अरुणाचल प्रदेश में खोजा गया नया पुष्पीय पौधा: ‘Strobilanthes riteshii’ जैव विविधता में नई जुड़ाव
अरुणाचल प्रदेश के ईस्ट कामेंग जिले से एक नए पुष्पीय पौधे ‘Strobilanthes riteshii’ की औपचारिक खोज ने यह सिद्ध किया है कि यह हिमालयी राज्य जैव विविधता की दृष्टि से भारत के सबसे समृद्ध क्षेत्रों में से एक है। यह खोज वैज्ञानिकों द्वारा किए जा रहे व्यवस्थित वनस्पति सर्वेक्षणों की उपयोगिता और संवेदनशील पारिस्थितिकी क्षेत्रों में अनुसंधान की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है।
ईस्ट कामेंग जिले में खोज: दुर्लभ स्थानिक प्रजाति
‘Strobilanthes riteshii’ प्रजाति की खोज चायंगटाजो (Chayangtajo) क्षेत्र में की गई, जो अरुणाचल प्रदेश के ईस्ट कामेंग जिले में स्थित है। यह पौधा Acanthaceae कुल से संबंधित है और वर्तमान में केवल इसकी टाइप स्थल (type locality) से ही ज्ञात है। इस खोज में भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण (Botanical Survey of India) के अरुणाचल क्षेत्रीय केंद्र और आघारकर अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिक शामिल थे।
इसका सीमित वितरण यह दर्शाता है कि यह प्रजाति पर्यावरणीय परिवर्तनों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील हो सकती है।
पारिस्थितिक स्थिति और वनस्पति विशेषताएं
वैज्ञानिकों के अनुसार, यह पौधा लगभग 1,600 मीटर की ऊंचाई पर पाया जाता है और आमतौर पर खुले पहाड़ी ढलानों, झरनों और सदाबहार वन खंडों के पास की सड़कों के किनारे उगता है। इसका पुष्पन अगस्त से अक्टूबर के बीच होता है और फलन सितंबर से दिसंबर के बीच देखा गया है।
इसकी विशिष्ट पारिस्थितिक आवश्यकताएं यह संकेत देती हैं कि यह प्रजाति विकास परियोजनाओं और पर्यावरणीय अशांति से प्रभावित हो सकती है।
नामकरण और वैज्ञानिक महत्व
इस प्रजाति का नाम डॉ. रितेश कुमार चौधरी के सम्मान में रखा गया है, जो आघारकर अनुसंधान संस्थान में एक प्रसिद्ध भारतीय पादप वर्गीकार (plant taxonomist) हैं। उन्होंने पादप टैक्सोनॉमी और आणविक प्रणालीविज्ञान (molecular systematics) में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
इस खोज से अरुणाचल प्रदेश की स्थानीय और दुर्लभ वनस्पतियों की सूची में एक और महत्वपूर्ण नाम जुड़ गया है। यह राज्य जैव विविधता की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है, परंतु अभी भी पूरी तरह से वैज्ञानिक रूप से अन्वेषित नहीं है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- अरुणाचल प्रदेश पूर्वी हिमालय जैव विविधता हॉटस्पॉट का हिस्सा है।
- Strobilanthes एक ऐसा वंश है जो भारत में उच्च प्रजाति विविधता के लिए जाना जाता है।
- Data Deficient, IUCN श्रेणी है जिसका अर्थ है कि प्रजाति के बारे में पर्याप्त जानकारी उपलब्ध नहीं है।
- Floristic Survey वनस्पति विविधता को दर्ज करने का एक प्रमुख वैज्ञानिक तरीका है।
संरक्षण स्थिति और अनुसंधान की दिशा
उपलब्ध जानकारी के आधार पर ‘Strobilanthes riteshii’ को IUCN रेड लिस्ट के अंतर्गत ‘डेटा डिफिशिएंट’ (Data Deficient) के रूप में अस्थायी रूप से वर्गीकृत किया गया है। यह इस बात का संकेत है कि इस प्रजाति की वास्तविक जनसंख्या, वितरण और खतरों का आकलन करने हेतु और अधिक क्षेत्रीय अध्ययन की आवश्यकता है।
इस खोज पर आधारित विस्तृत वैज्ञानिक रिपोर्ट, जिसमें पौधे का रूपात्मक विवरण, वंश विश्लेषण और चित्रात्मक दस्तावेज शामिल हैं, Indian Journal of Forestry में प्रकाशित की गई है। यह भविष्य में संरक्षण कार्यों और पारिस्थितिकी अनुसंधान के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करेगी।
‘Strobilanthes riteshii’ की खोज यह साबित करती है कि भारत के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र आज भी प्रकृति के कई रहस्यों को समेटे हुए हैं, जिन्हें समझने और संरक्षित करने की दिशा में निरंतर प्रयास आवश्यक हैं।