असम बना सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में प्रोटॉन थेरेपी शुरू करने वाला पहला राज्य: कैंसर उपचार और चिकित्सा पर्यटन को मिलेगा नया आयाम

असम बना सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में प्रोटॉन थेरेपी शुरू करने वाला पहला राज्य: कैंसर उपचार और चिकित्सा पर्यटन को मिलेगा नया आयाम

भारत के पूर्वोत्तर राज्य असम ने कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। राज्य सरकार ने सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में देश की पहली प्रोटॉन थेरेपी मशीन स्थापित करने का निर्णय लिया है, जिसकी अनुमानित लागत ₹500 करोड़ होगी। यह उन्नत रेडियोथेरेपी तकनीक अब तक केवल निजी क्षेत्र तक सीमित थी, लेकिन असम के इस निर्णय से न केवल राज्य के कैंसर रोगियों को अत्याधुनिक चिकित्सा सेवा उपलब्ध होगी, बल्कि असम पूर्वी भारत में चिकित्सा पर्यटन के एक नए केंद्र के रूप में उभर सकेगा।

पहली सरकारी प्रोटॉन थेरेपी पहल

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने घोषणा की कि प्रोटॉन थेरेपी मशीन की खरीद के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। वर्तमान में भारत में केवल चेन्नई स्थित टाटा मेमोरियल सेंटर और अपोलो अस्पताल जैसे निजी संस्थानों में ही प्रोटॉन थेरेपी उपलब्ध है। देश में कोई भी सरकारी अस्पताल इस तकनीक का संचालन नहीं कर रहा है, जिससे असम का यह निर्णय एक राष्ट्रीय पहला बन जाता है।

उच्च सटीकता वाली कैंसर चिकित्सा तकनीक

प्रोटॉन थेरेपी एक अत्याधुनिक रेडियोथेरेपी तकनीक है जिसमें प्रोटॉन किरणों का उपयोग करके कैंसर कोशिकाओं को बहुत सटीकता से नष्ट किया जाता है, जिससे आसपास के स्वस्थ ऊतकों को न्यूनतम क्षति होती है। यह तकनीक विशेष रूप से बच्चों के कैंसर और मस्तिष्क, रीढ़ तथा आंखों जैसे संवेदनशील अंगों के निकट स्थित ट्यूमर के उपचार में प्रभावी होती है। राज्य सरकार के अनुसार, इससे पूर्वोत्तर भारत के मरीजों को देश के अन्य हिस्सों में इलाज के लिए यात्रा करने की आवश्यकता में भारी कमी आएगी।

चिकित्सा पर्यटन और स्वास्थ्य ढांचे को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री सरमा ने बताया कि यह निवेश असम के व्यापक कैंसर देखभाल नेटवर्क का हिस्सा बनेगा और चिकित्सा पर्यटन के नए रास्ते खोलेगा। पिछले पाँच वर्षों में असम ने मेडिकल कॉलेजों और कैंसर अस्पतालों के माध्यम से ऑन्कोलॉजी सेवाओं का विस्तार किया है। प्रोटॉन थेरेपी सुविधा पड़ोसी राज्यों और देशों से भी मरीजों को आकर्षित करेगी, जिससे असम क्षेत्रीय स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उभरता हुआ दिखाई देगा।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • प्रोटॉन थेरेपी एक उन्नत रेडियोथेरेपी तकनीक है जिसमें X-रे की बजाय प्रोटॉन किरणों का उपयोग किया जाता है।
  • यह तकनीक पारंपरिक रेडियोथेरेपी की तुलना में स्वस्थ ऊतकों को कम हानि पहुंचाती है।
  • भारत में वर्तमान में यह तकनीक केवल निजी अस्पतालों में उपलब्ध है।
  • असम पहला राज्य होगा जो इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में शुरू करेगा।

समानांतर बुनियादी ढांचा और बहु-क्षेत्रीय विकास

स्वास्थ्य निवेश के साथ-साथ असम सरकार राज्य के समग्र बुनियादी ढांचे को भी गति दे रही है। ब्रह्मपुत्र नदी पर नए पुल, काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में एलिवेटेड कॉरिडोर, और प्रस्तावित अंडरवाटर टनल जैसी परियोजनाएं इसमें शामिल हैं। इसके अलावा, राज्य मंत्रिमंडल ने नए स्कूलों और मेडिकल कॉलेजों के विस्तार के लिए भी वित्तीय मंजूरी दी है। यह रणनीति दर्शाती है कि असम सरकार एक बहु-आयामी और दीर्घकालिक सार्वजनिक निवेश के माध्यम से समावेशी विकास को प्राथमिकता दे रही है।

इस पहल से स्पष्ट है कि असम अब केवल प्राकृतिक सुंदरता का केंद्र नहीं, बल्कि उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं और नवाचार के क्षेत्र में भी अग्रणी बनने की दिशा में तेज़ी से अग्रसर है।

Originally written on January 2, 2026 and last modified on January 2, 2026.

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