अमोनियम नाइट्रेट पर भारत की कड़ी निगरानी: सुरक्षा और नियंत्रण के सख्त नियम

अमोनियम नाइट्रेट पर भारत की कड़ी निगरानी: सुरक्षा और नियंत्रण के सख्त नियम

भारत में अमोनियम नाइट्रेट (Ammonium Nitrate) को इसकी विस्फोटक क्षमता और दुरुपयोग की संभावनाओं को देखते हुए एक विशेष श्रेणी का विस्फोटक पदार्थ घोषित किया गया है। वर्ष 2012 में लागू नियमों के तहत इसके निर्माण, भंडारण, बिक्री और परिवहन के हर चरण पर सख्त नियामक नियंत्रण रखा गया है। यह कदम इसलिए आवश्यक माना गया क्योंकि यह रासायनिक पदार्थ कई बार विस्फोटक घटनाओं में दुरुपयोग किया जा चुका है।

विधिक ढांचा: विस्फोटक अधिनियम और औद्योगिक विनियमन कानून के तहत नियंत्रण

अमोनियम नाइट्रेट को Explosives Act 1884 के तहत बनाए गए Ammonium Nitrate Rules 2012 के अनुसार नियंत्रित किया जाता है। इसके साथ ही यह Industries (Development and Regulation) Act 1951 के तहत भी आंशिक रूप से विनियमित है, जिसके अंतर्गत इसके औद्योगिक निर्माण के लिए लाइसेंस जारी किए जाते हैं।इन नियमों में अमोनियम नाइट्रेट की द्वि-उपयोगीय प्रकृति (dual-use nature) को ध्यान में रखते हुए कई परतों वाला अनुमति तंत्र बनाया गया है ताकि इसके सुरक्षित और वैध उपयोग को सुनिश्चित किया जा सके।

लाइसेंस, भंडारण और अनुपालन प्रावधान

अमोनियम नाइट्रेट के निर्माण के लिए औद्योगिक संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) द्वारा लाइसेंस जारी किया जाता है, जबकि इसके उत्पादन, रूपांतरण, पैकेजिंग, परिवहन, आयात, निर्यात और भंडारण की अनुमति पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) प्रदान करता है।स्थानीय स्तर पर गोदाम या भंडारण की अनुमति जिला मजिस्ट्रेट (District Magistrate) द्वारा दी जाती है। सभी लाइसेंसधारकों को प्रत्येक माह सामग्री की प्राप्ति, उपयोग, नष्ट या हानि की रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होती है ताकि ट्रेसबिलिटी और निगरानी सुनिश्चित की जा सके।

दुरुपयोग का खतरा और विस्फोटक क्षमता

शुद्ध अमोनियम नाइट्रेट सामान्य परिस्थितियों में स्थिर होता है और इसे विस्फोट करने के लिए अत्यधिक तापमान या डेटोनेटर (detonator) की आवश्यकता होती है। किंतु जब इसे ईंधन (fuel) के साथ मिलाया जाता है, तो यह एक शक्तिशाली विस्फोटक मिश्रण अमोनियम नाइट्रेट फ्यूल ऑयल (ANFO) बन जाता है।ANFO का उपयोग खनन उद्योग में कानूनी रूप से किया जाता है, परंतु इसे कई आतंकी हमलों में भी दुरुपयोग किया गया है। इन घटनाओं के बाद भारत सरकार ने इसके नियमन और निगरानी को और सख्त किया है ताकि इसे गैरकानूनी गतिविधियों में मोड़ा न जा सके।

बहु-एजेंसी निगरानी और सुरक्षा समन्वय

अमोनियम नाइट्रेट के नियंत्रण में कई एजेंसियों की संयुक्त भूमिका है ताकि किसी स्तर पर लापरवाही या दुरुपयोग की संभावना न रहे। औद्योगिक स्वीकृति, विस्फोटक सुरक्षा जांच और स्थानीय भंडारण लाइसेंस जैसी व्यवस्थाएँ परस्पर समन्वय के साथ संचालित होती हैं।इन नियमों में निर्माताओं, विक्रेताओं और गोदाम संचालकों पर स्पष्ट जवाबदेही तय की गई है। यह बहुस्तरीय नियामक व्यवस्था राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ बनाती है और ऐसे रसायनों की अनधिकृत पहुँच को रोकती है जो उच्च-प्रभाव वाले हमलों में इस्तेमाल किए जा सकते हैं।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • अमोनियम नाइट्रेट को Ammonium Nitrate Rules 2012 के तहत Explosives Act 1884 में विनियमित किया गया है।
  • इसे भारत में विशेष श्रेणी का विस्फोटक (Special Category Explosive) माना गया है।
  • PESO द्वारा इसके निर्माण, परिवहन, आयात, निर्यात और स्वामित्व के लिए लाइसेंस जारी किए जाते हैं।
  • सभी लाइसेंसधारकों के लिए मासिक स्टॉक रिपोर्ट प्रस्तुत करना अनिवार्य है।

अमोनियम नाइट्रेट पर यह सख्त नियमन भारत की आंतरिक सुरक्षा नीति का एक अहम हिस्सा है, जिसका उद्देश्य औद्योगिक उपयोग और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संतुलन बनाते हुए किसी भी संभावित दुरुपयोग को रोकना है।

Originally written on November 14, 2025 and last modified on November 14, 2025.

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