असम में नमरूप-IV अमोनिया-यूरिया संयंत्र से औद्योगिक क्रांति की शुरुआत
असम में उद्योग और कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने जा रहा है “नमरूप-IV अमोनिया-यूरिया प्लांट” (Namrup IV Ammonia-Urea Plant), जिसका शिलान्यास शीघ्र ही होने वाला है। यह परियोजना “आत्मनिर्भर भारत” के लक्ष्य से जुड़ी हुई है और उत्तर-पूर्व भारत के आर्थिक एवं कृषि परिदृश्य को परिवर्तित करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
आत्मनिर्भर भारत के तहत विशाल निवेश
इस नए संयंत्र में ₹10,000 करोड़ से अधिक का निवेश किया जा रहा है, जिसे असम वैली फर्टिलाइज़र एंड केमिकल कंपनी लिमिटेड (AVFCCL) द्वारा विकसित किया जा रहा है। यह पहल भारत की घरेलू उर्वरक उत्पादन क्षमता बढ़ाने के रणनीतिक प्रयासों का हिस्सा है। देश में कृषि मांग लगातार बढ़ रही है, और यह संयंत्र पूर्वोत्तर क्षेत्र में उर्वरक आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रधानमंत्री के दौरे की तैयारियाँ
प्रधानमंत्री की प्रस्तावित यात्रा से पहले राज्य प्रशासन ने व्यापक तैयारियाँ शुरू कर दी हैं। वरिष्ठ जिला अधिकारी और परियोजना से जुड़े प्रतिनिधि स्थल का निरीक्षण कर रहे हैं ताकि शिलान्यास समारोह के लिए सभी व्यवस्थाएँ पूर्ण हों। यह परियोजना केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय का प्रतीक है, जो असम में बड़े औद्योगिक विकास को तेज़ गति से आगे बढ़ाने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
आर्थिक और कृषि प्रभाव
“नमरूप-IV” संयंत्र को एक ब्राउनफील्ड विस्तार के रूप में तैयार किया जा रहा है, जिससे मौजूदा उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी। इसके संचालन से कृषि क्षेत्र में उर्वरक आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी, जिससे किसानों को समय पर आवश्यक संसाधन मिल सकेंगे। परियोजना के पूरा होने के बाद हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे, साथ ही पूर्वोत्तर में औद्योगिक निवेश और बाजार गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। यह परियोजना “एक्ट ईस्ट नीति” के तहत क्षेत्रीय उत्पादकता और आर्थिक एकीकरण को सशक्त करेगी।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- “नमरूप-IV अमोनिया-यूरिया प्लांट” में ₹10,000 करोड़ से अधिक का निवेश प्रस्तावित है।
- परियोजना असम वैली फर्टिलाइज़र एंड केमिकल कंपनी लिमिटेड (AVFCCL) द्वारा संचालित की जा रही है, जिसकी स्थापना जुलाई 2025 में की गई।
- असम सरकार का इस संयुक्त उद्यम में 40% इक्विटी हिस्सा है।
- संयंत्र को 48 महीनों के भीतर पूरा कर चालू करने का लक्ष्य रखा गया है।
संयुक्त उद्यम संरचना और रणनीतिक लक्ष्य
यह परियोजना असम सरकार और उर्वरक व ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े कई सार्वजनिक उपक्रमों के संयुक्त प्रयास से आगे बढ़ाई जा रही है। इसका उद्देश्य उर्वरक आपूर्ति की स्थिरता बढ़ाना, निर्यात क्षमता को सशक्त बनाना और असम को राष्ट्रीय कृषि मूल्य श्रृंखला (Agricultural Value Chain) का एक अहम केंद्र बनाना है। “नमरूप-IV” न केवल आत्मनिर्भर भारत के औद्योगिक दृष्टिकोण को साकार करेगा, बल्कि उत्तर-पूर्व भारत की सामाजिक-आर्थिक प्रगति में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर सिद्ध होगा।