आंध्र प्रदेश के कोन्डवीडु किले का होगा व्यापक विकास: सांस्कृतिक धरोहर और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
केंद्रीय सरकार ने आंध्र प्रदेश के ऐतिहासिक कोन्डवीडु किले के समग्र विकास की घोषणा की है, जो इस क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत, स्थापत्य कला और पर्यटन संभावनाओं को उजागर करता है। यह घोषणा पलनाडु जिले में आयोजित उत्सवों के दौरान की गई, जहाँ कोन्डवीडु किले को विरासत संरक्षण और सतत पर्यटन के केंद्र बिंदु के रूप में प्रस्तुत किया गया।
पलनाडु उत्सव के दौरान विकास की घोषणा
केंद्रीय राज्य मंत्री पेम्मासानी चंद्रशेखर ने कहा कि कोन्डवीडु किले को प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए विस्तृत योजना तैयार की जाएगी। उनके साथ प्रतिपटि पुल्लाराव और लावु कृष्णदेवरायुलु भी उपस्थित थे।
मंत्री ने बताया कि कोन्डवीडु किला रेड्डी राजाओं के शासनकाल में हिंदू साम्राज्यों की रक्षा में एक महत्वपूर्ण किला था और यह तेलुगु वीरता का प्रतीक माना जाता है।
तेलुगु संस्कृति और विरासत का केंद्र
कोन्डवीडु क्षेत्र कभी तेलुगु साहित्य, मूर्तिकला और चित्रकला का एक समृद्ध केंद्र था। किला और इसके आसपास का क्षेत्र मध्यकालीन आंध्र की सांस्कृतिक जीवंतता को दर्शाता है। यहाँ की वास्तुकला और कला परंपराएँ सदियों से तेलुगु पहचान का निर्माण करती रही हैं।
मंत्री ने कोन्डवीडु को एक “जीवित ऐतिहासिक स्मारक” बताया, जो क्षेत्र की ऐतिहासिक गहराई का साक्षी है।
प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक इंजीनियरिंग
इतिहास के साथ-साथ यह किला प्राकृतिक सौंदर्य के लिए भी प्रसिद्ध है। पहाड़ियों के ऊपर स्थित यह दुर्ग ट्रेकिंग प्रेमियों और प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र है।
कोन्डवीडु की किलेबंदी और जल संरक्षण प्रणाली उस काल की उन्नत इंजीनियरिंग क्षमताओं का प्रमाण हैं, जहाँ प्राकृतिक संसाधनों को रक्षा और नागरिक संरचना के साथ एकीकृत किया गया था।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- कोन्डवीडु किला आंध्र प्रदेश के रेड्डी राजाओं से जुड़ा हुआ है।
- यह स्थल मध्यकालीन तेलुगु कला, साहित्य और वास्तुकला का परिचायक है।
- ऐतिहासिक किले जल संरक्षण प्रणालियों के साथ डिज़ाइन किए जाते थे।
- विरासत पर्यटन, सांस्कृतिक संरक्षण और आर्थिक विकास का संयोजन होता है।
पर्यटन विकास की योजना और भविष्य का रोडमैप
मंत्री ने 2014 से 2019 के बीच एन. चंद्रबाबू नायडू सरकार के दौरान हुए ₹40 करोड़ के निवेश को याद करते हुए कहा कि गठबंधन सरकार सभी समुदायों की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने यह भी बताया कि कोन्डवीडु के आसपास भूमि मूल्यों में वृद्धि इस बात का संकेत है कि पर्यटक रुचि लगातार बढ़ रही है। अब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी, ताकि सरकारी निधियों और निजी साझेदारियों के माध्यम से किले का सुनियोजित विकास किया जा सके।
इस प्रयास में युवाओं की भागीदारी, विरासत संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा को एक साथ बढ़ावा देने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे, जिससे कोन्डवीडु किला आंध्र प्रदेश के प्रमुख सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्रों में शामिल हो सके।