आईएसएसएफ विश्व चैम्पियनशिप में गुरप्रीत सिंह ने जीता रजत पदक, भारत का शानदार प्रदर्शन
भारत ने आईएसएसएफ विश्व चैम्पियनशिप में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अपने शूटिंग कौशल का लोहा मनवाया। ओलंपियन गुरप्रीत सिंह ने पुरुषों की 25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल स्पर्धा में रजत पदक जीतकर भारत को एक और गौरवपूर्ण उपलब्धि दिलाई। उन्होंने यूक्रेन के पाव्लो कोरोस्टिलोव के बराबर अंक हासिल किए, लेकिन इनर-10 की गिनती में मामूली अंतर से स्वर्ण पदक से चूक गए।
रोमांचक फिनिश में छूटा स्वर्ण पदक
इस स्पर्धा में गुरप्रीत सिंह ने कुल अंक में कोरोस्टिलोव की बराबरी की, लेकिन इनर-10 की संख्या कम होने के कारण उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। यह विश्व चैम्पियनशिप में उनका दूसरा व्यक्तिगत पदक है इससे पहले वे 25 मीटर स्टैंडर्ड पिस्टल स्पर्धा में भी रजत पदक जीत चुके हैं। फ्रांस के यान पियरे लुईस फ्रिडरिसी ने कांस्य पदक प्राप्त किया।
भारत का निरंतर प्रदर्शन और पदक तालिका
भारत ने इस चैम्पियनशिप में कुल 13 पदक (3 स्वर्ण, 6 रजत और 4 कांस्य) जीतकर समग्र सूची में तीसरा स्थान हासिल किया। चीन 12 स्वर्ण पदकों के साथ शीर्ष पर रहा, जबकि दक्षिण कोरिया ने 7 स्वर्ण पदक जीतकर दूसरा स्थान प्राप्त किया। भारतीय निशानेबाजों की इस सफलता ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की बढ़ती प्रतिष्ठा को और मजबूत किया।
गुरप्रीत का दो दिन का शानदार कमबैक
प्रेसिजन चरण में नौवें स्थान पर रहने के बाद गुरप्रीत ने रैपिड फायर सेक्शन में शानदार वापसी की। उन्होंने 296-10x का प्रभावशाली स्कोर बनाकर पदक की दौड़ में जगह बनाई। अंतिम चरण में पाव्लो कोरोस्टिलोव के परफेक्ट सीरीज और ज्यादा इनर-10 ने मुकाबले का फैसला उनके पक्ष में किया।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- गुरप्रीत सिंह ने 25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल स्पर्धा में रजत पदक जीता।
- भारत ने कुल 13 पदक (3 स्वर्ण, 6 रजत, 4 कांस्य) जीतकर तीसरा स्थान प्राप्त किया।
- यूक्रेन के पाव्लो कोरोस्टिलोव ने इनर-10 की गिनती में आगे रहते हुए स्वर्ण पदक जीता।
- चीन ने 12 स्वर्ण पदकों के साथ तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया।
अन्य भारतीय निशानेबाजों का शानदार प्रदर्शन
भारत के सम्राट राणा ने 10 मीटर एयर पिस्टल में स्वर्ण पदक जीता, जबकि रविंदर सिंह ने 50 मीटर स्टैंडर्ड पिस्टल में शीर्ष स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, अनीश भंवाला और ईशा सिंह जैसी प्रतिभाओं ने निरंतर पदक जीतकर भारत के शूटिंग अभियान को मजबूती दी।