असंगठित श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा दायरे में लाने की तैयारी
केंद्र सरकार असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने के लिए एक बड़ा नीतिगत बदलाव करने पर विचार कर रही है। प्रस्ताव के तहत इन्हें कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) और कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) से जोड़ा जाएगा, ताकि उन्हें पेंशन और स्वास्थ्य बीमा जैसी सुविधाएं मिल सकें। इस पहल से गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स सहित करोड़ों श्रमिकों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जो अब तक औपचारिक सामाजिक सुरक्षा प्रणाली से बाहर हैं।
संसद में सरकार का दृष्टिकोण
श्रम और रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने लोकसभा में जानकारी दी कि श्रम मंत्रालय इस दिशा में सक्रिय रूप से विचार कर रहा है। सरकार का लक्ष्य सभी श्रमिकों के लिए सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है, जिससे उन्हें वृद्धावस्था, बीमारी और अन्य परिस्थितियों में आर्थिक सुरक्षा मिल सके। यह पहल श्रमिक कल्याण को व्यापक स्तर पर मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सामाजिक सुरक्षा का विस्तार
इस प्रस्ताव से लगभग 32 करोड़ असंगठित, गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों को लाभ मिलने की संभावना है। यह चार श्रम संहिताओं के उद्देश्यों के अनुरूप है, जिनका लक्ष्य विभिन्न क्षेत्रों में सामाजिक सुरक्षा का विस्तार करना है। वर्तमान में अधिकांश असंगठित श्रमिकों के पास न तो पेंशन की सुविधा है और न ही स्वास्थ्य बीमा की व्यवस्थित व्यवस्था।
योगदान आधारित मॉडल
प्रारंभिक विचार-विमर्श के अनुसार, इस योजना में श्रमिकों के स्वैच्छिक योगदान के साथ सरकार की सब्सिडी शामिल होगी। इस मॉडल का उद्देश्य योजना को सुलभ और टिकाऊ बनाना है। जैसे-जैसे अधिक लोग इसमें शामिल होंगे, बीमा प्रीमियम में कमी आने की संभावना है, जिससे निम्न आय वर्ग के श्रमिकों के लिए यह और अधिक किफायती हो सकेगा।
सुधार और भविष्य की योजनाएं
सरकार पेंशन वितरण प्रणाली को अधिक सुगम बनाने के लिए डिजिटल और डोरस्टेप सेवाओं पर भी काम कर रही है। साथ ही, ऑनलाइन पंजीकरण और आसान पहुंच के लिए नई व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं। हालांकि, इस योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए जागरूकता, वहनीयता और पंजीकरण जैसी चुनौतियों का समाधान करना आवश्यक होगा।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- EPFO संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को भविष्य निधि और पेंशन लाभ प्रदान करता है।
- ESIC स्वास्थ्य बीमा और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराता है।
- असंगठित क्षेत्र में गिग, प्लेटफॉर्म और अनौपचारिक श्रमिक शामिल होते हैं।
- चार श्रम संहिताओं का उद्देश्य भारत में सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
अंततः, यह प्रस्ताव भारत की सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यदि इसे प्रभावी ढंग से लागू किया गया, तो यह करोड़ों श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने में सहायक साबित होगा।