अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप का 10% वैश्विक टैरिफ लागू करने का ऐलान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा उनकी ‘रेसिप्रोकल टैरिफ’ नीति को अवैध ठहराए जाने के कुछ ही घंटों बाद 10 प्रतिशत वैश्विक टैरिफ लागू करने की घोषणा की है। यह कदम अमेरिका की व्यापार नीति में बड़े बदलाव और न्यायिक हस्तक्षेप के बाद उत्पन्न तनाव को दर्शाता है। ट्रंप ने प्रेस वार्ता में कहा कि नया टैरिफ सेक्शन 122 के तहत लागू किया जाएगा और इसके अतिरिक्त सेक्शन 301 सहित अन्य प्रावधानों के अंतर्गत जांच भी शुरू की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से उन टैरिफों को निरस्त कर दिया, जिन्हें आपातकालीन शक्तियों के तहत लागू किया गया था। अदालत ने स्पष्ट किया कि इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट राष्ट्रपति को कांग्रेस की अनुमति के बिना टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं देता। मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने अपने फैसले में कहा कि संविधान के अनुसार कर और शुल्क लगाने की शक्ति केवल कांग्रेस को प्राप्त है।
यह निर्णय प्रशासन की व्यापार रणनीति के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि इससे कार्यपालिका की सीमाएं स्पष्ट हो गई हैं।
ट्रंप की प्रतिक्रिया और वैकल्पिक उपाय
फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने इसे “गहरा निराशाजनक” बताया और संकेत दिया कि वे अन्य कानूनी प्रावधानों के माध्यम से टैरिफ नीति को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने दावा किया कि नए तंत्र से और अधिक राजस्व प्राप्त किया जा सकता है।
हालांकि आर्थिक विश्लेषण बताते हैं कि टैरिफ का वास्तविक भार विदेशी सरकारों के बजाय अमेरिकी आयातकों और व्यवसायों पर पड़ता है। ये कंपनियां अक्सर बढ़ी हुई लागत को उपभोक्ताओं पर स्थानांतरित कर देती हैं, जिससे घरेलू महंगाई पर प्रभाव पड़ता है।
आर्थिक प्रभाव और राजस्व अनुमान
हालिया वित्तीय विश्लेषण के अनुसार, मध्यम आकार की अमेरिकी कंपनियों द्वारा चुकाए गए टैरिफ भुगतान पिछले एक वर्ष में तीन गुना तक बढ़ गए हैं। ये कंपनियां लगभग 4.8 करोड़ लोगों को रोजगार देती हैं। बढ़ती लागत के कारण कई कंपनियों ने कीमतों में वृद्धि, भर्ती में कटौती या मुनाफे में कमी जैसे कदम उठाए हैं।
कांग्रेसनल बजट ऑफिस ने अनुमान लगाया था कि मौजूदा टैरिफ से अगले दस वर्षों में लगभग 3 ट्रिलियन डॉलर का राजस्व प्राप्त हो सकता है। फिर भी यह राशि दीर्घकालिक बजट घाटे को पूरी तरह समाप्त करने के लिए पर्याप्त नहीं होगी।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
* अमेरिकी संविधान के अनुसार कर और टैरिफ लगाने की शक्ति कांग्रेस के पास होती है।
* इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट कार्यपालिका की व्यापार संबंधी शक्तियों को सीमित करता है।
* सेक्शन 301 अमेरिकी व्यापार अधिनियम का प्रावधान है, जो अनुचित विदेशी व्यापार प्रथाओं के खिलाफ कार्रवाई की अनुमति देता है।
* सामान्यतः टैरिफ का भुगतान आयातक कंपनियां करती हैं, न कि निर्यातक देश।
सुप्रीम कोर्ट ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि पहले वसूले गए टैरिफ की संभावित वापसी कैसे की जाएगी। नई कार्यकारी कार्रवाई की संभावना के बीच अमेरिकी व्यवसायों और वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बनी हुई है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच यह शक्ति संतुलन अमेरिकी व्यापार नीति को किस दिशा में ले जाता है।