आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26: भारत की फार्मा और मेडिकल डिवाइसेज उद्योग में संरचनात्मक बदलाव, नवाचार की ओर बढ़ता रुझान

आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26: भारत की फार्मा और मेडिकल डिवाइसेज उद्योग में संरचनात्मक बदलाव, नवाचार की ओर बढ़ता रुझान

आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में भारत की फार्मास्युटिकल और मेडिकल डिवाइसेज (चिकित्सकीय उपकरण) क्षेत्र में चल रहे संरचनात्मक परिवर्तन को रेखांकित किया गया है। रिपोर्ट बताती है कि भारत अब मात्र “वॉल्यूम-आधारित उत्पादन” से आगे बढ़कर “वैल्यू-चालित नवाचार” की दिशा में अग्रसर हो रहा है। इसका उद्देश्य वैश्विक स्वास्थ्य सेवा मूल्य श्रृंखला में उच्च स्थान प्राप्त करना है।

फार्मा उद्योग में उच्च मूल्य उत्पादों की ओर रुझान

सर्वेक्षण के अनुसार, भारत की दवा उद्योग अब मास जेनेरिक दवाओं से आगे बढ़कर कॉम्प्लेक्स जेनेरिक्स, बायोसिमिलर्स, और नवाचार-आधारित उत्पादों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। वर्तमान में भारत वैश्विक फार्मा निर्यात में मूल्य के हिसाब से 11वें स्थान पर है, जिसमें 3% वैश्विक हिस्सेदारी है।

भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा फार्मास्युटिकल उत्पादक देश है, जो वैश्विक जेनेरिक दवाओं की मांग का लगभग 20% आपूर्ति करता है। FY25 में 191 देशों को फार्मा निर्यात हुआ, जिनमें से आधे से अधिक निर्यात अमेरिका और यूरोप जैसे उच्च-नियंत्रित बाजारों में हुआ।

मेडिकल डिवाइसेज क्षेत्र का तेज़ विकास

आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, भारत का मेडिकल डिवाइसेज सेक्टर अब वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी होता जा रहा है। FY21 में 2.5 अरब डॉलर का निर्यात FY25 में बढ़कर 4.1 अरब डॉलर तक पहुंच गया। अब भारत में MRI और CT स्कैनर, कार्डियक स्टेंट, वेंटिलेटर, और लिनियर एक्सेलेरेटर जैसे उच्च तकनीक उपकरणों का उत्पादन हो रहा है। यह भारत के हाई-टेक चिकित्सा निर्माण क्षेत्र में प्रवेश का संकेत देता है।

टीका आपूर्ति और निर्यात नेतृत्व

जेनेरिक दवाओं के अलावा, भारत वैश्विक टीका आपूर्ति में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। देश DPT, BCG, और खसरा (Measles) जैसे टीकों का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बना हुआ है। FY25 में फार्मास्युटिकल उद्योग का वार्षिक कारोबार ₹4.72 लाख करोड़ रहा, और FY15 से FY25 के बीच निर्यात 7% की चक्रवृद्धि वार्षिक दर से बढ़ा।

खबर से जुड़े जीके तथ्य:

  • भारत मात्रा के अनुसार विश्व का तीसरा सबसे बड़ा फार्मा उत्पादक है।
  • भारत का फार्मा निर्यात 190+ देशों में होता है, जिनमें अमेरिका और यूरोप जैसे उच्च-नियंत्रण वाले बाजार शामिल हैं।
  • मेडिकल डिवाइसेज का निर्यात FY21 में $2.5 बिलियन से बढ़कर FY25 में $4.1 बिलियन हुआ।
  • भारत विश्व का प्रमुख सस्ती कीमत पर टीका आपूर्तिकर्ता है।

उच्च तकनीकी निर्माण के माध्यम से विस्तार की संभावना

सर्वेक्षण में यह भी रेखांकित किया गया है कि भारत के मेडिकल डिवाइसेज क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। इसका विस्तार आयात निर्भरता को कम करके और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तथा 3D प्रिंटिंग जैसी आधुनिक विनिर्माण तकनीकों को अपनाकर किया जा सकता है।

इसके अलावा, वैश्विक सर्टिफिकेशन और रेगुलेटरी प्रक्रियाओं के सरलीकरण को भी आवश्यक बताया गया है, ताकि भारत अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों तक और प्रभावी रूप से पहुंच बना सके और दीर्घकालिक निर्यात वृद्धि को सुनिश्चित कर सके।

भारत का फार्मा और मेडिकल डिवाइस क्षेत्र अब सिर्फ “सस्ते निर्माण” की पहचान से आगे बढ़कर “उच्च गुणवत्ता, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा” की ओर बढ़ रहा है — जो आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत कदम है।

Originally written on February 2, 2026 and last modified on February 2, 2026.

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