंपनी के प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेंगे। इंडिगो को देश की सबसे बड़ी विमानन कंपनी बनाने में राहुल भाटिया की अहम भूमिका रही है।

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

राहुल भाटिया का जन्म उत्तराखंड के नैनीताल में हुआ था। उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा कनाडा में प्राप्त की और यूनिवर्सिटी ऑफ वाटरलू से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की। पढ़ाई पूरी करने के बाद वे वर्ष 1984 में भारत लौट आए और दूरसंचार क्षेत्र में कारोबार शुरू करने की योजना बनाई। हालांकि उस समय मौजूद नियामकीय बाधाओं के कारण यह योजना सफल नहीं हो सकी। इसके बाद उन्होंने यात्रा और विमानन क्षेत्र में अपना ध्यान केंद्रित किया।

इंटरग्लोब की स्थापना और इंडिगो की शुरुआत

राहुल भाटिया ने बाद में अपने पिता के दिल्ली स्थित ट्रैवल व्यवसाय से जुड़कर उसे इंटरग्लोब एंटरप्राइजेज के रूप में विकसित किया। समय के साथ इस समूह ने ट्रैवल मैनेजमेंट, हॉस्पिटैलिटी और एविएशन सेवाओं में अपना विस्तार किया। वर्ष 2004 में भाटिया ने इंटरग्लोब एविएशन की स्थापना की और एयरलाइन संचालन के लिए लाइसेंस प्राप्त किया। इसके दो वर्ष बाद 2006 में उन्होंने विमानन क्षेत्र के अनुभवी उद्यमी राकेश गंगवाल के साथ मिलकर इंडिगो एयरलाइन की शुरुआत की। इस एयरलाइन ने कम लागत वाले मॉडल को अपनाया, जिसमें परिचालन दक्षता, विमानों का तेज टर्नअराउंड और एक समान विमान बेड़े पर विशेष जोर दिया गया।

इंडिगो की तेजी से वृद्धि और नेतृत्व में बदलाव

राहुल भाटिया के नेतृत्व में इंडिगो कुछ ही वर्षों में भारत की अग्रणी एयरलाइन बन गई। वर्ष 2010 तक इस एयरलाइन ने घरेलू विमानन बाजार में लगभग एक-पांचवां हिस्सा हासिल कर लिया था। समय के साथ कंपनी के प्रबंधन और संचालन ढांचे को लेकर भाटिया और सह-संस्थापक राकेश गंगवाल के बीच मतभेद भी सामने आए। बाद में गंगवाल ने कंपनी के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया और धीरे-धीरे अपनी हिस्सेदारी भी कम करनी शुरू कर दी। इसके बावजूद इंडिगो आज भी यात्री संख्या और बाजार हिस्सेदारी के आधार पर भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन बनी हुई है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • इंडिगो एयरलाइन का संचालन इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड द्वारा किया जाता है और यह लो-कॉस्ट कैरियर मॉडल का पालन करती है।
  • राहुल भाटिया ने वर्ष 2006 में राकेश गंगवाल के साथ मिलकर इंडिगो की स्थापना की थी।
  • इंटरग्लोब एंटरप्राइजेज एक विविध व्यापारिक समूह है, जो एविएशन, ट्रैवल सेवाओं और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में कार्य करता है।
  • भारत के नागरिक उड्डयन क्षेत्र का नियमन नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा किया जाता है।

राहुल भाटिया भारत के प्रमुख उद्योगपतियों में गिने जाते हैं और विमानन क्षेत्र में उनका महत्वपूर्ण प्रभाव है। फोर्ब्स के अनुसार मार्च 2026 तक उनकी कुल संपत्ति लगभग 6.5 अरब अमेरिकी डॉलर आंकी गई है। वे दिल्ली में रहते हैं और इंटरग्लोब एंटरप्राइजेज तथा इंटरग्लोब एविएशन के माध्यम से इंडिगो की रणनीतिक दिशा तय करने में लगातार सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।

Originally written on March 11, 2026 and last modified on March 11, 2026.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *