असम में 120 मेगावाट लोअर कोपिली जलविद्युत परियोजना का उद्घाटन

असम में 120 मेगावाट लोअर कोपिली जलविद्युत परियोजना का उद्घाटन

प्रधानमंत्री ने हाल ही में असम में 120 मेगावाट क्षमता वाली लोअर कोपिली जलविद्युत परियोजना का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। यह परियोजना पूर्वोत्तर भारत में स्वच्छ ऊर्जा अवसंरचना को मजबूत करने और क्षेत्रीय बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इसके माध्यम से दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों में बिजली की उपलब्धता सुधारने के साथ-साथ भारत के नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार के लक्ष्य को भी समर्थन मिलेगा।

लोअर कोपिली जलविद्युत परियोजना का परिचय

लोअर कोपिली जलविद्युत परियोजना 120 मेगावाट क्षमता वाली रन-ऑफ-रिवर प्रकार की जलविद्युत परियोजना है। रन-ऑफ-रिवर परियोजनाओं में बड़े जलाशय नहीं बनाए जाते, बल्कि नदी के प्राकृतिक प्रवाह का उपयोग करके बिजली उत्पन्न की जाती है। यह परियोजना असम के कोपिली नदी बेसिन में स्थित है और पश्चिम कार्बी आंगलोंग तथा दीमा हसाओ (उत्तर कछार हिल्स) स्वायत्त जिला परिषद क्षेत्रों में फैली हुई है।

परियोजना का विकास और वित्तीय सहयोग

इस परियोजना का विकास असम पावर जेनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है, जो राज्य की स्वामित्व वाली विद्युत उत्पादन कंपनी है। परियोजना को वित्तीय सहायता एशियाई विकास बैंक द्वारा असम पावर सेक्टर निवेश कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदान की गई है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य के बिजली क्षेत्र को मजबूत बनाना, उत्पादन क्षमता बढ़ाना, बिजली संचरण प्रणाली को बेहतर करना और ऊर्जा आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ाना है।

क्षेत्रीय ऊर्जा विकास में महत्व

लोअर कोपिली जलविद्युत परियोजना से असम और आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति में सुधार होने की उम्मीद है। पूर्वोत्तर भारत जलविद्युत उत्पादन की दृष्टि से अत्यंत संभावनाशील क्षेत्र है क्योंकि यहाँ अनेक नदियाँ और ऊँचाई वाले भूभाग उपलब्ध हैं। इस प्रकार की परियोजनाएँ स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देती हैं और जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम करने में मदद करती हैं। साथ ही यह दूरस्थ जिलों में आर्थिक विकास और बुनियादी ढाँचे के विस्तार को भी प्रोत्साहित करती हैं।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • लोअर कोपिली जलविद्युत परियोजना असम में स्थित 120 मेगावाट क्षमता वाली रन-ऑफ-रिवर परियोजना है।
  • यह पश्चिम कार्बी आंगलोंग और दीमा हसाओ स्वायत्त जिला परिषद क्षेत्रों में स्थित है।
  • परियोजना का विकास असम पावर जेनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है।
  • इसे एशियाई विकास बैंक द्वारा असम पावर सेक्टर निवेश कार्यक्रम के अंतर्गत वित्तीय सहायता प्राप्त हुई है।

कोपिली नदी के बारे में

कोपिली नदी पूर्वोत्तर भारत की एक अंतरराज्यीय नदी है जो मेघालय और असम से होकर बहती है। इसका उद्गम मेघालय पठार से होता है और यह असम के कार्बी आंगलोंग तथा नगांव जिलों से होकर बहती हुई अंततः ब्रह्मपुत्र नदी में मिल जाती है। यह असम में ब्रह्मपुत्र की दक्षिणी तट की सबसे बड़ी सहायक नदी मानी जाती है। नदी की कुल लंबाई लगभग 256 किलोमीटर है, जिसमें से लगभग 78 किलोमीटर मेघालय और असम की सीमा बनाती है, जबकि शेष 178 किलोमीटर का प्रवाह असम के भीतर होता है।

लोअर कोपिली जलविद्युत परियोजना पूर्वोत्तर भारत में ऊर्जा अवसंरचना को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह परियोजना न केवल स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ाएगी, बल्कि क्षेत्रीय विकास, ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास लक्ष्यों को भी आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

Originally written on March 16, 2026 and last modified on March 16, 2026.

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