आईआईएम रोहतक ने हर्मीस डायलॉग 6.0 में हासिल की पहली रैंक

आईआईएम रोहतक ने हर्मीस डायलॉग 6.0 में हासिल की पहली रैंक

आईआईएम रोहतक ने बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर की वाद-विवाद प्रतियोगिता “हर्मीस डायलॉग 6.0” में प्रथम स्थान प्राप्त किया। इस प्रतियोगिता में देश के प्रमुख शिक्षण संस्थानों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनकी भागीदारी 12 देशों से जुड़े प्रतिनिधित्व के साथ थी। यह आयोजन प्रबंधन शिक्षा में वैश्विक नीति चर्चाओं के बढ़ते महत्व को दर्शाता है।

ऊर्जा स्वतंत्रता पर केंद्रित थीम

वर्ष 2026 की इस प्रतियोगिता का मुख्य विषय था—क्या देशों को वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऊर्जा स्वतंत्रता को प्राथमिकता देनी चाहिए। यह विषय वर्तमान वैश्विक परिदृश्य को दर्शाता है, जहां ऊर्जा केवल आर्थिक संसाधन ही नहीं, बल्कि एक रणनीतिक और राजनीतिक उपकरण भी बन चुकी है। बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों के बीच ऊर्जा सुरक्षा अंतरराष्ट्रीय संबंधों को प्रभावित करने वाला प्रमुख कारक बन गया है।

प्रतियोगिता के प्रमुख विजेता

इस प्रतियोगिता में आईआईएम रोहतक की टीम “टीम लेब्रूम” ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया। फोर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट की “टीम मैग्नस” दूसरे स्थान पर रही, जबकि श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स की “टीम स्ट्रेटजी” ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा, आईआईएम उदयपुर, आईआईटी पटना और इंटरनेशनल मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रतिभागियों ने भी फाइनल में जगह बनाई।

बहु-स्तरीय मूल्यांकन प्रक्रिया

प्रतियोगिता में कई चरण शामिल थे, जिनका उद्देश्य प्रतिभागियों के ज्ञान, विश्लेषण क्षमता और नीति निर्माण कौशल का परीक्षण करना था। शुरुआत ऑनलाइन मूल्यांकन से हुई, इसके बाद केस-आधारित प्रस्तुतियां दी गईं। अंतिम चरण में वैश्विक मंचों का अनुकरण किया गया, जहां प्रतिभागियों ने विभिन्न देशों का प्रतिनिधित्व करते हुए ऊर्जा सुरक्षा पर नीति संबंधी बहस की। यह प्रक्रिया संयुक्त राष्ट्र और जी20 जैसे मंचों की वास्तविक चर्चाओं से प्रेरित थी।

वैश्विक नीति समझ को बढ़ावा

हर्मीस डायलॉग 6.0 जैसे आयोजन यह दर्शाते हैं कि प्रबंधन संस्थान अब पारंपरिक शिक्षा से आगे बढ़कर वैश्विक मुद्दों और कूटनीतिक चर्चाओं पर भी ध्यान दे रहे हैं। इससे छात्रों को वास्तविक दुनिया की चुनौतियों को समझने और उनके समाधान के लिए तैयार होने में मदद मिलती है। यह पहल भविष्य के नेतृत्वकर्ताओं को आर्थिक और भू-राजनीतिक दृष्टिकोण से सशक्त बनाती है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • ऊर्जा सुरक्षा का अर्थ है ऊर्जा की स्थिर और सस्ती उपलब्धता सुनिश्चित करना।
  • भू-राजनीति का वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं पर गहरा प्रभाव पड़ता है।
  • उच्च शिक्षा में सिमुलेशन आधारित वाद-विवाद नीति निर्माण कौशल विकसित करने में सहायक होते हैं।
  • भारत में आईआईएम जैसे संस्थान प्रबंधन शिक्षा के प्रमुख केंद्र हैं।

आईआईएम रोहतक की यह उपलब्धि न केवल उसकी शैक्षणिक उत्कृष्टता को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि भारतीय छात्र वैश्विक मुद्दों पर प्रभावी रूप से अपनी बात रखने में सक्षम हैं। ऐसे आयोजन छात्रों को भविष्य की जटिल चुनौतियों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

Originally written on April 9, 2026 and last modified on April 9, 2026.

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