आईआईटी गुवाहाटी और कोवेंट्री यूनिवर्सिटी के बीच एआई और स्वास्थ्य अनुसंधान के लिए समझौता
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान गुवाहाटी ने यूनाइटेड किंगडम के कोवेंट्री यूनिवर्सिटी ग्रुप के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता और स्वास्थ्य क्षेत्र में वैश्विक शोध सहयोग को मजबूत करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का उद्देश्य अकादमिक गतिशीलता को बढ़ावा देना, संयुक्त शोध परियोजनाएं शुरू करना और सहयोगात्मक डिग्री कार्यक्रमों को विकसित करना है। यह साझेदारी भारत और ब्रिटेन के बीच उभरती प्रौद्योगिकी क्षेत्रों, विशेष रूप से आधुनिक स्वास्थ्य प्रणालियों में एआई के उपयोग, में सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आईआईटी गुवाहाटी और कोवेंट्री यूनिवर्सिटी के बीच रणनीतिक सहयोग
यह समझौता दोनों संस्थानों के बीच दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी स्थापित करता है। इसका मुख्य उद्देश्य अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में संयुक्त प्रयासों को बढ़ाना और भारत तथा यूनाइटेड किंगडम के बीच अकादमिक सहयोग को मजबूत बनाना है। कोवेंट्री यूनिवर्सिटी ग्रुप के शोध के उपकुलपति प्रोफेसर रिचर्ड डैशवुड के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में आईआईटी गुवाहाटी का दौरा किया, जहाँ इस समझौते को औपचारिक रूप दिया गया और भविष्य के सहयोग के क्षेत्रों पर चर्चा की गई।
अकादमिक गतिशीलता और अनुसंधान आदान-प्रदान
इस समझौते का एक प्रमुख पहलू छात्रों और शिक्षकों के लिए अकादमिक तथा शोध आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है। इसके तहत दोनों संस्थानों के संकाय सदस्य और विद्यार्थी अल्पकालिक विनिमय कार्यक्रमों के माध्यम से एक-दूसरे के संस्थानों में अध्ययन और शोध कर सकेंगे। इससे ज्ञान के आदान-प्रदान, उन्नत शोध सुविधाओं तक पहुंच और प्रौद्योगिकी तथा स्वास्थ्य नवाचार से जुड़े बहु-विषयक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।
संयुक्त पीएचडी और एआई आधारित स्वास्थ्य कार्यक्रम
इस साझेदारी के तहत संयुक्त डॉक्टरेट कार्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे। इसमें द्वैध पुरस्कार पीएचडी की व्यवस्था शामिल होगी, जिसमें शोधार्थियों को दोनों संस्थानों के मार्गदर्शकों के साथ काम करने का अवसर मिलेगा। इस प्रकार के मॉडल से छात्रों को दोनों संस्थानों की शैक्षणिक संसाधनों का लाभ मिलेगा। इसके अलावा “एआई फॉर वन हेल्थ” पहल भी इस सहयोग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से स्वास्थ्य सेवाओं, रोग निगरानी और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को बेहतर बनाना है।
भारत-ब्रिटेन अकादमिक सहयोग को मिलेगा बढ़ावा
यह पहल तकनीक आधारित स्वास्थ्य समाधानों और अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग पर बढ़ते वैश्विक जोर को दर्शाती है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जैव-चिकित्सा अनुसंधान और डिजिटल स्वास्थ्य के क्षेत्रों में विशेषज्ञता को जोड़कर यह सहयोग नवाचार और क्षमता निर्माण को गति देने में सहायक हो सकता है। साथ ही यह भी दर्शाता है कि भारतीय शैक्षणिक संस्थान वैश्विक अनुसंधान नेटवर्क में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, जो उन्नत तकनीकों के माध्यम से जटिल स्वास्थ्य चुनौतियों का समाधान खोजने पर केंद्रित हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान गुवाहाटी की स्थापना वर्ष 1994 में की गई थी।
- कोवेंट्री यूनिवर्सिटी ग्रुप यूनाइटेड किंगडम की प्रमुख उच्च शिक्षा और शोध संस्था है।
- “वन हेल्थ” अवधारणा मनुष्य, पशु और पर्यावरण के स्वास्थ्य के परस्पर संबंध को स्वीकार करती है।
- भारत की राष्ट्रीय एआई मिशन पहल का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के जिम्मेदार उपयोग और अनुसंधान को बढ़ावा देना है।
यह सहयोग भविष्य में स्वास्थ्य क्षेत्र में तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के साथ-साथ भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच शैक्षणिक और अनुसंधान संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।