आर्टेमिस II मिशन: नासा का चंद्रमा की ओर मानव वापसी की ऐतिहासिक तैयारी
नासा अपनी बहुप्रतीक्षित आर्टेमिस II मिशन की अंतिम तैयारियों के चरण में प्रवेश कर चुका है, जिसका उद्देश्य 2026 की शुरुआत में मनुष्यों को चंद्रमा की परिक्रमा पर भेजना है। यह मिशन अमेरिका द्वारा मानवयुक्त चंद्र अन्वेषण की दिशा में पचास वर्षों से अधिक के अंतराल के बाद एक ऐतिहासिक वापसी को चिह्नित करता है।
आर्टेमिस कार्यक्रम और मिशन समयसीमा
आर्टेमिस कार्यक्रम का उद्देश्य चंद्रमा पर एक स्थायी मानव उपस्थिति स्थापित करना और भविष्य के मंगल मिशनों की नींव रखना है।
आर्टेमिस II इस कार्यक्रम की पहली मानवयुक्त उड़ान होगी, जिसमें 10-दिन की यात्रा में चालक दल चंद्रमा की परिक्रमा करेगा और पृथ्वी पर लौटेगा।
नासा ने संकेत दिया है कि लॉन्च 5 फरवरी 2026 से अप्रैल 2026 के बीच किसी भी समय हो सकता है, हालाँकि तकनीकी और मौसम संबंधी परिस्थितियों के अनुसार समय परिवर्तन संभव है।
रॉकेट रोलआउट और तकनीकी तैयारियाँ
मिशन की तैयारी के तहत नासा स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) रॉकेट और ओरियन क्रू कैप्सूल को कैनेडी स्पेस सेंटर, फ्लोरिडा में लॉन्चपैड तक पहुँचाने की योजना बना रहा है।
यह रोलआउट प्रक्रिया 17 जनवरी से पहले नहीं शुरू होगी। रॉकेट की ऊँचाई 322 फीट होगी, जो स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से भी अधिक है।
हालाँकि लॉन्चपैड से वाहन असेंबली बिल्डिंग की दूरी केवल चार मील है, फिर भी इस पूरी प्रक्रिया में लगभग 12 घंटे लग सकते हैं।
मिशन उद्देश्य और चालक दल
आर्टेमिस II मिशन का उद्देश्य है:
- जीवन समर्थन प्रणाली, नेविगेशन और प्रणोदन प्रणाली का परीक्षण
- भविष्य के आर्टेमिस III मिशन (2028 में प्रस्तावित चंद्रमा पर लैंडिंग) की नींव रखना
चार सदस्यीय चालक दल में शामिल हैं:
- क्रिस्टीना हैमॉक कोच (NASA)
- रीड वाइसमैन (NASA)
- विक्टर ग्लोवर (NASA)
- जेरमी हैनसेन (कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी)
महत्वपूर्ण रूप से, आर्टेमिस कार्यक्रम भविष्य में पहली महिला को चंद्रमा पर उतारने की योजना का भी हिस्सा है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- आर्टेमिस II नासा का आर्टेमिस कार्यक्रम के तहत पहला मानवयुक्त मिशन है।
- स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) नासा का अब तक का सबसे शक्तिशाली रॉकेट है।
- ओरियन कैप्सूल गहरे अंतरिक्ष में मानव मिशनों के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- यह कार्यक्रम चंद्रमा पर दीर्घकालिक उपस्थिति और मंगल अन्वेषण की दिशा में कार्य करता है।
सुरक्षा परीक्षण और दीर्घकालिक उद्देश्य
रोलआउट के बाद, नासा वेट ड्रेस रिहर्सल करेगा, जिसमें:
- 700,000 गैलन क्रायोजेनिक ईंधन से रॉकेट को भरना
- लॉन्च काउंटडाउन प्रक्रिया का पूर्वाभ्यास
इसके पश्चात फाइनल फ्लाइट रेडीनेस रिव्यू किया जाएगा, जिसके बाद ही लॉन्च की अंतिम स्वीकृति दी जाएगी।
नासा ने स्पष्ट किया है कि चालक दल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, और चंद्रमा को मंगल मिशनों के लिए आधार बनाना उसकी दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है।
आर्टेमिस II मिशन एक वैज्ञानिक, तकनीकी और ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में मानवता को चंद्रमा की नई यात्रा की ओर अग्रसर करने जा रहा है।