असम में वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-II की शुरुआत, सीमा क्षेत्रों के विकास को नई गति
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम के बराक घाटी क्षेत्र के नटनपुर गांव से वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के दूसरे चरण का शुभारंभ किया। यह पहल भारत-बांग्लादेश सीमा से सटे गांवों में आधारभूत संरचना और आजीविका के अवसरों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। केंद्र सरकार का उद्देश्य सीमा पर स्थित गांवों को पिछड़े या अंतिम बस्तियों के रूप में नहीं, बल्कि विकास के अग्रणी केंद्रों के रूप में स्थापित करना है।
सीमा अवसंरचना पर विशेष फोकस
वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-II के तहत देश के 17 राज्यों के 334 ब्लॉकों और 1,954 गांवों को शामिल किया गया है, जिसके लिए कुल 6,900 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। असम में नौ जिलों के 26 ब्लॉक और 140 गांव इस योजना के अंतर्गत लाए गए हैं। ये सभी गांव भारत-बांग्लादेश सीमा के संवेदनशील क्षेत्रों में स्थित हैं।
सरकार का लक्ष्य इन क्षेत्रों में सड़क संपर्क, दूरसंचार, बिजली आपूर्ति, स्वच्छता और पेयजल सुविधाओं का उन्नयन करना है। इसके माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सीमा पर रहने वाले नागरिकों को देश के अन्य हिस्सों के समान बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों।
शिक्षा और रोजगार सृजन पर जोर
योजना का एक प्रमुख उद्देश्य शिक्षा और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना है। सीमा गांवों में स्कूलों की आधारभूत संरचना को सुदृढ़ किया जाएगा तथा डिजिटल कनेक्टिविटी और कौशल विकास केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और पलायन की प्रवृत्ति में कमी आएगी।
सरकार का मानना है कि बेहतर संपर्क और आर्थिक सशक्तिकरण से सीमा समुदायों को मुख्यधारा के विकास से जोड़ा जा सकेगा। इससे सामाजिक स्थिरता और आर्थिक आत्मनिर्भरता को भी बल मिलेगा।
रणनीतिक और सामाजिक महत्व
वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-II केवल विकासात्मक पहल नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। सीमा क्षेत्रों में मजबूत अवसंरचना और आर्थिक स्थिरता से जनसांख्यिकीय संतुलन और सामाजिक एकजुटता को बढ़ावा मिलता है। सरकार का दृष्टिकोण है कि जो गांव पहले “अंतिम गांव” कहे जाते थे, उन्हें विकास के पैमाने पर “प्रथम गांव” बनाया जाए।
बराक घाटी का नटनपुर गांव इस नए चरण के तहत प्रारंभिक लाभार्थियों में शामिल है, जो पूर्वोत्तर क्षेत्र में केंद्र सरकार की प्राथमिकता को दर्शाता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
* वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-II के तहत 17 राज्यों के 1,954 गांव शामिल किए गए हैं।
* दूसरे चरण के लिए 6,900 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
* असम के 140 गांव, जो भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित हैं, इस योजना में सम्मिलित हैं।
* योजना का फोकस सड़क, दूरसंचार, स्वच्छता, शिक्षा और रोजगार सृजन पर है।
वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-II पूर्वोत्तर भारत के सीमा क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक व्यापक पहल है। अवसंरचना सुधार, शिक्षा विस्तार और रोजगार सृजन के माध्यम से यह योजना न केवल स्थानीय समुदायों के जीवन स्तर को उन्नत करेगी, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय संतुलन को भी सुदृढ़ बनाएगी।