आंतरिक सुरक्षा को नया आयाम: बजट 2026-27 में रिकॉर्ड ₹1.73 लाख करोड़ का प्रावधान
केंद्रीय बजट 2026-27 में भारत की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व प्राथमिकता दी गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गृह मंत्रालय के लिए ₹1,73,802.53 करोड़ का कुल आवंटन घोषित किया, जिसमें खुफिया तंत्र, सीमा अवसंरचना और पुलिस आधुनिकीकरण को मुख्य रूप से केंद्रित किया गया है। यह बढ़ा हुआ बजट वर्तमान आंतरिक और बाह्य खतरों के मद्देनज़र राष्ट्रीय सुरक्षा क्षमताओं के सशक्तीकरण का संकेत देता है।
आंतरिक सुरक्षा के लिए पूंजीगत व्यय में 84% की वृद्धि
- पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) FY27 में ₹21,272.47 करोड़ तक पहुँच गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 84% अधिक है।
- यह वृद्धि दीर्घकालिक अवसंरचना निर्माण, उन्नत प्रौद्योगिकी और सुरक्षा बलों के लिए आधुनिक उपकरणों में निवेश को दर्शाती है।
खुफिया ब्यूरो और तकनीकी क्षमताओं में विस्तार
- इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) को FY27 में ₹6,782.43 करोड़ आवंटित किए गए हैं, जो FY25 के ₹4,013.19 करोड़ से 68% अधिक है।
- IB के पूंजीगत व्यय में 8 गुना वृद्धि दर्ज की गई है—₹2,549.54 करोड़, जिससे स्पष्ट है कि सरकार एडवांस सर्विलांस सिस्टम, डेटा एनालिटिक्स और तकनीकी इंटेलिजेंस पर विशेष ध्यान दे रही है।
- राष्ट्रीय खुफिया ग्रिड (NATGRID) के लिए फंडिंग में स्थिरता देखी गई, क्योंकि अब यह परियोजना ऑपरेशनल कंसोलिडेशन की ओर अग्रसर है।
सीमा अवसंरचना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPFs)
- सीमा प्रबंधन के लिए ₹5,266.51 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिसमें बाड़बंदी, सीमा सड़कें, अवलोकन टावर, फ्लडलाइटिंग और हाई-टेक निगरानी तंत्र शामिल हैं।
- 7 केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) को FY27 में कुल ₹1,16,789.30 करोड़ का रिकॉर्ड आवंटन मिला है—11% से अधिक की वृद्धि।
- उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं की सुरक्षा में तैनात बलों को विशेष प्राथमिकता दी गई है, जिससे सीमा पर त्वरित तैनाती और रणनीतिक नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- आंतरिक सुरक्षा के पूंजीगत व्यय में 84% वृद्धि।
- Intelligence Bureau के पूंजीगत व्यय में 8 गुना इज़ाफा।
- सीमा अवसंरचना के लिए ₹5,200 करोड़ से अधिक का बजटीय प्रावधान।
- CAPFs को अब तक का सबसे अधिक संयुक्त आवंटन प्राप्त हुआ।
महिला सुरक्षा, फोरेंसिक और पुलिस सुधार
बजट में बहुआयामी दृष्टिकोण अपनाते हुए:
- महिला सुरक्षा के लिए विशेष फंडिंग बढ़ाई गई है।
- फॉरेंसिक क्षमताओं के आधुनिकीकरण हेतु ₹500 करोड़ का प्रावधान।
- Inter-Operable Criminal Justice System (ICJS) के लिए अधिक बजट, जिससे पुलिस, न्यायालय और जेलों के बीच डाटा का निर्बाध आदान-प्रदान सुनिश्चित हो सके।
- राज्यों के पुलिस बलों के आधुनिकीकरण के लिए केंद्र प्रायोजित योजनाओं में भी वृद्धि की गई है, जिससे तकनीक-आधारित, साक्ष्य-आधारित और उत्तरदायी कानून प्रवर्तन को बढ़ावा मिलेगा।
इस बजट के माध्यम से भारत की आंतरिक सुरक्षा रणनीति को तकनीकी दक्षता, संरचनात्मक मजबूती और जवाबदेही की नई दिशा मिली है, जो आने वाले वर्षों में राष्ट्रीय स्थिरता और सुरक्षा का आधार बनेगा।
Originally written on
February 1, 2026
and last modified on
February 1, 2026.