आईबीएम ने भारत में संगम इंफ्रास्ट्रक्चर इनोवेशन सेंटर लॉन्च किया
प्रौद्योगिकी कंपनी आईबीएम ने भारत में अपना पहला इंफ्रास्ट्रक्चर इनोवेशन सेंटर स्थापित किया है। “संगम इंफ्रास्ट्रक्चर इनोवेशन सेंटर” नामक यह सुविधा आईबीएम के इंडिया सिस्टम्स डेवलपमेंट लैब परिसर में शुरू की गई है। इस पहल का उद्देश्य भारत को उन्नत इंफ्रास्ट्रक्चर इंजीनियरिंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता नवाचार का एक प्रमुख केंद्र बनाना है। यह केंद्र भारतीय कंपनियों और वैश्विक बाजार दोनों के लिए सुरक्षित और स्केलेबल एआई आधारित प्रणालियों के विकास को तेज करने में मदद करेगा।
यह सुविधा एक सहयोगात्मक इंजीनियरिंग केंद्र के रूप में कार्य करेगी, जहां आईबीएम के सिस्टम आर्किटेक्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर विशेषज्ञ उद्योग भागीदारों के साथ मिलकर अगली पीढ़ी की तकनीकी समाधान विकसित करेंगे। यह कदम भारत में अनुसंधान और विकास गतिविधियों के विस्तार की कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा भी है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और एआई नवाचार के लिए सहयोगात्मक मंच
संगम इंफ्रास्ट्रक्चर इनोवेशन सेंटर में आईबीएम के इंजीनियर, एंटरप्राइज ग्राहक, स्वतंत्र सॉफ्टवेयर विक्रेता, वैश्विक सिस्टम इंटीग्रेटर और वैश्विक क्षमता केंद्र एक साथ काम करेंगे। इस सहयोग का उद्देश्य जटिल एंटरप्राइज वातावरण के लिए एआई सक्षम इंफ्रास्ट्रक्चर समाधान तैयार करना है।
इंजीनियरिंग विशेषज्ञता और उद्योग साझेदारी के संयोजन से यह केंद्र उन्नत कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के नवाचार चक्र को तेज करने का प्रयास करेगा। इससे विभिन्न क्षेत्रों जैसे वित्त, स्वास्थ्य सेवा, विनिर्माण और दूरसंचार में एआई तकनीकों को अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने में मदद मिलेगी।
हाइब्रिड क्लाउड और उन्नत प्रणालियों का एकीकरण
इस नए केंद्र की एक प्रमुख विशेषता हाइब्रिड क्लाउड प्लेटफॉर्म, उन्नत इंफ्रास्ट्रक्चर तकनीक और एआई समाधान का एक ही स्थान पर एकीकरण है। इससे संगठनों को उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग प्रणालियों और स्केलेबल क्लाउड वातावरण का उपयोग करके एआई अनुप्रयोगों का परीक्षण और विकास करने की सुविधा मिलेगी।
आईबीएम के अनुसार यह एकीकृत व्यवस्था कंपनियों को अपने महत्वपूर्ण डिजिटल सिस्टम को आधुनिक बनाने और उन्हें एआई आधारित कार्यभार के अनुकूल बनाने में मदद करेगी। साथ ही यह बड़े पैमाने पर डेटा प्रोसेसिंग और एआई मॉडल प्रशिक्षण के लिए सुरक्षित इंफ्रास्ट्रक्चर ढांचे के विकास को भी समर्थन देगी।
वैश्विक एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में भारत की बढ़ती भूमिका
आईबीएम के नेतृत्व के अनुसार भारत अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर रहा है, जहां मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर नवाचार की गति को निर्धारित करेगा। जैसे-जैसे कंपनियां एआई तकनीकों को अपनाती जा रही हैं, वैसे-वैसे आधुनिक कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग भी तेजी से बढ़ रही है।
आईबीएम इंस्टीट्यूट फॉर बिजनेस वैल्यू के एक अध्ययन के अनुसार भारत की लगभग 58 प्रतिशत कंपनियों ने एआई क्षमताओं की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अपने इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश में वृद्धि की है। इससे स्पष्ट होता है कि एआई आधारित डिजिटल परिवर्तन में मजबूत तकनीकी आधारभूत संरचना की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती जा रही है।
एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ता निवेश
उद्योग विश्लेषण के अनुसार आने वाले वर्षों में भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। अनुमान है कि वर्ष 2025 में एआई क्षमताओं के विस्तार के कारण इंफ्रास्ट्रक्चर बजट में लगभग 19 प्रतिशत तक वृद्धि हो सकती है।
इसके अलावा भारत की लगभग 43 प्रतिशत कंपनियां या तो एआई के लिए विशेष उत्कृष्टता केंद्र स्थापित कर रही हैं या ऐसा करने की योजना बना रही हैं। यह प्रवृत्ति दर्शाती है कि भविष्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के व्यापक उपयोग के लिए मजबूत कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर अत्यंत आवश्यक होगा।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- आईबीएम ने संगम इंफ्रास्ट्रक्चर इनोवेशन सेंटर को अपने इंडिया सिस्टम्स डेवलपमेंट लैब परिसर में स्थापित किया है।
- यह केंद्र एआई इंफ्रास्ट्रक्चर, हाइब्रिड क्लाउड और उन्नत कंप्यूटिंग तकनीकों पर केंद्रित है।
- इंडिया सिस्टम्स डेवलपमेंट लैब भारत में आईबीएम का प्रमुख अनुसंधान और इंजीनियरिंग केंद्र है।
- आईबीएम के अध्ययन के अनुसार भारत की 58 प्रतिशत कंपनियों ने एआई अपनाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश बढ़ाया है।
संगम इंफ्रास्ट्रक्चर इनोवेशन सेंटर भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उन्नत कंप्यूटिंग तकनीकों के विकास को नई गति दे सकता है। यह पहल भारत को वैश्विक एआई नवाचार और तकनीकी बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।